विदार्यादि चूर्ण : वीर्य वर्धन, स्तंभक एवं कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए

विदार्यादि चूर्ण में प्रधान द्रव्य विदारीकंद है, जो बल एवं वीर्य बढाने के लिए बहुत उपयोगी जड़ी बूटी के रूप में जाना जाता है | विदारी कंद के कंद का चूर्ण ही औषध प्रयोग में लिया जाता है | यह पुरुषो के लिए एक उत्तम बलवर्द्धक , वीर्य वर्द्धक और शुक्रमेह को रोकने वाली औषधि है | वात , पित्त , शोथ , धातुक्षय , कमजोरी, शीघ्रपतन , नपुंसकता और यौन दुर्बलता में इसका रसायन की तरह उपयोग करने से 100% परिणाम प्राप्त होता है |

विदार्यादि चूर्ण क्या है एवं इसके घटक ?

दोस्तों विदार्यादि चूर्ण आयुर्वेद में चूर्ण प्रकरण की औषधि है जिसमे प्रधान द्रव्य विदारीकंद होता है | यह औषधि खास तौर पर पुरुषों के लिए ही है | इसके सेवन से बल एवं वीर्य की वृद्धि होती है | यह धातुओं का वर्द्धन करता है एवं शारीरिक कमजोरी को दूर करके रस, मांस एवं शुक्रधातु की वृद्धि करता है | अगर आप यौन कमजोरी एवं बीमारी आदि के कारण शक्तिविहीन शरीर को ठीक करना चाहते है तो विदार्यादि चूर्ण आपके लिए बहुत उपयोगी औषधि है |

विदार्यादि चूर्ण के घटक द्रव्य :-

इन सभी जड़ी बूटियों को समान मात्रा में लें |

विदार्यादि चूर्ण कैसे बनायें / विदार्यादि चूर्ण बनाने की विधि

यह चूर्ण बहुत आसानी से बन जाता है | इसमें ऊपर बतायी जड़ी बूटियां आप पंसारी से ले सकते हैं, ये आसानी से उपलब्ध हैं |

  • विदार्यादि चूर्ण को बनाने के लिए उपर बताई गयी सभी जड़ी बूटियों को समान मात्रा में लें |
  • इन सभी जड़ी बूटियों का चूर्ण बना लें |
  • इस चूर्ण को मिला लें |
  • इस मिश्रण को अब छान लें |
  • किसी शीशे के पात्र में सुरक्षित रख लें |
  • इस तरह से उत्तम शक्तिवर्धक विदार्यादि चूर्ण तैयार हो जाता है |

सेवन या अनुपान कैसे करें ?

तीन माशा की मात्रा में खाने से पहले गाय के गुनगुने दूध के साथ लें | इसका सेवन दिन में दो बार करें |

विदार्यादि चूर्ण के फायदे एवं उपयोग

इस चूर्ण के सेवन से वीर्य वृद्धि होती है एवं यह स्तंभक है | जिन पुरुषों को वीर्य के पतले होने की शिकायत है उनके लिए यह औषधि रामबाण के समान है | इसके फायदे इस प्रकार है :-

  • यह उत्तम बल एवं वीर्यवर्धक है |
  • इसके सेवन से वीर्य वाहिनी नाड़ी को बल मिलता है |
  • यह कामोत्तेजना बढ़ाती है |
  • जिन पुरुषों शीघ्रपतन की शिकायत है उनके लिए भी यह उपयोगी है |
  • यह स्तंभक है |

विदार्यादि चूर्ण के नुकसान / सावधानियां

यह औषधि गुरुपाकी अर्थात देर से पचने वाली है | अतः इसका सेवन कमजोर पाचन वाले पुरुषों को नहीं करना चाहिए | इसका सेवन हमेशा खाना खाने से आधा एक घंटा पहले करें और गाय के दूध के साथ सेवन करें |

धन्यवाद

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