युवाओं के लिए अभिशाप बनती यौन कमजोरियां और गलत अवधारणा |

संभोग क्रिया हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग है, इस पृथ्वी पर मौजूद सभी जीव किसी न किसी तरह से संभोग करते हैं | यह इस ब्रह्माण्ड के संचालन के लिए एक आवश्यक क्रिया है | उम्र बढ़ने के साथ शिशु जब किशोरावस्था में कदम रखता है तो उसके शरीर में बहुत से बदलाव होते हैं और हार्मोन्स काम करना शुरू कर देते हैं | इस अवस्था में किशोर सहज रूप से विपरीत लिंग की तरफ आकर्षित होता है और कामेच्छा जागृत होती है | यौन संतुष्टि के लिए लिंग में प्रयाप्त तनाव (सख्ती) और अधिक संभोग समय होना बहुत जरुरी है | सहवास के समय स्त्री पुरुष एक दुसरे को संतुष्ट कर पाते हैं तो वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है |

यौन कमजोरी
यौन कमजोरी

यौन कमजोरियों से झुझता युवा वर्ग और गलत अवधारणाए

वर्तमान समय में हमारी जीवन शैली बहुत ख़राब हो गयी है | असंतुलित व असमय भोजन करना, काम की अधिकता, मानसिक तनाव, पाचन शक्ति कमजोर होने एवं नशे की अधिकता के कारण बहुत से रोगों ने हमे घेर लिया है | यौन कमजोरी जिसमें लिंग का ढीलापन, टेढ़ापन, शीघ्रपतन, नपुंसकता एवं धातु रोग आते हैं, युवाओं के लिए बहुत भयानक है | इन रोगों के कारण व्यक्ति के मन में बहुत कुंठा की भावना पैदा हो जाती है | एक सर्वे में पाया गया है की अधिकतर युवा इन्टरनेट पर निम्न सवालों के जवाब खोजते रहते हैं :-

  • लिंग का ढीलापन कैसे दूर करें ?
  • Penis को सख्त और बड़ा करने का आयुर्वेदिक उपचार क्या है ?
  • हथियार बढाने का उपचार बताएं ?
  • नसों की कमजोरी की दवा क्या है ?
  • मेरा लिंग छोटा है और तनाव नहीं होता इसका उपाय बताएं ?
  • क्या Penis (लिंग) को मोटा किया जा सकता है ?
  • लिंग का ढीलापन दूर करने के लिए पतंजलि की कोनसी दवा है ?
  • अधिक समय तक सेक्स करने के लिए आयुर्वेदिक दवा का नाम क्या है ?
  • लिंग मोटा लंबा करने का तरीका क्या है ?
  • Penis की नसों का आयल (तेल) कोनसा है ?
  • पत्थर जैसा सख्त करने के लिए आयुर्वेदिक दवा क्या है ?
  • शीघ्रपतन दूर करने के लिए आयुर्वेदिक तेल ?
  • लिंग की सख्ती बढाने के लिए तेल (आयल) ?
  • सांडा का तेल क्या होता है ?
  • लिंग को बड़ा मोटा करने का रामबाण उपाय क्या है ?
  • नामर्दी की सबसे अच्छी दवा का नाम |

इस तरह से यौन रोगों की जानकारी के अभाव में और इन्टरनेट पर अश्लील विज्ञापनों के कारण लोग तरह तरह की दवाओं और तेलों का उपयोग करने लग जाते हैं | आम तौर पर देखने को मिलता है कि “लिंग को लंबा और मोटा कैसे किया जाए” जैसे खयाल युवा के मन में रहते हैं | और इन्ही खयालों और जानकारी के अभाव का फायदा उठा कर कंपनियां इस तरह के उत्पाद बेचती हैं, जिनसे लम्बा मोटा तो नहीं होता बल्कि और अधिक कमजोरी या दुष्प्रभाव हो जाता है | इसलिय इस तरह के विज्ञापनों से बचना चाहिए और विश्वसनीय वाजीकारक औषधियों और तेल का उपयोग करना चाहिए जिससे किसी प्रकार का दुष्प्रभाव न हो |

अपनी यौन समस्याओं को पहचानें और गलत अवधारणा से बचें |

इन्टरनेट पर उपलब्ध जानकारी कभी कभी हमें बहुत गलत दिशा में ले जाती है | यह तो सच है की वर्तमान समय में अधिकांश लोग खासकर पुरुष यौन कमजोरियों का शिकार हैं, लेकिन कुछ ऐसे खयाल आजकल युवाओं के मन में देखने को मिलते हैं जो बिल्कुल भी प्रासंगिक नहीं हैं | जैसे :-

लिंग को मोटा लम्बा करने वाली दवा
भड़काऊ विज्ञापन
  • मेरा लिंग बहुत छोटा है, इसे लम्बा और मोटा कैसे करूं ?
  • क्या मैं इस छोटे लिंग से अपने पार्टनर को खुश कर पाउँगा ?
  • ज्यादा बड़ा लिंग अधिक यौन सुख देता है ?
  • मेरा लिंग टेढ़ा है इसे सीधा कैसे करूं ?
  • लिंग बड़ा करने की पतंजलि की दवा कोनसी है ?
  • 1 घंटे तक सेक्स करने की आयुर्वेदिक दवा का नाम ?
  • Penis को मजबूत और बड़ा करने का आयुर्वेदिक तेल ?
  • ज्यादा देर तक सेक्स करने का घरेलु उपाय क्या है ?

इस तरह के सवाल अगर आप के मन में आते हैं तो आपको सचेत हो जाना चाहिए और यौन रोगों के बारे में सही जानकारी का पता करना चाहिए | इससे आपको पता लगेगा की क्या सच में आपको कोई समस्या है या सिर्फ आपके मन का वहम है |

अपनी यौन कमजोरियों को पहचानें और सही इलाज लें |

अगर आपको अपने रोग या कमजोरी का नहीं पता होगा तो आप इसका सही इलाज भी नहीं ले पाएंगे | अधिकांशतः व्यक्ति यौन रोगों की दवा ऑनलाइन या बिना चिकित्सक की सलाह के ही लेना पसंद करते हैं क्योंकि उनके मन में झिझक और शर्म की भावना घर कर लेती है | ऐसे में अगर समस्या की सही पहचान न होतो लाभ की जगह नुकसान भी हो सकता है | आइये जानते हैं यौन रोगों के बारे में :-

यौन कमजोरी और आयुर्वेद
यौन कमजोरी और आयुर्वेद
  • धातु रोग :- बिना संभोग क्रिया के या यौन उत्तेजना के अगर वीर्य का स्राव होता है तो यह रोग धातु रोग कहलाता है | कभी कभी पेशाब के बाद या साथ में भी धात निकलता रहता है | इस समस्या के कारण रोगी बहुत दुबला पतला हो जाता है और खाया पिया कुछ नहीं लगता शरीर में |
  • स्वप्नंदोष :- यह भी एक तरह से धातु रोग ही है | कामोत्तेजक सपना आना और नींद में वीर्य स्खलन हो जाना स्वप्नदोष कहलाता है | अगर नियमित रूप से स्वप्नदोष होने लग जाये तो बहुत हानिकारक होता है |
  • मानसिक नपुंसकता :- इस रोग में कामेच्छा की कमी हो जाती है | यानि यौन इच्छा नहीं होती और इस वजह से तनाव नहीं होता है | यह दिनचर्या से जुडी बीमारी है | काम की अधिकता, मानसिक तनाव एवं हार्मोन्स के असंतुलन से यह रोग हो जाता है |
  • शारीरिक नपुंसकता :- लिंग में शिथिलता आ जाने से, किसी अन्य रोग के प्रभाव के कारण, वियाग्रा जैसे ड्रग्स के दुष्प्रभाव से और अत्यधिक हस्तमैथुन के कारण यह रोग हो जाता है | इसमें कामेच्छा होने के बावजूद लिंग में तनाव नहीं हो पाता है |
  • शीघ्रपतन :- बहुत जल्दी स्खलन हो जाना (1 से 5 मिनट से कम समय में ) या योनी में प्रवेश करने से पहले ही वीर्य गिर जाना शीघ्रपतन कहलाता है | यह वर्तमान समय में बहुत अधिक देखने को मिलता है और अधिकांश समय इस रोग में यही शिकायत रहती है की कोई दवा असर नहीं कर रही है | विर्यवाहिनी नाडी ढीला पड़ जाने, पाचन में खराबी, अधिक चंचलता एवं मानसिक कारणों से यह समस्या होती है |

सही एवं उपयोगी दवा की पहचान कैसे करें ?

