शीघ्र स्खलन का इलाज योग एवं प्राणायाम से | Yoga for Premature Ejaculation

शीघ्र स्खलन का इलाज योग एवं प्राणायाम के द्वारा किया जा सकता है | अगर आप भी शीघ्रपतन से पीड़ित है और इसका इलाज योगासनों एवं प्राणायाम से करना चाहते है तो यह आर्टिकल आपके काम आ सकता है | हम इस लेख में शीघ्रपतन के उपचार के लिए महत्वपूर्ण योग एवं प्राणायामों के बारे में बताएँगे जिन्हें अपनाकर हर कोई इस रोग से आसानी से छुटकारा पा सकता है |

हमारे योगाचार्य डॉ. सुभम शर्मा, पिछले 10 वर्षों से योग सिखाते आ रहें है | इन्होने सभी बिमारियों के लिए योग आसनों को विस्तृत वर्णन यहाँ पर किया है | शीघ्र स्खलन के इलाज के लिए भी सुभम जी 7 योगासनों एवं प्राणायामों के बारे में बता रहें है | जिनको अपनाकर कोई भी शीघ्रपतन से पीड़ित मनुष्य आसानी से अपना इलाज कर सकता है |

चलिए सबसे पहले जानते है इस लेख के बारे में संक्षिप्त विवरण

लेख का नाम शीघ्र स्खलन का इलाज योग एवं प्राणायाम
लेखक डॉ. सुभम शर्मा
एक्सपीरियंस 10+ वर्ष
व्याधि शीघ्र स्खलन
कुल शब्द 1697
डाउनलोड पीडीऍफ़ लिंक उपलब्ध

शीघ्र स्खलन क्या है ? | What is Premature Ejaculation?

शीघ्रपतन या शीघ्र स्खलन एक स्ख्लनीय परवर्ती है जिसमे पुरुष प्रवेश के साथ ही एग्जिट कर देता है | अर्थात पुरुष अपने वीर्य को लम्बे समय तक धारण करने में असक्षम होता है एवं सहवास पूरा किये बिना ही महिला साथी को असंतुष्ट छोड़ते हुए स्खलन कर देता है |

इस रोग में पुरुष की इच्छा के विरुद्ध वीर्य स्खलन हो जाता है | पुरुष के न चाहते हुए भी अचानक वीर्यपात हो जाये, स्त्री संभोग शुरू करते ही वीर्य निकल जाये या स्त्री को असंतुष्ट छोड़ते हुए संभोग पूर्ण होने से पहले ही वीर्यपात हो जाये इसे शीघ्र स्खलन या शीघ्रपतन कहा जाता है |

शीघ्र स्खलन के कारण

इस रोग के कोई भी निर्धारित कारक नहीं है | यह मानसिक एवं शारीरक दोनों कारणों से हो सकता है | अधिकतर इस रोग का मुख्य कारण मानसिक एवं अधिक कामुकता को माना जाता है |

  • मानसिक तनाव
  • अधिक यौन संवेदनाएं
  • गलत आहार – विहार
  • पूर्व की यौन दुर्घटनाएं
  • एंग्जायटी की समस्या
  • पुरानी कब्ज
  • कोई जननान्गीय चोट
  • रिश्तों में तनाव
  • अधिक चंचलता
  • उतावलापन
  • शरीर में शुक्र धातु का कमजोर होना
  • वीर्य का पतलापन
  • शरीर में अधिक उष्णता या पित्तज प्रकृति
  • ख़राब पाचन तंत्र
  • शरीर में हार्मोन्स की गड़बड़ी एवं विटामिन्स की कमी

शीघ्र स्खलन का इलाज योग एवं प्राणायाम से संभव

शीघ्र स्खलन का इलाज योग

योग एवं प्राणायाम से हर बीमारी का इलाज किया जा सकता है | अगर आप नियमित रूप से योग एवं प्राणायाम करते है तो निश्चित ही सभी बिमारियों से बचने की सम्भावना बढ़ जाती है | आप जीवन भर निरोगी रह सकते है | लोगों ने कैंसर, सोरायसिस जैसी बिमारियों में भी योग से अच्छा परिणाम पाया है |

