गंधक वटी (Gandhak vati) : गुण, उपयोग, फायदे एवं नुकसान

गंधक वटी बहुत ही जायकेदार औषधि है, पाचन से जुडी सभी समस्याओं के लिए इस औषधि का उपयोग किया जाता है | जठराग्नि मंद हो गयी हो, खाने के बाद आंव आना, कब्जियत, पेट दर्द एवं अजीर्ण जैसी समस्याओं में इस दवा से बहुत लाभ होता है | इस लेख में गंधक वटी के फायदे, उपयोग और सेवन करने की विधि व इसके क्या नुकसान हो सकते हैं आदि के बारे में जानकारी मिलेगी |

गंधक वटी क्या है / what is gandhak vati ?

यह औषधि गंधक से बनी है यानि इसमें प्रधान द्रव्य गंधक होता है | गंधक या सल्फर एक गुणकारी खनिज है | यह उष्ण वीर्य, कटु रस वाला और दीपन पाचन गुणों वाला रसायन है | गंधक हमारे शरीर के लिए बहुत जरुरी द्रव्य है, यह कैल्शियम और फॉस्फोरस के बाद सबसे अधिक पाया जाता है | अजीर्ण रोग की यह प्रसिद्ध दवा है |

गंधक वटी के नुकसान

इस औषधि का निर्माण बटी परिकल्पना विधि से किया जाता है | इसके सेवन से खाना आसानी से हजम हो जाता है | गंधक के अलावा इसमें सोंठ और सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है |

गंधक वटी के घटक द्रव्य एवं बनाने की विधि / Gandhak vati ingredients and preparation

इस गुणकारी और पाचन शक्ति को बढाने वाली दवा को बनाने के लिए निम्न घटक द्रव्यों का उपयोग होता है :-

  • शुद्ध गंधक
  • सेंधा नमक
  • सोंठ का चूर्ण

शोधित गंधक 2 तोला, सोंठ का चूर्ण 4 तोला और सेंधा नमक 2 तोला लेकर महीन चूर्ण बना लें | इस चूर्ण को निम्बू के रस के साथ तीन दिन तक मर्दन करें | जब यह गोली बनाने लायक हो जाए तो इसकी चने के आकार की गोलियां बना कर छायां में सुखा लें और किसी पात्र में सुरक्षित रख लें |

गंधक वटी का सेवन कैसे करें / How to use gandhak vati ?

इस वटी का सेवन खाना खाने के बाद एक या दो गोली गर्म पानी के साथ करना चाहिए |

गंधक वटी के फायदे

गंधक वटी के फायदे एवं उपयोग / gandhak vati uses and benefits

गंधक में अनेकों औषधीय गुण होते हैं, यह पाचक दीपन, वात एवं कफ हरने वाला, कृमि नाशक और आमदोष नाशक औषधि है | गंधक वटी में गंधक के ये सभी गुण तो होते ही हैं इसके साथ सेंधा नमक और सोंठ के योग से इसके गुणों में और अधिक वृद्धि हो जाती है | आइये जानते हैं इसके फायदे :-

  • यह अजीर्ण रोग की सबसे अच्छी दवा है |
  • इसके सेवन से गरिष्ठ भोजन भी पच जाता है |
  • पाचन शक्ति को बढाता है |
  • इसके सेवन से खाना अच्छे से पचता है और भूख भी अच्छी लगती है |
  • यह मन को प्रसन्न रखता है |
  • खाने के बाद आंव आने और पेट दर्द की शिकायत हो तो इसका सेवन करना चाहिए |
  • रक्त विकार और वात पित्त की समस्या में इसका सेवन बहुत गुणकारी होता है |
  • इसके सेवन से कब्ज का नाश होता है |

गंधक वटी के नुकसान और सावधानियां / gandhak vati side effects

यह औषधि अत्यंत गुणकारी और उपयोगी है | सामान्यतः इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं देखने को मिलते | इसकी एक दो गोली खाना खाने के बाद सेवन की जा सकती है | गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए |

धन्यवाद !

सन्दर्भ / रिफरेन्स

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