फल घृत (Phal Ghrita in Hindi) – गर्भ पोषण में सहायक आयुर्वेदिक घी

फल घृत (Phal Ghrita): जी हां, आज हम यहां आपको आयुर्वेद की एक औषधि अर्थात एक घृत (घी) के बारे में बताएंगे जो बार-बार होने वाले गर्भपात को तो रोकता ही है साथ ही में गर्भ का पोषण भी करता है | जिससे की सुंदर, स्वस्थ, व हष्ट-पुष्ट संतान उत्पन्न हो सके।

जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि यह सामान्य घी ना होकर फलों का घी है अर्थात फलों द्वारा तैयार किया जाने वाला घी या घृत है, जिसे फल घृत कहते है |

आचार्य शांर्डंग़धर के अनुसार अनेक सन्तान रहित स्त्रियों को इस घृत का कुछ महीनों लगातार सेवन करने से संतान उत्पन्न होते हुए देखा गया है।

इस लेख में हम आपको फल घृत के घटक द्रव्यों अर्थात यह कौन – कौन सी औषधियों से तैयार किया जाता है | इसे बनाने की विधि तथा इससे होने वाले फायदों व सेवन विधि के बारे में विस्तार से बताएंगे तो चलिए जानते हैं

फल घृत के घटक द्रव्य | Ingredients of Phal Ghrita

इसे बनाने के लिए निम्न औषधियों को उपयोग में लिया जाता है।

  • मंजीठ (Manjistha)
  • मुलेठी (Mulethi)
  • कूठ (Kooth)
  • हरड़ (Harad)
  • बहेड़ा (Baheda)
  • आंवला (Amla)
  • दालचीनी (Dalchini)
  • अजवायन (Ajwain)
  • हल्दी (Haldi)
  • दारूहल्दी (Daruharidra)
  • हींग (Hing)
  • कुटकी (Kutaki)
  • नीलोफ़र (Nilophar)
  • श्वेतकमल फूल (Kamal Phool)
  • चन्दन (Chandan)
  • महामेदा (Mahameda)
  • काकोली (Kakoli)
  • क्षीरकाकोली (Kshir Kakoli)
  • मुनक्का (Munnaka)
  • अश्वगंधा (Ashwagandha)
  • खरेंटी (Kharenti)
  • शतावरी (Shatavari)
  • गाय का घी (Cow Ghee)

फल घृत कैसे बनाया जाता है ?

प्रत्येक औषध द्रव्यों को 1-1 तोला ले, उसके बाद इन्हें कूटकर, छानकर चूर्ण बना लें, इस चूर्ण को जल में पीसकर कल्क बना ले। फिर इस कल्क में, गाय का घी 118 तोला मिलाकर पकाने के लिए शतावरी का रस 512 तोला और गाय का दूध 512 तोला सबको एकत्रित कर मिलाकर पाक करें अर्थात मंद आंच पर पकाएं।

जब घी(घृत) मात्र शेष रहे तब इसे छानकर कांच के बर्तन में भर ले इस प्रकार फल घृत तैयार है। अतः आचार्यों का मानना है कि इस प्रकार तैयार फल घृत गर्भ पोषण में कारगर होता है।

फल घृत के उपयोग व फायदे | Benefits of Phal Ghrita

आर्तव व वीर्य दोषों को दूर करने में उपयोगी – इस घृत में गुणकारी औषधियों शतावरी और अश्वगंधा का कल्क होने के कारण इसमें विशेष गुण उत्पन्न हो जाते हैं जिस कारण यह स्त्री और पुरुष दोनों को ही लगातार कुछ दिन तक सेवन कराने से स्त्रियों में आर्तव की मात्रा कम या ज्यादा होना, आर्तव का समय पर ना आना या आर्तव का कष्ट के साथ आना आदि |

शीघ्रपतन में उपयोगी – पुरुषों में शीघ्रपतन का होना, काम शक्ति की इच्छा ना होना आदि दोषों को दूर करता है क्योंकि शतावरी स्त्रियों की गर्भाशय कमजोरी को दूर करता है और अश्वगंधा पुरुषों में थकावट को दूर करके काम उत्तेजना को तेज करता है तथा हींग शरीर में दर्द को दूर करता है जिससे आर्तव का दर्द रहित होना शुरू हो जाता है।