शीघ्रपतन एक सामान्य विकार है, जिसे योग के द्वारा आसानी से ठीक किया जा सकता है | आप नियमित योग को अपनाकर बिना किसी दवाओं के भी इस रोग से निजात पा सकते है | साथ ही आयुर्वेद की कुछ चुनिन्दा वाजीकरण औषधियों का सेवन साल में एक बार करके आप इस समस्या से पूर्णत: निजात पा सकते है |

यहाँ निचे हमने कुछ महत्वपूर्ण योगासनों के बारे में बताया है जो निश्चित ही शीघ्र स्खलन की समस्या को खत्म करने में सक्षम है | आप इन योग एवं प्राणायाम को अपनाकर एक सुखी वैवाहिक जीवन जी सकते है | चलिए जानते है शीघ्र स्खलन का इलाज योग के बारे में

1. सर्वांगासन

सर्वांगासन

सर्वांगासन अर्थात शरीर के सभी अंगो का आसन | इस योगासन के द्वारा कामशक्ति का संचार शरीर में होता है | यह शीघ्र स्खलन की समस्या को दूर करने में कारगर है | इस योग के द्वारा पुरे शरीर को लाभ मिलता है | इसे कायाकल्पासन भी कहते है | इसे करने से रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे ग्रंथि की कार्य करने की क्षमता में विकास होता है एवं शीघ्रपतन रोग में लाभ मिलता है |

  • पीठ के बल लेट जाएँ
  • दोनों हाथ जमीन पर कमर के अगल – बगल रखें
  • घुटनों को कड़ा रखते हुए दोनों पैरों को ऊपर की तरफ उठायें
  • कमर एवं पैर से समकोण बना लें |
  • इसे एक मिनट से 5 मिनट तक किया जाना चाहिए |
  • आसान को करते समय एवं वापस आते समय कुम्भक करें
  • पूर्ण अवस्था में श्वास की प्रक्रिया स्वाभाविक चलने दें

2. वज्रासन से शीघ्र स्खलन का इलाज

वज्रासन

वज्रासन को कठोर आसन भी कहा जाता है | यह शरीर को कठोरता देने में लाभदायक है | शीघ्रपतन की समस्या में इस आसन के अभ्यास से स्खलन की परवर्ती को रोकने एवं नियंत्रण करने की शक्ति मिलती है | यह जननांगो के अन्य विकारों में भी लाभदायक है | इसका नित्य अभ्यास करने वाले व्यक्ति बुढ़ापे में भी जवानी सी कठोरता शरीर में रखते है |

  • दोनों पैरो के घुटने मोड़ कर बैठ जाएँ
  • इस प्रकार बैठे की दोनों पैरों के तलवो के बीच नितंभ और एडियों के बीच गुप्तांग रहें |
  • दोनों पैरों के अंगूठे परस्पर छूते रहें |
  • अब हाथों को घुटनों पर रख कर ज्ञान मुद्रा में बैठे
  • कमर, पीठ एवं गर्दन एकदम सीधे होने चाहिए |
  • इस अवस्था में प्राणायाम करें

3. किगल एक्सरसाइज

किगल एक्सरसाइज

इसे पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज भी कहते है | शीघ्रपतन की समस्या में यह बहुत फायदेमंद एक्सरसाइज है | इसका नित्य अभ्यास करने वाले व्यक्ति अपनी इच्छा अनुसार वीर्यपात कर सकते है | जिन्हें शीघ्र स्खलन की समस्या है वे भी 5 से 10 दिन के अभ्यास से अच्छा लाभ उठा सकते है | यह reproductive अंगो को मजबूती देने एवं उनके विकार दूर करने में लाभदायक योग है |

