मर्दाना ताकत के लिए 10 सबसे शक्तिशाली जड़ी बूटी के नाम, गुण, उपयोग की जानकारी

आज के इस दौर में चाहे युवा हों या बुजुर्ग अपनी मर्दाना ताक़त को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं | मर्दाना ताकत का मतलब सिर्फ यौन क्षमता या सेक्स पॉवर समझ लिया जाता है जबकि इसका अभिप्राय मानसिक एवं शारीरिक रूप से एक पुरुष कितना स्वस्थ है होता है | इन्टरनेट की इस दुनिया में आम तौर पर पुरुषों को मर्दाना ताकत बढ़ाने के उपाय खोजते देखा जाता है | एक सर्वे के अनुसार ” मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी ” “मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए सबसे शक्तिशाली जड़ी बूटी कौनसी है” “मर्दाना ताकत बढाने वाली जड़ी बूटी के नाम बताओ” आदि बातों के बारे में अधिकतर पुरुष इन्टरनेट पर खोजते रहते हैं |

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जड़ी बूटी या वनस्पति प्रकृति द्वारा प्रदत वो खजाना है जिसका उपयोग प्राचीन काल से ही चिकित्सा के क्षेत्र में होता आ रहा है | छोटे से छोटे रोग से लेकर कैंसर जैसे जटिल रोग की रोकथाम में जड़ी बूटियों का उपयोग किया जाता है | आयुर्वेद में रोगों के आधार पर एवं अन्य कारकों को ध्यान में रख कर जड़ी बूटियों का वर्गीकरण किया गया है | जड़ी बूटी के औषधीय गुणों एवं त्रिदोष प्रभाव के आधार पर निश्चित किया जाता है की उसका उपयोग किस रोग के लिए एवं किस अवस्था में किया जायेगा |

मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी (नाम, गुण एवं उपयोग)

आधुनिक समय में खान पान में विकृति एवं व्यस्त जीवन शैली के कारण आम जन का स्वास्थ्य बहुत प्रभावित हुवा है | अभी अधिकतर पुरुषों को मर्दाना कमजोरी या यौन समस्याओं से ग्रसित पाया जाता है | हाल ही में किये गये एक सर्वेक्षण में पाया गया की 20 से 30 साल के युवा भी शीघ्रपतन, नपुंसकता, थकान, कामेच्छा में कमी जैसी मर्दाना कमजोरियों का शिकार हैं जबकि प्राचीन समय में 50 साल तक भी पुरुष अपनी मर्दाना ताकत कायम रख पाते थे |

मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी

इन्हीं कमजोरियों को ध्यान में रख कर इस लेख में हम आपको कुछ बेहतरीन जड़ी बूटियों के बारे में बतायेंगे जो न सिर्फ मर्दाना ताकत बढाने में मदद करती है बल्कि पुरुषों को होने वाली सभी प्रकार की कमजोरियों को दूर करने की क्षमता रखती हैं | तो आइये सबसे पहले जानते हैं मर्दाना ताकत के लिए सबसे शक्तिशाली 10 जड़ी बूटी के नाम क्या हैं ?

मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी :-

  • अश्वगंधा
  • कौंच बीज
  • सफ़ेद मूसली
  • स्याह मूसली
  • अकरकरा
  • गोक्षुर
  • शतावरी
  • समुद्रशोष
  • सालममिश्री
  • विदारीकन्द

इन जड़ी बूटियों के अलावा भी बहुत सी जड़ी बूटियां हैं जो पुरुषों की यौन ताकत बढाने के लिए उपयोगी हैं | वे पुरुष जिनकी मर्दाना ताकत बिल्कुल ख़त्म हो चुकी है उनके लिए ये जड़ी बूटी बहुत उपयोगी हैं | इनका उपयोग मर्दाना ताकत के लिए देसी दवाई के रूप में किया जाता है |

1. मर्दाना ताकत के लिए अश्वगंधा जड़ी बूटी का उपयोग :-

आयुर्वेद में अश्वगंधा को रसायन माना गया है यानि वो जड़ी बूटी जो औज की वृद्धि करती है और जीवनीय शक्ति दायक है | अश्वगंधा पौष्टिक, बलवर्धक, वीर्यवर्धक, शुक्रवर्धक एवं कफवात शामक गुणों से युक्त जड़ी बूटी है इसलिए मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए जड़ी बूटी के रूप में इसका उपयोग बहुत फायदेमंद रहता है | इससे बनी निम्न दवाओं का उपयोग पुरुष अपनी ताकत बढाने के लिए कर सकते हैं :-

  • अश्वगंधा पाक
  • अश्वगंधारिष्ट
  • अश्वगंधादि चूर्ण
  • अश्वाग्नधाघृत

इसका उपयोग यौन कमजोरी दूर करने एवं मर्दाना ताकत बढाने के लिए निम्न प्रकार करें :-

  • 3 ग्राम चूर्ण रोज गाय के दूध के साथ सेवन करें |
  • असगंध एवं गिलोय का चूर्ण समान मात्रा में मिलाकर रोज 3 ग्राम शहद के साथ लें |
  • अश्वगंधा, गोखरू, शतावरी, बादाम समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना इसे घी में भुन लें एवं मिश्री मिलाकर रोज दूध के साथ सेवन करें |

2. कौंच बीज का उपयोग मर्दाना ताकत बढाने वाली जड़ी बूटी के रूप में कैसे करें ?

कौंच को कपिकच्छु के नाम से भी जाना जाता है | यह लता स्वरुप वाला पौधा है जिसके बीज का उपयोग मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी के रूप में किया जाता है | यह अत्यधिक उष्ण वीर्य वाली जड़ी बूटी है | वे पुरुष जिनकी कामेच्छा कम हो गयी हो उत्तेजना में कमी हो उनके लिए यह बेहद उपयोगी है | इसके औषधीय गुण निम्न प्रकार हैं :-

  • वात नाशक
  • उष्ण वीर्य
  • कामोतेजक
  • पुष्टिकारक
  • बल्य
  • वाजीकारक

उपयोग कैसे करे ?

  • इसका पाक बनाकर रोग एक चम्मच सुबह शाम दूध के साथ लें |
  • कौन बीज, विदारीकन्द, असगंध, तालमखाना, मूसली, इलायची समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें | 5 ग्राम चूर्ण रोज शहद या दूध के साथ सेवन करें |
  • वानरीगुटिका कौंच से बनी औषधि है मर्दाना ताकत बढाने के लिए इसका उपयोग करें |

3. सफ़ेद मूसली से दूर करें मर्दाना कमजोरी

सफ़ेद मूसली नपुंसकता, शीघ्रपतन, शुक्रमेह, जैसी मर्दाना कमजोरियों को दूर करने वाली जड़ी बूटी है | भारत में यह पंजाब, पश्चिमी हिमालय एवं गुजरात आदि जगहों पर पाई जाती है | इसकी मूल का उपयोग जड़ी बूटी के रूप में किया जाता है | इसमें निम्न औषधीय गुण होते हैं :-

  • वातपित्त शामक
  • शीत वीर्य
  • पौष्टिक
  • बल एवं वीर्यवर्धक
  • प्रवाहिका नाशक

उपयोग :-

  • इसका 10 ग्राम चूर्ण मिश्री के साथ दूध से सेवन करें |
  • सफ़ेद मूसली, तालमखाना, गोखरू, शतावरी को समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें | रोज 4 ग्राम चूर्ण शहद या दूध के साथ सेवन करें |
  • मूसली पाक का सेवन करें |

4. स्याह या काली मूसली

यह भी मर्दाना ताकत बढाने वाली जड़ी बूटी है | यह बंगाल, बिहार एवं दक्षिणी भारत में पाई जाती है | सफ़ेद मूसली की तरह इसका उपयोग भी यौन कमजोरी दूर करने के लिए किया जाता है | काली मूसली उष्ण वीर्य होती है यानि तासीर में यह गर्म होती है | इसके औषधीय गुण निम्न हैं :-

  • उष्ण वीर्य
  • वातपित्तशामक
  • रसायन
  • पौष्टिक
  • मूत्रजनक

सफ़ेद मूसली की तरह इसका सेवन भी पुरुषों के लिए उपयोगी होता है | यह बल एवं वीर्य की वृद्धि करती है तथा यौन क्षमता बढाती है | इसके अलावा अर्श, कामला, अतिसार, श्वास एवं सुजाक आदि रोगों में भी इसका उपयोग किया जाता है |

5. अकरकरा है मर्दाना कमजोरी के लिए देसी दवा

अकरकरा कामोत्तेजक गुणों वाली जड़ी बूटी है | कामोत्तेजना की कमी होने पर इसका उपयोग बहुत फायदेमंद होता है | नपुंसकता, कामेच्छा में कमी, वीर्य का पतलापन आदि रोगों में इसकी मूल का चूर्ण बना कर रोज गाय के दूध या शहद के साथ सेवन करने से बहुत जल्द फायदा होता है | इससे बनी औषधियां वाजीकरण वटी, अकरकराभादि वटी आदि का उपयोग मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए किया जाता है |

औषधीय गुण :-

  • उष्ण वीर्य
  • कामोत्तेजक
  • वाजीकारक
  • मूत्रल
  • वेदनास्थापक
  • बलवर्धक

6. मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी गोखरू के फायदे

इसे गोक्षुर के नाम से भी जाना जाता है | आयुर्वेद में गोखरू का विशेष महत्व है | इसका उपयोग बहुत सी आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है विशेषकर मूत्र रोगों एवं यौन रोगों के लिए | गोखरू जड़ी बूटी के औषधीय गुण निम्न हैं :-

