एनीमिया का आयुर्वेदिक इलाज क्या है | Anemia treatment in Ayurveda

एनीमिया को आयुर्वेद में पांडू रोग के नाम से जाना जाता है | इसे रक्ताल्पता एवं खून की कमी भी कह सकते है | जब शरीर में आयरन की कमी होने लगती है तो एनीमिया रोग की उत्पत्ति होती है | आज के इस लेख में हम आपको एनीमिया का आयुर्वेदिक इलाज क्या है के बारे में जानकारी देंगे |

इस लेख में हम आपको आयुर्वेद के अनुसार एनीमिया रोग क्या है, इसके लक्षण एवं उपचार के बारे में जानकारी देंगे | यह लेख एक्सपर्ट द्वारा लिखा गया है त्रुटी की कोई भी सम्भावना नहीं है परन्तु उपचार के लिए आपको आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए | यह जानकारी महज आयुर्वेद के प्रति सजगता, विश्वास एवं ज्ञान वर्द्धन के लिए लिखी गई है |

लेख का नामएनीमिया का आयुर्वेदिक इलाज
लेखक उपवैद्य योगेन्द्र सिंह
लेखक का एक्सपीरियंस 8 सालों से लिखने का अनुभव
कुल शब्द 822
सन्दर्भ ग्रन्थ चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अनुभूत योग संग्रह
सहायक सामग्रीभैषज्य रत्नावली, आयुर्वेद सारसंग्रह

एनीमिया क्या है? | What is Anemia

एनीमिया का आयुर्वेदिक इलाज

एनीमिया एक सामान्य रोग है जिसमे पीड़ित व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो जाती है | इसे आयुर्वेद में पांडू रोग के नाम पुकारा जाता है | शरीर सफ़ेद पड़ जाता है, भूख नहीं लगती एवं पुरे शरीर में दर्द रहता है | यह रोग अधिकतर महिलाओं में होता है क्योंकि महिलाओं को पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग होने के कारण शरीर में रक्त की अल्पता हो जाती है |

गर्भावस्था के दौरान भी अधिकतर महिलाओं को एनीमिया की शिकायत रहती है | इस समय माता को गर्भस्थ शिशु के लिए रक्त का निर्माण करना पड़ता है अत: इस समय अधिकतर महिलाऐं एनीमिया से पीड़ित रहती है |

अगर आसान भाषा में समझें तो हिमोग्लोबिन जो हमारे शरीर में रक्त की मात्रा का निर्धारण करता है जब यह रक्त में कम होने लगता है तो इस अवस्था को एनीमिया रोग नाम से जाना जाता है |

एनीमिया के लक्षण | Symptoms of Anemia

शरीर में रक्त की कमी होने पर निम्नलिखित लक्षण प्रकट होते है –

  • शरीर का सफ़ेद पड़ना
  • शरीर में आलस एवं थकान हमेंशा बनी रहती है |
  • भूख नहीं लगती |
  • पुरे शरीर में दर्द |
  • कमजोरी
  • स्वाभाव में चिडचिडापन
  • नींद नहीं आती
  • चलने, फिरने एवं दौड़ने से अंगो में मथने जैसा दर्द
  • बाल गिरने लगना
  • मूत्र में पीलापन
  • बुखार आना
  • कब्ज
  • थोड़े से परिश्रम से साँस फूलना

एनीमिया का आयुर्वेदिक इलाज होता है इन दवाओं से

रक्ताल्पता की समस्या में आयुर्वेद चिकित्सा एक बेहतरीन विकल्प है | अगर आप भी एनीमिया से पीड़ित है तो अपने किसी नजदीकी वैद्य से मिलकर उपचार करवाएं | आयुर्वेद में इस रोग का उपचार करने से पहले आपका पाचन सुधारा जाता है | लीवर को सुचारू रूप से कार्य करने में समर्थ बनाने वाली औषधियों का सेवन करवाया है |

साथ ही शरिर में लौह धातु की कमी को पूरा करने के लिए विभिन्न पेटेंट और शास्त्रोक्त औषधियों का प्रयोग वैद्य आपकी प्रकृति एवं रोग की स्थिति के आधार पर करवाते है |

यहाँ हमने कुछ प्रसिद्द औषधियों का जिक्र किया है जो एनीमिया रोग में वैद्यों द्वारा उपयोग करवाई जाती है | यह लेख महज ज्ञान वर्द्धन के लिए है अत: इन औषधियों से आप बिना वैद्य सलाह अपना इलाज न करें, क्योंकि दवाओं का निर्धारण आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा भिन्न – भिन्न रोगियों के लिए भिन्न – भिन्न औषध योगों का किया जाता है |

  1. Liv 52 capsule एवं Syrup – 1 से 2 गोली दिन में 3 बार वैद्य सलाह अनुसार
  2. Lovomyn Tablet एवं Syrup – 1 से 2 गोली दिन में दो बार चिकित्सक निर्देशानुसार
  3. Liverex Tablet – 1 से 2 गोली चिकित्सकीय सलाह अनुसार
  4. Vimliv Fortified Syrup and Tablets – 5 से 10 मिली की मात्रा में दिन में दो या तीन बार वैद्य निर्देशनुअर
  5. F-Liv Compound Capsule – 1 से 2 कैप्सूल प्रतिदिन चिकित्सकीय सलाह अनुसार

एनीमिया की आयुर्वेदिक शास्त्रोक्त दवाएं

निम्न क्लासिकल दवाएं एनीमिया रोग में उपचारार्थ प्रयोग की जाती है |

  • अयोमोदक गोली
  • नवायस लौह (खून बढ़ाने की आयुर्वेदिक दवा कहा जाता है)
  • योगराज रसायन
  • व्योषाद्य घृत
  • मंडूर वटक
  • मंडूर वज्र वटक
  • विडंगद्य लौह
  • लौहासव
  • पुनर्नवादी मंडूर
  • त्र्युशानादी मंडूर वटक
  • पुनार्नावाष्टक क्वाथ
  • हरिद्राद्य घृत
  • धात्री लौह

एनीमिया के इलाज के लिए कुछ घरेलु आयुर्वेदिक प्रयोग

  1. कड़वी तुम्बी के पतों का काढ़ा प्रयोग करने से एनीमिया में आराम मिलता है |
  2. कालीमिर्च का चूर्ण 6 ग्राम शहद में मिलाकर प्रयोग करने से भी लाभ मिलता है |
  3. नित्य खाली पेट नीम के पतों का रस निकालकर इसमें मिश्री मिलाकर सेवन करने से आराम मिलता है |
  4. शुद्ध शिलाजीत में केशर एवं मिश्री मिलाकर प्रयोग करने से आराम मिलता है |
  5. दाख को रात्रि में पानी में भिगोकर सुबह खाने एवं उस पानी का सेवन करने से लाभ मिलता है |
  6. त्रिफला चूर्ण में नीम के पतों का चूर्ण समान मात्रा में मिलाकर सेवन करने से एनीमिया ठीक होने लगता है |
  7. रेवंद चीनी को दूध में घिसकर 7 दिन तक प्रयोग करने से एनीमिया रोग में आराम मिलता है |
  8. बेल के पतों का रस निकालकर उसमे कालीमिर्च का पाउडर मिलाकर प्रयोग करने से एनीमिया में आराम मिलता है |
  9. नीम का रस, घी एवं शहद असमान मात्रा में मिलाकर प्रयोग करने से लाभ मिलता है |
  10. गाजर, पालक, चुकंदर एवं शलजम नित्य खाने से खून की कमी शरीर में नहीं होती |

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