  • सबसे पहले घुटनों को मोड़कर बैठ जाएँ
  • ध्यान दें इसे करने से पहले पेट खाली रखें
  • अब पेल्विक मांसपेशियों को पहले सिकोड़े और होल्ड करें
  • इसे पहले 5 सेकंड तक होल्ड करें
  • अब इसे छोड़े
  • नित्य अभ्यास से इस समय को बढ़ाएं
  • रोजाना करने से शीघ्रपतन की समस्या में आराम मिलता है

4. महा मुद्रासन

महा मुद्रासन

इसे महान भंगिमा कहा जाता है अर्थात वह मुद्रा जो सबसे बड़ी या महान हो वह महा मुद्रासन है | यह अंडकोष के विकारों को दूर करके शीघ्रपतन में लाभ देता है | शीघ्र स्खलन का इलाज योग के रूप में इसे जाना जा सकता है | इस योग आसन के द्वारा कब्ज का शमन होता है | अत: ख़राब पाचन एवं कब्ज के कारण होने वाले शीघ्र स्खलन में यह तुरंत लाभ देता है | नित्य अभ्यास करने वाले व्यक्ति शीघ्र पतन से पीड़ित नहीं होते

  • सामने की तरफ पैर फैला कर बैठ जावें
  • बाएं घुटने को मोड़ते हुए पैर के तलवे को गुप्तांग के समीप रखें
  • इस अवस्था में आपका सीधा पैर एवं मुड़ा हुआ पैर समकोण बनाना चाहिए |
  • यह आसन अभ्यास से ही किया जा सकता है |
  • अब अपने सीधे पैर के अंगूठे को हाथ से पकड़ें
  • इस समय कमर को सीधा रखना जरुरी है |
  • अब यही प्रक्रिया दुसरे अर्थात दाहिने पैर से करें

5. पश्चिमोतानासन

पश्चिमोतानासन

शीघ्र स्खलन के लिए पश्चिमोतानासन योग करना एक उत्तम उपाय है | कब्ज एवं तनाव के कारण होने वाले शीघ्र स्खलन में पश्चिमोतानासन योग द्वारा इलाज किया जा सकता है | यह शरीर में अतिरिक्त वसा को कम करके मजबूती एवं छरहरा बनाता है | एकाग्रता बढ़ाने में उपयोगी है अत: शीघ्रपतन जैसी समस्या में नियमित अभ्यास से लाभ प्राप्त होता है |

  • जमीन पर बैठ कर पैर सामने की तरफ लम्बे करलें |
  • अब श्वास छोड़े
  • सामने की तरफ झुकते हुए दोनों हाथों की अँगुलियों से दोनों पैर के अंगूठों को छूने की कोशिश करें |
  • पैरों को तानकर रखें
  • घुटनों को उठने न दें
  • अब धीरे-धीरे सिर को घुटनों से स्पर्श करें |
  • नियमित अभ्यास से पीठ को समतल रखने का प्रयास करें

6. नाड़ी-शोधन प्राणायाम

नाड़ी-शोधन प्राणायाम

यह प्राणायाम मन एवं मस्तिष्क को नियंत्रित करने में लाभदायक है | यह मस्तिष्क को चुस्त, क्रियात्मक एवं सवेंदनशील बनाता है | अत: मानसिक विकार के कारण होने वाले शीघ्रपतन में अत्यंत लाभदायक है | साथ ही समस्त नाड़ियों का शोधन करता है | नाड़ी – शोधन प्राणायाम के नित्य अभ्यास से शीघ्र स्खलन का इलाज किया जा सकता है |

शारीरिक एवं मानसिक संतुलन को स्थापित करता है अत: व्यक्ति अपनी इच्छा अनुसार वीर्यपात करने में सक्षम हो जाता है | चलिए जानते है इसे कैसे किया जाता है |

