जड़ी - बूटियां Archives - स्वदेशी उपचार

Category: जड़ी – बूटियां

सत्यानाशी 0

सत्यानाशी दिव्य औषधि – जाने इसके गुण, उपयोग एवं स्वास्थ्य प्रयोग ||

सत्यानाशी / Satyanashi  परिचय – सम्पूर्ण भारत के राज्यों में सत्यानाशी के पौधे बंजर भूमि, सड़क के किनारे या खुले क्षेत्रो में उगते है | इसे भटकटैया, भडभांड, घमोई आदि नामों से भी जाना...

लोध्र 0

लोध्र (लोध) औषधि परिचय, गुण धर्म एवं स्वास्थ्य उपयोग या फायदे

लोध्र (लोध) क्या है – यह एक आयुर्वेदिक औषध द्रव्य है जिसका उपयोग अनेक आयुर्वेदिक दवाओं में किया जाता है | उत्तरी एवं पूर्वी भारत के राज्य जैसे आसाम, बंगाल एवं बिहार आदि में...

अकरकरा 0

अकरकरा औषधि परिचय एवं स्वास्थ्य उपयोग या फायदे जानें

अकरकरा – इस आयुर्वेदिक औषध द्रव्य से कम लोग ही परिचित है | आयुर्वेद के आर्ष संहिताओं में भी इस द्रव्यों का वर्णन उपलब्ध नहीं होता | इसका सर्वप्रथम वर्णन गद निग्रह एवं भाव...

अर्जुन छाल 0

अर्जुन छाल का परिचय, औषधीय गुण एवं इसके सेवन से होने वाले फायदे

अर्जुन छाल का परिचय, औषधीय गुण एवं इसके सेवन से होने वाले फायदे परिचय – आयुर्वेद चिकित्सा में अर्जुन वृक्ष का उपयोग हृदय सम्बन्धी विकारों में किया जाता है | यह शीत वीर्य औषध...

दालचीनी 0

दालचीनी / Cinnamon के औषधीय गुणधर्म – जाने इसके फायदे एवं स्वास्थ्य उपयोग

दालचीनी (Cinnamon in Hindi) – भारतीय रसोई में भोजन का स्वाद एवं रूचि बढ़ाने के लिए दालचीनी का उपयोग प्रमुखता से किया जाता है | लेकिन दालचीनी को एक मसाला ही मानना गलत होगा...

वायविडंग 0

वायविडंग परिचय – औषधीय गुण धर्म , फायदे एवं स्वास्थ्य उपयोग

वायविडंग (vaividang) / Embelia Ribes Hindi  वायविडंग क्या है :- वायविडंग एक आयुर्वेदिक औषधीय द्रव्य है | भारत में अधिकतर हिमालय के प्रदेशों, दक्षिणी भारत के पर्वर्तीय परदेशो एवं इसके साथ – साथ नेपाल...

गिलोय सत्व 0

गिलोय सत्व (अमृता सत्व) – को बनाने की विधि , औषधीय गुण, लाभ एवं फायदे |

गिलोय सत्व – गिलोय के कांड को कूटपीसकर एवं इसके स्टार्च को निकाल कर गुडूची सत्व का निर्माण होता है | आज कल बाजार में आरारोट के चूर्ण में गिलोय स्वरस की भावना देकर...

चक्रमर्द 0

चक्रमर्द || दाद, खाज-खुजली, रक्त विकृति एवं विष विकृतियों में लाभदायक औषधि |

चक्रमर्द  भारत के उष्ण प्रदेशों में अधिकांस चक्रमर्द के पौधे वर्षा ऋतू आने पर अपने आप उग जाते है | इसे विभिन्न क्षेत्रों में अलग – अलग नामों से जाना जाता है जैसे –...

शिवलिंगी बीज 0

शिवलिंगी बीज के औषधीय गुण एवं उपयोग – पुत्र जीवक बीज या गर्भ ठहराने में लाभदायक

शिवलिंगी बीज  परिचय – शिवलिंगी बरसात में पैदा होने वाली एक लता है | जो समस्त भारत वर्ष में बाग़ – बगीचों में देखि जा सकती है | यह चमकीली एवं चिकनी बेल होती...

कचनार 0

कचनार ( Bauhinia variegata) का पूर्ण परिचय, औषधीय गुण एवं इसके फायदे जाने

कचनार (Bauhinia variegata) परिचय – कचनार को संस्कृत में कांचनार , चमरिक (चमर के समान पुष्प वाला) एवं युग्मपत्रक आदि नामों से जाना जाता है | सम्पूर्ण भारत में इसके वृक्ष देखने को मिल...