रसायन वटी के फायदे एवं नुकसान और घटक जानें | Rasayan Vati Benefits and Side effects in Hindi

रसायन वटी: जैसा नाम से ही विदित हो रहा है ‘रसायन वटी’ अर्थात जो वटी पुरुषों की यौन दुर्बलताओं एवं मूत्रविकारों पर रसायन की तरह असर दिखाए | यह आयुर्वेदिक दवा है जिसे ‘राजवैद्य शीतल प्रसाद एवं सन्स’ फार्मेसी द्वारा निर्मित किया जाता है |

पुरुषों में धातु विकृति, यौन दुर्बलता एवं मूत्र संस्थान के अन्य विकारों में रसायन वटी का प्रयोग वैद्यों द्वारा किया जाता है | यह लौह भस्म, जसद भस्म, मुक्ता पिष्टी एवं स्वर्ण आदि रसायनों के संयोग से निर्मित होने वाली दवा है |

रसायन वटी

इस लेख में हम आपको रसायन वटी के फायदे, नुकसान, घटक एवं सेवन विधि के बारे में जानकारी देंगे | चलिए सबसे पहले जानते है इस दवा के घटक कौन – कौन से है अर्थात इसमें कौन कौन सी जड़ी बूटियों का समावेश है?

रसायन वटी के घटक | Ingredients of Rasayan vati in Hindi

इस आयुर्वेदिक औषधि के निर्माण में निम्न औषधियों का प्रयोग होता है –

  1. लौह भस्म (Loah Bhasma)
  2. स्वर्णमाक्षिक भस्म (Swarn Makshik Bhasma)
  3. स्वर्ण वंग भस्म (Swarn vang Bhasma)
  4. जसद भस्म (Yashad Bhasma)
  5. मुक्ता पिष्टी (Mukta Pishti)
  6. प्रवाल पिष्टी (Praval Pishti)
  7. अभ्रक भस्म (Abhrak Bhasma)
  8. अश्वगंधा (Ashwagandha)
  9. शतावरी (Shatavari)
  10. कौंच बीज शोद्धित (Kounch Beej)
  11. आमलकी रसायन (Amalki Rasayan)
  12. सफ़ेद मुसली (Safed Musali)
  13. सोंठ (Sonth)
  14. कालीमिर्च (Kali Mirch)
  15. पिप्पली (Pippali)
  16. दालचीनी (dalchini)
  17. ब्राह्मी (Brahmi)
  18. जायफल (Jayphal)
  19. अनंतमूल (Anantmul)
  20. गोखरू (Gokharu)
  21. मंजिष्ठा (Manjistha)
  22. भू आमलकी (Bhumi Amla)
  23. शिलाजीत (Shilajit)

रसायन वटी के फायदे | Benefits of Rasayan vati

रसायन वटी के निम्न फायदे है –

पुरुषों की यौन दुर्बलताओं में फायदेमंद – रसायन वटी पुरुषों में होने वाली यौन दुर्बलताओं को दूर करने का कार्य करती है | इसमें आमलकी, कौंच एवं अश्वगंधा जैसे घटक है जो सामान्य यौन दुर्बलताओं में अच्छा कार्य करती है | यह शरीर की दुर्बलता को प्राकृतिक रूप से दूर करके यौन स्वास्थ्य में सुधार करती है |

शीघ्रपतन में रसायन वटी है फायदेमंद – पुरुषों में विभिन्न कारणों से शीघ्र स्खलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है | जिसे रसायन वटी के सहयोग से आसानी से दूर किया जा सकता है | जायफल, कौंच, एवं प्रवाल पिष्टी जैसे घटक इसमें उपयोगी होते है | यह सहवास में समय बढ़ाने के लिए प्राकृतिक रूप से कार्य करती है |

इरेक्शन की समस्या में फायदे – रसायन वटी में कौंच, स्वर्ण माक्षिक, अभ्रक भस्म एवं मुक्ता शुक्ति पिष्टी जैसे घटक है जो पुरुषों में होने वाली इरेक्टाइल डिसफंक्शन में अच्छा कार्य करती है | इसके घटक का संयोग इस प्रकार से बनाया गया है जो सभी संभावित कारणों को ठीक करके इरेक्शन को लौटाने का कार्य करते है |

मूत्र संस्थान के विकार – मूत्र विकारों में भी रसायन वटी फायदेमंद है | इसमें गोखरू, अनंतमूल, अश्वगंधा, भूमि आमला एवं आमलकी रसायन उपस्थित है जो इसे उत्तम मूत्र संस्थान के विकार दूर करने वाली औषधि बनाते है |

शारीरिक क्षीणता में लाभदायक – रसायन वटी शारीरिक रूप से क्षीण रोगियों के लिए भी फायदेमंद है | यह रसायन की तरह दुर्बल एवं कमजोर व्यक्तियों के शरीर को बलिष्ठ बनाने का कार्य करती है | इसमें उपस्थित घटक अप्राकृतिक तत्वों एवं कारणों को दूर करके शरीर को बलिष्ठ करने का कार्य करते है |

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में फायदेमंद – रसायन वटी immunity power को बढ़ाने में भी अत्यंत लाभदायक है | यह आयुर्वेदिक रसायनों की तरह शरीर के रोगों से लड़ने की शक्ति का संचार करती है | लौह भस्म, अभ्रक भस्म, एवं यशद भस्म शरीर को अंदरूनी शक्ति प्रदान करते है एवं रोगों से लड़ने की शक्ति का संचार होता है |

पाचन को बढ़ाने में उपयोग – यह औषधि पाचक भी है | इसमें उपस्थित सौंठ, पिप्पली, दालचीनी पाचन को बढ़ाने का कार्य करते है | यह दवा के इफेक्ट्स को भी बढ़ाते है | साथ ही भूख न लगना, शरीर का पाचन ठीक न होने की समस्या में भी फायदेमंद है |

स्वप्नप्रमेह में फायदेमंद – यह आयुर्वेदिक दवा पुरुषों में धातुओं को मजबूती देती है एवं मूत्र नलिकाओं को साफ़ करके स्वप्न दोष जैसी समस्या में राहत प्रदान करती है | इस औषधि का प्रयोग वैद्यों द्वारा अन्य औषध योग के साथ स्वप्नदोष की समस्या में करते है |

खुराक एवं सेवन विधि | Dosage

इस दवा का प्रयोग वैद्य सलाह अनुसार 1 – 1 गोली दिन में दो बार दूध या जल के साथ सेवन किया जाता है | इसकी दोनों खुराक भोजन के पश्चात ही ली जाती है | सामान्यत: यह खुराक की मात्रा व्यस्क एवं बुजुर्गों के लिए समान है लेकिन रोग एवं रोगी की स्थिति के आधार पर आयुर्वेदिक चिकित्सक इसे बढ़ा एवं घटा भी सकते है |

रसायन वटी के नुकसान | Side effects of Rasayan Vati

रसायन वटी पूर्णत: सुरक्षित औषधि है | इसके कोई भी ज्ञात नुकसान नहीं है | इसका प्रयोग वैद्य सलाह अनुसार एवं निर्देशित मात्रा में करने पर कोई भी नुकसान प्रकट नहीं होते | लेकिन फिर भी अधिक खुराक से बचना चाहिए, क्योंकि निर्देशित मात्रा से अधिक मात्रा में सेवन करने पर सीने में जलन, मरोड़ एवं सिरदर्द जैसी समस्याएँ दिखाई दे सकती है |

अत: इस औषधि का प्रयोग आयुर्वेदिक चिकित्सक के दिशा निर्देशा अनुसार ही करना चाहिए |

सामान्य सवाल – जवाब

Q: क्या रसायन वटी क्लासिकल दवा है ?

Ans: जी नहीं, यह राजवैद्य फार्मेसी की फोर्मुलेटेड दवा है | इसका निर्माण 23 प्रकार के घटकों से मिलाकर किया गया है |

Q: रसायन वटी की सामान्य खुराक क्या है ?

Ans: इस आयुर्वेदिक दवा की सामान्य खुराक 1 – 1 गोली दिन में दो बार भोजन के उपरांत लेना होता है |

Q: क्या इसे बच्चों के लिए निर्देशित किया जा सकता है?

Ans: रसायन वटी, यौन दुर्बलताओं में उपयोग होने वाली दवा है | अत: बच्चों के लिए इस औषधि का उपयोग नहीं किया जाता |

Q: क्या बैद्यनाथ फार्मेसी की भी रसायन वटी आती है ?

Ans: बैद्यनाथ रसायन वटी नहीं बनाती, क्योंकि रसायन वटी राजवैद फार्मेसी की प्रोप्राइटरी दवा है |

Q: रसायन वटी का मूल्य (Price) क्या है ?

Ans: इसकी प्राइस 30 टेबलेट के लिए रूपए 235 है |

धन्यवाद |

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