प्राणायाम

जानें आयुर्वेद का परिचय, इतिहास, इसकी शाखाएं एवं सामान्य सिद्धांत

जानें आयुर्वेद का परिचय, इतिहास, इसकी शाखाएं एवं सामान्य सिद्धांत

आयुर्वेदा परिचय An Introduction To Ayurvedaकिसी भी शास्त्र को सीखने से पहले उसके इतिहास ( History of  Ayurveda ) के बारे में थोड़ी सी जानकारी होना अनिवार्य हैं |आयुर्वेद या भारतीय चिकित्सा ...

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अस्थमा रोग से छुटकारे के लिए योग एवं प्राणायामों की सूचि

अस्थमा रोग से छुटकारे के लिए योग एवं प्राणायामों की सूचि

अस्थमा के लिए योग एवं प्राणायाम  अस्थमा की समस्या आज दिन प्रतिदिन बढती जा रही है | शहर हो या गाँव आज सब जगह इस रोग से पीड़ितों की संख्या में आये दिन इजाफा हो रहा है | इसके बहुत से कारण है जो रोग ...

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चंद्रभेदी प्राणायाम – विधि , लाभ और सावधानियां

चंद्रभेदी प्राणायाम – विधि , लाभ और सावधानियां

चंद्रभेदी प्राणायाम प्राणायाम शारीरिक और मानसिक रूप से मनुष्य स्वास्थ्य प्रदान करता है | इससे पहले आपने प्राणायाम के प्रकारों में सूर्यभेदी प्राणायाम के बारे में पढ़ा | आज की इस पोस्ट में चंद्रभेदी ...

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भ्रामरी प्राणायाम कैसे करे ? – इसकी विधि, लाभ एवं सावधानियां |

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करे ? – इसकी विधि, लाभ एवं सावधानियां |

भ्रामरी प्राणायाम / Bhramri Pranayama भ्रामरी शब्द भ्रमर से बना है जिसका अर्थ होता है "भौंरा"| भ्रामरी प्राणायाम करते समय साधक भौंरे के समान आवाज करता है , इसलिए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता है | ...

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भस्त्रिका प्राणायाम – करने की विधि , लाभ और सावधानियां

भस्त्रिका प्राणायाम – करने की विधि , लाभ और सावधानियां

भस्त्रिका प्राणायाम / Bhastrika Pranayam in Hindi इस भस्त्रिका का अर्थ होता है "धौंकनी" | जिस प्रकार लुहार की धौंकनी निरंतर तीव्र गति से हवा फेंकती रहती है और लोहा गरम होता रहता है उसी प्रकार से ...

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शीतली प्राणायाम की विधि – लाभ एवं सावधानियां |

शीतली प्राणायाम की विधि – लाभ एवं सावधानियां |

शीतली प्राणायामइस प्राणायाम से शरीर का तापमान कम किया जा सकता है | यहाँ प्रयोग किया गया "शीतली" शब्द का अर्थ होता है - ठंडा करना | अर्थात शीतली प्राणायाम से शरीर की उष्णता को कम किया जा सकता है ...

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सूर्यभेदी प्राणायाम – इसकी विधि , लाभ एवं सावधानियां |

सूर्यभेदी प्राणायाम – इसकी विधि , लाभ एवं सावधानियां |

सूर्यभेदी / सूर्यभेदन  प्राणायाम सुर्यभेदी प्राणायामसुर्यभेदी प्राणायाम की विशेषता होती है की इसमें पूरक क्रिया नाक के दांये छिद्र से की जाती है | नाक के दांये छिद्र को सूर्य स्वर और बांये को ...

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प्राणायाम – क्या है ? इसके प्रकार , लाभ, अवस्थाएँ एवं सावधानियां |

प्राणायाम – क्या है ? इसके प्रकार , लाभ, अवस्थाएँ एवं सावधानियां |

प्राणायाम / Pranayamaअष्टांग योग में प्राणायाम का एक विशेष स्थान है | अष्टांग योग के चतुर्पद में "प्राणस्य आयाम: इति प्राणायाम:" लिखा है , इसका अर्थ है की प्राण का विस्तार ही प्राणायाम कहलाता ...

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