यौन रोगों में सबसे बड़ी समस्या यह होती है की आप किसी से अपनी समस्या बताते नहीं है और न ही चिकित्सक के पास जाते हैं | सुनी सुनायी बातो और इन्टरनेट पर विज्ञापनों को देख कर कोई भी दवा का सेवन करने लग जाते हैं इससे कभी कभी लाभ की बजाय नुकसान हो जाता है | अधिकतर समय ऐसा देखने को मिलता है लोग अश्लील एवं भड़काऊ विज्ञापनों वाली दवाओं (जैसे एक सप्ताह में लम्बा और मोटा करें, सेक्स समय १ घंटे तक बढ़ाएं) का इस्तेमाल करने लग जाते हैं | ये दवाएं विश्वसनीय नहीं होती और इनके चक्कर में आप अपना पैसा गँवा देते हैं |

आयुर्वेद में रोगानुसार दवा एवं आहार का सेवन करना बहुत आवश्यक होता है नहीं तो उचित लाभ नहीं मिलता है | यानि शीघ्रपतन और नपुंसकता रोगों में अलग अलग दवा काम करेगी, और आहार विहार भी अलग होगा | आइये जानते हैं किस रोग में कोनसी दवा का उपयोग करें :-

  • मानसिक नपुंसकता में :- इस रोग में उन जड़ी बूटियों एवं औषधियों का सेवन करना चाहिए जो कामोत्तेजना बढाने वाली हों |
  • धातु रोग में :- धातु की दुर्बलता में धातु को पुष्ट करने वाली एवं शीत वीर्य वाली औषधियों का सेवन करना ज्यादा लाभदायक रहता है |
  • नपुंसकता एवं इन्द्रिय शिथिलता में :- इस रोग में उष्ण वीर्य वाली एवं स्नायुं संकोचक औषधियों का सेवन करना लाभदायक होता है |
  • शीघ्रपतन में :- इस रोग में वीर्य बढाने वाली, विर्यवाहिनी नाड़ी को पुष्ट करने वाली और शीत वीर्य वाली औषधियों का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद होता है |

यौन रोगानुसार औषधियों का विवरण :-

कामेच्छा की कमी में :- इस रोग में कामोत्तेजक औषधियां जैसे कामाग्नि संदीपन रस, कामेश्वर मोदक, कौंच पाक आदि लाभकारी होते हैं |

नपुंसकता में :- नपुंसकता में उष्ण वीर्य वाली एवं प्रवाही औषधियां अधिक फायदेमंद रहती हैं | लिंग की नसों को मजबूत करने वाली दवा इस रोग में बहुत कारगर साबित होती है | इसमें कामसुधा योग, वृह्नी गुटिका, मेदादी योग जैसी दवाएं बहुत असरदार हैं |

शीघ्रपतन में :- शीघ्रपतन में धातु को पुष्ट करने वाली और नाड़ी को मजबूत करने वाली औषधियां उपयोगी होती हैं | इसमें धतुपौष्टिक चूर्ण, बल्यवर्धक पाक, कामसुधा योग, बादाम पाक एवं वंगेश्वर रस आदि औषधियां लाभदायक हैं |

धातु रोग में :- धात गिरने की समस्या, धातु क्षीणता एवं स्वप्नदोष में धातुपौष्टिक चूर्ण, मूसली पाक, वाजीकरण घृतं आदि कारगर होते हैं |

ध्यान रखने योग्य बात :- कोई भी औषधि चमत्कार नहीं कर सकती आपको अपनी दिनचर्या और खान पान बेहतर करना होगा तभी दवा का असर पूर्ण रूप से होगा | उन औषधियों का उपयोग बिल्कुल न करें जो लिंग को बड़ा और मोटा करने का दावा करती हैं | आप वाजीकरण औषधियों का सेवन करके अपना स्खलन समय बढ़ा सकते हैं, नसों का ढीलापन दूर कर सकते हैं, कामोत्तेजना बढ़ा सकते हैं और धात को पुष्ट कर सकते हैं लेकिन लिंग को बड़ा मोटा और सेक्स टाइम १ घंटे तक कर देने वाली कोई दवा नहीं आती है |

धन्यवाद |

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