भूख बढ़ाने के लिए अपनाये इन 9 आयुर्वेदिक दवा एवं 5 घरेलु नुस्खों को

भूख बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा एवं घरेलु नुस्खे

भूख बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवा : भूख न लगना या कम लगना एक सामान्य समस्या है | वैसे यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है, लेकिन अगर आपका स्वास्थ्य अन्य मामलों में सही है तो निश्चिंत Read More …

मर्दाना ताकत बढ़ाने के उपाय | मर्दाना कमजोरी के लिए आयुर्वेदिक योग

मर्दाना ताकत बढाने के उपाय

मर्दाना ताकत बढ़ाने के उपाय आज के समय में हर उम्र के लोग इस समस्या से झुझते दिखाई पड़ते है | चाहे 20 साल का युवा हो या 40 की उम्र का प्रोढ़ व्यक्ति अधिकतर को मर्दाना ताकत बढ़ाने के उपाय Read More …

शिवलिंगी बीज के औषधीय गुण एवं उपयोग – पुत्र जीवक बीज या गर्भ ठहराने में लाभदायक ?

दस्त एवं मरोड़ के लिए आयुर्वेदिक योग

शिवलिंगी बीज  परिचय – शिवलिंगी बरसात में पैदा होने वाली एक लता है | जो समस्त भारत वर्ष में बाग़ – बगीचों में देखि जा सकती है | यह चमकीली एवं चिकनी बेल होती है | शिवलिंगी की शाखाएं पतली Read More …

कचनार ( Bauhinia variegata) का पूर्ण परिचय, औषधीय गुण एवं इसके फायदे जाने

कचनार

कचनार (Bauhinia variegata) परिचय – कचनार को संस्कृत में कांचनार , चमरिक (चमर के समान पुष्प वाला) एवं युग्मपत्रक आदि नामों से जाना जाता है | सम्पूर्ण भारत में इसके वृक्ष देखने को मिल जाते है | अधिकतर इसे सुन्दर Read More …

सेमल (Bombax ceiba) – मर्दानगी, प्रदर एवं खुनी बवासीर में फायदेमंद औषधि |

सेमल

सेमल (Bombax Ceiba)  परिचय : सेमल के पेड़ को कॉटन ट्री भी कहा जाता है | इसके फलों के पकने पर उसमे से मुलायम रुई प्राप्त होती है जिसका प्रयोग गद्दे या तकियों को भरने के लिए किया जाता है Read More …

पीलिया रोग (Viral Hepatitis) – कारण, लक्षण, इलाज एवं आहार (पीलिया में क्या खाएं)

पीलिया

पीलिया (Jaundice in Hindi) परिचय – पीलिया यकृत की विकृति अर्थात यकृत के रोगग्रस्त होने के कारण होने वाला रोग है | यकृत के रोग ग्रस्त होने के बाद सबसे पहले लक्षण के रूप में पीलिया (Jaundice) ही प्रकट होता Read More …

पिप्पली – परिचय, गुणधर्म, फायदे एवं औषधीय उपयोग |

पिप्पली

पिप्पली (Piper Longum) पिप्पली दो प्रकार की होती है | छोटी पिप्पल और बड़ी पिप्पली | हमारे देश में प्राय: छोटी पिप्पल ही पाई जाती है | बड़ी पीपल अधिकतर इंडोनेशिया, मलेशिया, जावा, सुमात्रा में पाई जाती है | दोनों Read More …

कटेरी (kateri) / Solanum xanthocarpum – परिचय, गुण और औषध उपयोग |

कटेरी / कंटकारी

कटेरी (कंटकारी) / Solanum xanthocarpum कटेरी को कंटकारी, लघुरिन्ग्नी, क्षुद्रा आदि नामो से जाना जाता है | इसका पौधा 3 से 4 फीट ऊँचा होता है इसके सम्पूर्ण क्षुप पर कांटे ही कांटे ही  होते है | क्षुप पर अधिक Read More …

बला (खरैटी) / Sida Cordifolia – खरैटी के गुण, उपयोग एवं फायदे |

बला (खरैंटी)

बला (खरैटी) / Sidda Cordifolia in Hindi परिचय – प्राय: सम्पूर्ण भारत में पायी जाने वाली औषधीय उपयोगी वनस्पति है | इसका झाड़ीनुमा क्षुप होता है जो 2 से 5 फीट तक ऊँचा हो सकता है | क्षुप पर हृदय Read More …

शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक उपाय – मालकांगनी योग

शीघ्र पतन

शीघ्र स्खलन (शीघ्र पतन) क्या है ? / What is Premature Ejaculation in Hindi ? शीघ्र स्खलन या शीघ्रपतन कोई रोग नहीं है | सहवास के समय स्त्री और पुरुष दोनों की एक चरम सीमा होती है जहाँ पहुँचने के बाद दोनों Read More …