  • वातपित्त नाशक
  • शीत वीर्य
  • मूत्रल
  • वेदनास्थापक
  • दीपक
  • पौष्टिक
  • वाजीकारक

गोखरू का उपयोग युवा एवं बुजुर्ग दोनों के लिए ही गुणकारी है | यह एक ताकतवर रसायन है | इसके लड्डू बनाकर सेवन करने से शारीरिक एवं यौन दोनों कमजोरियां दूर होती हैं | स्वप्नदोष, कामेच्छा में कमी, नपुंसकता जैसे रोगों में इस जड़ी बूटी का उपयोग करना बहुत गुणकारी है | इसके सेवन से शरीर सबल होता है, वीर्य गाढ़ा होता है एवं सभी तरह की कमजोरियां दूर होती हैं |

7. शतावरी जड़ी बूटी के मर्दाना कमजोरी में लाभ

यह बेहद गुणकारी जड़ी बूटी है | इसके औषधीय गुणों के कारण इसे आयुर्वेद में रसायन की संज्ञा दी गयी है | यह पुरुषों एवं महिलाओं दोनों के लिए समान रूप से लाभदायक है | मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी के रूप में इसका उपयोग किया जाता है | थकान, कमजोरी, कामेच्छा में कमी, वीर्य की कमी आदि समस्याओं में इसका सेवन करना बेहद फायदेमंद रहता है |

शतावरी के औषधीय गुण :-

  • शीत वीर्य
  • वाजीकारक
  • पौष्टिक
  • स्तन्यवर्धक
  • दीपक
  • शुक्रल
  • क्षय रोग नाशक

8. समुद्रशोष से मर्दाना ताकत बढ़ाएं

इसको कमरकस के नाम से भी जाना जाता है | भारत में यह लगभग सभी प्रान्तों में नदी नालों के समीप पाया जाता है | इसके बीज का उपयोग जड़ी बूटी के रूप में किया जाता है | इसके औषधीय गुण निम्न हैं :-

  • उष्ण वीर्य
  • पौष्टिक
  • वीर्यस्तंभक
  • वातपित्त नाशक
  • प्रमेह नाशक

शीघ्रपतन, शुक्रप्रमेह, वीर्य में पतलापन जैसी मर्दाना कमजोरियों में इस जड़ी बूटी का उपयोग करना बेहद लाभदायक होता है | इसके योग से मदनमोदक, कौंचपाक, प्रमेहप्रहार चूर्ण आदि आयुर्वेदिक दवा बनाई जाती हैं |

9. सालममिश्री

इसे सालमपंजा के नाम से भी जाना जाता है | यह बलवर्धक एवं पुष्टिकारक जड़ी बूटी है | नपुंसकता, शीघ्रपतन, शिरशूल, शुक्रदोष आदि रोगों में इसका उपयोग किया जाता है | इसके योग से बना सालम पाक कामोत्तेजना बढ़ाने के लिए उपयोग में लिया जाता है | पुरुषों के लिए मर्दाना ताकत बढ़ाने वाली यह जड़ी बूटी भारत में पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पाई जाती है | इसके औषधीय गुण निम्न हैं :-

  • शीत वीर्य
  • कामोत्तेजक
  • वातपित्तशामक
  • पाचक
  • बल्य
  • वाजीकारक
  • शुक्रवर्धक

सालम पाक, कामोदिपक चूर्ण, नवजीवन योग आदि दवाओं में इसका उपयोग किया जाता है |

10. विदारीकंद मर्दाना ताकत बढाने वाली सबसे शक्तिशाली जड़ी बूटी है |

अंग्रेजी में इसे indian kudju के नाम से जाना जाता है | यह बहुत ताकतवर जड़ी बूटी है जिसका उपयोग मर्दाना ताकत के लिए किया जाता है | इसका उपयोग मुख्यतः शुक्रमेह रोग में किया जाता है | इसके सेवन से शुक्राणुओं की वृद्धि होती है एवं नवीन वीर्य का निर्माण होता है | इसका चूर्ण 5 ग्राम रोजाना दूध के साथ सेवन करने से कमजोरी दूर होती है | इसके औषधीय गुण निम्न हैं :-

  • शीतवीर्य
  • वातपित्तशामक
  • दुग्ध वर्धक
  • रसायन
  • पौष्टिक
  • शुक्रवर्धक
  • बल्य
  • मूत्रजनक
  • जीवनीय शक्ति वर्धक

इसका उपयोग निम्न आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है :-

  • च्यवनप्राश
  • दशमुलारिष्ट
  • नवजीवन योग
  • नारसिंह चूर्ण
  • सारस्वतारिष्ट

ध्यान रखें :-

यहाँ पर मर्दाना ताकत के लिए जड़ी बूटी की जानकारी शैक्षिणक है | यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है | किसी रोग या कमजोरी में किसी भी जड़ी बूटी या दवा का उपयोग करने से पहले उचित सलाह जरुर लें |

धन्यवाद ||

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