कामाग्नि संदीपन रस से मानसिक नपुंसकता दूर करें !

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दोस्तों ,कामाग्नि संदीपन रस (Kamagni Sandipan Ras) के बारे में बात करने से पहले यौन कमजोरियों के बारे में जान लेना जरुरी है | आधुनिक समय में युवाओं में यौन कमजोरियां बहुत बड़ी समस्या हो गयी है | व्यस्त एवं ख़राब दिनचर्या, दूषित खान पान और अंग्रेजी दवाएं इनके लिए जिम्मेदार हैं | यौन समस्याओं में नपुंसकता सबसे बड़ी बीमारी है |

कामाग्नि संदीपन रस
कामाग्नि संदीपन रस

नपुंसकता दो तरह की होती है :-

  • शारीरिक नपुंसकता (Erectile Dysfunction)
  • मानसिक नपुंसकता (Psychogenic ED)

शारीरिक नपुंसकता :- यह वो स्थिति है जब पुरुष प्रजनन अंग में आंशिक या पूर्ण दुर्बलता के कारण इरेक्शन (सख्ती) न होता है | मन में यौन क्रियाओं के विचार होने पर भी पुरुष इस काबिल नही होता है की वह यौन सम्बन्ध बना पाए |

मानसिक नपुंसकता :- यह एक विपरीत स्थिति है | इसमें व्यक्ति शरीर से तो पुर्णतः स्वस्थ होता है लेकिन उसके मन में काम भावना का अभाव होता है | और इस कारण वह यौन क्रिया में कोई दिलचस्पी नही रखता एवं यौन सुख से वंचित रहता है | कामाग्नि संदीपन रस इस समस्या का विश्वसनीय आयुर्वेदिक उपचार है |

कामाग्नि संदीपन रस से मानसिक नपुंसकता का इलाज
मानसिक नपुंसकता

कामाग्नि संदीपन रस के फायदे, घटक एवं बनाने की विधि |

शुक्रवाहिनी नाड़ी को बल देने वाला यह रसायन मन में काम भावना जागृत करने के लिए बहुत उपयोगी औषधि है | यह मन में उत्तेजना पैदा करता है | इसी कारणवश यह मानसिक नपुंसकता में बहुत फायदेमंद औषधि का काम करता है | कामाग्नि संदीपन रस के फायदों के बारे में जानने से पहले जानते हैं इसके घटक द्रव्यों के बारे में :-

घटक द्रव्य (Ingredients) :-

  • शुद्ध पारा
  • हिंगुल
  • शोधित गंधक
  • शुद्ध मैनशिल
  • धतूरे के बीज, अदरक, जयंती और भांगरे का रस – भावना देने के लिए
  • इलायची, जावित्री, शुद्ध कपूर
  • कस्तूरी, मिश्री
  • काली मिर्च, असगंध

कामाग्नि संदीपन रस बनाने की विधि जाने |

इस रसायन को बनाने के लिए पारा, गंधक एवं हिंगुल जैसे खनिजों का इस्तेमाल होता है | इसलिए ध्यान रखें की ये सभी खनिज शोधित हों | कामाग्नि संदीपन रस बनाने के लिए निम्न विधि का इस्तेमाल करें :-

  • सर्वप्रथम पारा एवं गंधक (शोधित) की कज्जली बना लें |
  • अब इसमें अन्य खनिजों का चूर्ण मिला दें |
  • इस मिश्रण को धतूरे के बीज, अदरक, जयंती एवं भांगरे के रस से सात सात बार भावना दें |
  • अब इस मिश्रण का शीशी में भरकर 6 दिन तक बालुका यन्त्र में पाक दें |
  • जब ये ठंडा हो जाये तो इसमें बाकि सभी जड़ी बूटियों का चूर्ण मिला दें |
  • इस प्रकार उत्तम श्रेणी का कामाग्नि संदीपन रस बन के तैयार हो जाता है |

आइये अब जानते हैं कामाग्नि संदीपन रस के फायदों के बारे में |

यह समस्त इन्द्रियों को सुख देने वाला रसायन है | इस औषधि का सेवन करने से मन में उत्तेजना का संचार होता है एवं व्यक्ति यौन सुख की प्राप्ति करता है | इसके उपयोग से निम्न लाभ होते हैं :-

  • यह काम की वृद्धि करता है |
  • इसके सेवन से बल एवं ओज की प्राप्ति होती है |
  • यह वातवाहिनी नाड़ी को बल देता है |
  • इसके उपयोग से शुक्रवाहिनी नाड़ी को बल मिलता है |
  • मानसिक नपुंसकता को खत्म करने की क्षमता रखता है |
  • यह उत्तेजना पैदा करता है |
  • अगर किसी में काम भावना की कमी हो तो इसका सेवन बहुत फायदेमंद है |
  • यह सभी इन्द्रियों को आनंद देने वाला रसायन है |

कामाग्निसंदीपन रस का सेवन कैसे करें ?

यह रसायन यौन कमजोरियों में बहुत उपयोगी दवा का काम करता है | इसका रोजाना 350 मिलीग्राम की मात्रा में सेवन करना चाहिए | ध्यान रखें इसका सेवन करते समय दूध, मक्खन, शहद एवं फलों आदि पौष्टिक चीजों का सेवन करना चाहिए |

यहाँ पर दी गयी जानकारी कोई चिकित्सकीय सलाह नहीं है | किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले चिकित्सक की उचित सलाह जरुर लें |

अगर आपको यहाँ दी गयी जानकारी उपयोगी लगे तो हमें कमेंट करके जरुर बताएं | धन्यवाद !

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