desi nuskhe Archives - स्वदेशी उपचार

Category: desi nuskhe

दालचीनी 0

दालचीनी / Cinnamon के औषधीय गुणधर्म – जाने इसके फायदे एवं स्वास्थ्य उपयोग

दालचीनी (Cinnamon in Hindi) – भारतीय रसोई में भोजन का स्वाद एवं रूचि बढ़ाने के लिए दालचीनी का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है | लेकिन दालचीनी को एक मसाला ही मानना गलत होगा...

कुलथी 0

कुलथी के गुणधर्म, फायदे एवं 7 बेहतरीन स्वास्थ्य लाभ

कुलथी क्या है – दक्षिण भारत में कुलथी का प्रयोग बहुतायत से किया जाता है | इसकी दाल बनाकर एवं अंकुरित करके अधिक प्रयोग में लेते है | आयुर्वेद में कुलथी को मूत्र विकार...

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गर्मी में दस्त रोकने के 3 बेहतरीन औषधीय योग एवं 10 आसान और प्रमाणिक घरेलु उपाय

गर्मी में दस्त रोकने के उपाय :- अगर आप दस्त लगने की समस्या से झुझ रहे है तो यह लेख आपके लिए है | आयुर्वेद में कई एसी विद्याएँ एवं औषधीय योग है जो...

चक्रमर्द 0

चक्रमर्द || दाद, खाज-खुजली, रक्त विकृति एवं विष विकृतियों में लाभदायक औषधि |

चक्रमर्द  भारत के उष्ण प्रदेशों में अधिकांस चक्रमर्द के पौधे वर्षा ऋतू आने पर अपने आप उग जाते है | इसे विभिन्न क्षेत्रों में अलग – अलग नामों से जाना जाता है जैसे –...

भूख बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा एवं घरेलु नुस्खे 0

भूख बढ़ाने के लिए अपनाये इन 9 आयुर्वेदिक दवा एवं 5 घरेलु नुस्खों को

भूख बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवा : भूख न लगना या कम लगना एक सामान्य समस्या है | वैसे यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है, लेकिन अगर आपका स्वास्थ्य अन्य...

मर्दाना ताकत बढाने के उपाय 0

मर्दाना ताकत बढ़ाने के उपाय | मर्दाना कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक योग

मर्दाना ताकत बढ़ाने के उपाय आज के समय में हर उम्र के लोग इस समस्या से झुझते दिखाई पड़ते है | चाहे 20 साल का युवा हो या 40 की उम्र का प्रोढ़ व्यक्ति...

शिवलिंगी बीज 0

शिवलिंगी बीज के औषधीय गुण एवं उपयोग – पुत्र जीवक बीज या गर्भ ठहराने में लाभदायक

शिवलिंगी बीज  परिचय – शिवलिंगी बरसात में पैदा होने वाली एक लता है | जो समस्त भारत वर्ष में बाग़ – बगीचों में देखि जा सकती है | यह चमकीली एवं चिकनी बेल होती...

कचनार 0

कचनार ( Bauhinia variegata) का पूर्ण परिचय, औषधीय गुण एवं इसके फायदे जाने

कचनार (Bauhinia variegata) परिचय – कचनार को संस्कृत में कांचनार , चमरिक (चमर के समान पुष्प वाला) एवं युग्मपत्रक आदि नामों से जाना जाता है | सम्पूर्ण भारत में इसके वृक्ष देखने को मिल...

सेमल 0

सेमल (Bombax ceiba) – मर्दानगी, प्रदर एवं खुनी बवासीर में फायदेमंद औषधि |

सेमल (Bombax Ceiba)  परिचय : सेमल के पेड़ को कॉटन ट्री भी कहा जाता है | इसके फलों के पकने पर उसमे से मुलायम रुई प्राप्त होती है जिसका प्रयोग गद्दे या तकियों को...

पीलिया 0

पीलिया रोग (Viral Hepatitis) – कारण, लक्षण, इलाज एवं आहार (पीलिया में क्या खाएं)

पीलिया (Jaundice in Hindi) परिचय – पीलिया यकृत की विकृति अर्थात यकृत के रोगग्रस्त होने के कारण होने वाला रोग है | यकृत के रोग ग्रस्त होने के बाद सबसे पहले लक्षण के रूप...