गर्भपात को रोकने में सहायक – फल घृत जिस स्त्री को बार-बार गर्भपात होता हो या मरे हुए अथवा अल्प आयु बालक पैदा होता हो या फिर एक बार सन्तान होने के बाद फिर संतानोत्पत्ति ना हो या गर्भ नहीं रहता हो उस स्त्री को फल घृत का सेवन लगातार कुछ महीनों तक करने से बुद्धिमान, दीर्घ आयु तथा हष्ट – पुष्ट बच्चा पैदा होता है। प्राचीन समय से ही घी का उपयोग शरीर को निरोगी रखने के लिए किया जाता रहा है। फलघृत में गाय का घी और फलों का घी मिलने के कारण यह और भी गुणकारी हो जाता है और शरीर को ऊर्जावान बनाता है।

गर्भ के पोषण में सहायक – कई बार स्त्री के गर्भ तो ठहर जाता है परंतु सही पोषण न मिलने के कारण गर्भाशय में गर्भ बढता नहीं है और वापिस सिकुड़ने लगता है जिस कारण असमय में ही गर्भपात हो जाता है और गर्भाशय कमजोर हो जाता है। जिस कारण बार-बार यही स्थिति उत्पन्न होती रहती है। इस स्थिति को दूर करने के लिए स्त्री को लगातार कुछ महीनों तक फल घृत का सेवन करना चाहिए जिससे गर्भाशय की कमजोरी दूर हो जाएगी और गर्भ का पोषण भी उचित प्रकार से होने के कारण गर्भपात नहीं होगा।

कामेच्छा बढ़ाने में सहायक – कई बार स्त्री और पुरुष दोनों ही द्वारा असमय में की गई गलतियों के कारण दोनों में ही कामेच्छा खत्म हो जाती है।जिस कारण उनका पारिवारिक जीवन सुखमय नही रहता है। फल घृत में चन्दन, मंजीठ जैसे उग्र औषधियों के कारण स्त्री और पुरुष दोनों ही अपनी खोई हुई ताकत व कामेच्छा को पुनः पर्याप्त कर सकते हैं और अपना पारिवारिक जीवन सुखमय बना सकते हैं।

फल घृत को खाने की मात्रा कितनी है ? | Phal Ghrita Dosage

फल घृत को सामान्य घृत की तरह नहीं खाया जाता | इसकी खुराक 5 से 10 ग्राम तक अपनी अग्नि अनुसार सेवन किया जाता है | फल घृत को दूध में मिलाकर या सीधा ही चाट कर खाना चाहिए | प्रकृति अनुसार मात्रा एवं अनुपान के लिए वैद्य सलाह लेना सर्वोपरि है |

सामान्य सवाल – जवाब | FAQ

Q: फल घृत क्या है ?

Ans: फल घृत एक प्रकार का आयुर्वेदिक घी है जिसका निर्माण विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियों एवं गाय के घी से किया जाता है |

Q: क्या फल घृत शास्त्रोक्त औषधि है ?

Ans: जी हाँ, फल घृत आयुर्वेद की शास्त्रोक्त घृत प्रकरण की दवा है | इसे आप मेडिकेटिड घी कह सकते है |

Q: फल घृत का मूल्य क्या है ?

Ans: बाजार में विभिन्न आयुर्वेदिक फार्मेसी के फल घृत उपलब्ध हैं | जैसे पतंजलि फल घृत 200 ग्राम का मूल्य रूपए 335 है |

Q: क्या फल घृत महिला और पुरुष दोनों के लिए उपयोगी है ?

Ans: जी हाँ, फल घृत महिला एवं पुरुष दोनों के लिए फायदेमंद है |

Q: फल घृत के फायदे क्या है ?

Ans: यह महिलाओं के गर्भ का पोषण, कमर दर्द, अनियमित माहवारी की समस्या एवं इनफर्टिलिटी को दूर करने में फायदेमंद है | पुरुषों के धातु दुर्बलता एवं वीर्य कमजोरी को दूर करता है |

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