  • सिद्धासन में बैठ जाएँ
  • कमर, गर्दन एवं पीठ बिलकुल सीधी रखें
  • प्राणायाम के लिए तैयार रहें
  • बाँयां हाथ घुटने पर रखें
  • दायें हाथ की अँगुलियों को दोनों आँखों के बीच के बोंहों पर रखें
  • कंधे समानांतर रखें , ऊँचे निचे ना रखें
  • अब दायें हाथ की दो अँगुलियों को मस्तक के बीच में रखें
  • नाक के दाहिने तरफ अंगूठे को एवं बाएँ तरफ अनामिका अंगुली रखें
  • अब अंगूठे से नाक को बंद करले एवं श्वास अन्दर खींचे
  • दुसरे तरफ के नासाछिद्र को बंद करके अंगूठे को छोड़कर श्वास बाहर निकालें
  • अब यही प्रक्रिया दूसरी तरफ से करें
  • इसे अनुलोम विलोम प्राणायाम भी कहते है
  • यह शीघ्र स्खलन के इलाज में लाभदायक प्राणायाम है |

7. हनुमानासन से शीघ्र स्खलन का इलाज

हनुमानासन
credit-gurukul Yoga

यह योग सभी काम विकारों को दूर करने वाला है | पुरुषों में होने वाले शीघ्रपतन एवं अन्य यौन विकारों में अत्यंत लाभदायक है | इस आसन का अभ्यास करते समय हनुमान जी का ध्यान करना चाहिए एवं उनके गुणों का आत्मसात करना चाहिए | यह जननांगो में रक्त संचार को बढाता है जिससे लम्बे समय तक तनाव एवं स्फूर्ति बनी रहती है | इस योग का नित्य अभ्यास करने वाले कभी भी शीघ्र पतन से पीड़ित नहीं होते

  • यह योग आसन नित्य अभ्यासी द्वारा ही सही तरीके से किया जा सकता है |
  • नए साधक सिर्फ अभ्यास से ही इसमें सक्षम हो सकते है |
  • करने के लिए सबसे पहले दोनों घुटनों के बल बैठे
  • अब दोनों हाथों की हथेलियों को शरीर के अगल बगल की जमीन पर रखें
  • धीरे – धीरे दोनों पैरों को आगे पीछे फ़ैलाने का प्रयास करें
  • इस समय आप हाथों का सहारा भी ले सकते है
  • इसमें जांघ, पिंडलियों एवं गुदा के पास अधिक तनाव महसूस होता है
  • दोनों पैरों को एक दुसरे के विपरीत दिशा में इतना फैलावे की नितंभ, जांघे एवं पिंडलियाँ निचे स्पर्श करें
  • अब इसी अवस्था में नमस्कार की मुद्रा बनायें
  • इसे 10 से 30 सेकंड तक करना चाहिए

शीघ्र स्खलन के इलाज के लिए अन्य योग आसनों की सूचि

यहाँ निचे हमने कुछ अन्य योग आसनों की सूचि आपको उपलब्ध करवाई है जो शीघ्र स्खलन का इलाज योग द्वारा करने में सक्षम योगासन है | ये योगासन बहुत अधिक है अत: इसमें से किसी एक या दो योग आसन को चुने एवं अगर चुनने में मुश्किल पैदा हो रही है तो योग्य योग शिक्षक से सलाह मशवरा करके उन्ही के सानिध्य में योगासनों का अभ्यास करें |

  1. सूर्यनमस्कार
  2. शशांकासन
  3. उष्ट्रासन
  4. ताड़ासन
  5. उतानासन
  6. त्रिकोणासन
  7. योग मुद्रासन
  8. मुलबंध योग
  9. कपालभाती प्राणायाम
  10. मकरासन
  11. ब्रह्मचर्यासन
  12. मयूरासन
  13. धनुरासन
  14. चक्रासन
  15. वीरासन
  16. उड्डियान बंध
  17. वज्रोली मुद्रा योग
  18. विपरीतकरणी मुद्रा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *