नारिकेलासव (नारिकेल आसव) : फायदे, उपयोग एवं बनाने की विधि

नारिकेलासव बल एवं वीर्य बढाने वाला, अत्यंत पौष्टिक, वाजीकारक, कामशक्ति बढाने वाला आसव है | यह आसव उन पुरुषों के लिए बहुत उपयोगी है स्वप्नदोष या शीघ्रपतन की समस्या से पीड़ित हैं | वर्तमान समय में इन्टरनेट पर उपलब्ध अश्लील साहित्य के कारण युवा काम मुग्ध हो कर हस्तमैथुन की आदत पकड़ लेता है इस वजह से कम उम्र में ही वीर्य विकार हो जातें है एवं इन्द्रियां ढीली पड़ जाती हैं | इस तरह की समस्याओं में नारिकेलासव किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है |

नारिकेलासव क्या है / what is Narikelasav ?

यह आयुर्वेद में आसव/ अरिष्ट प्रकरण की औषधि है | इस औषधि में नारियल का पानी, ईख का रस, दालचीनी, नागकेशर जैसे द्रव्यों का उपयोग किया जाता है | पुरुषों के लिए यह दवा बहुत उपयोगी है | नारिकेल आसव खासकर उन युवाओं और पुरुषों के लिए ज्यादा फायदेमंद है जिन्होंने अत्यधिक हस्तमैथुन करके वीर्य नाश किया हो और इस कारण से उनमें वीर्य विकार एवं नपुंसकता जैसी कमजोरियां आ गयी हों |

नारिकेलासव के घटक द्रव्य / Narikelasav ingredients in hindi

नारिकेल आसव में निम्न घटक द्रव्यों का उपयोग किया जाता है :-

  • नारियल का पानी – २५ सेर
  • ईख कर रस – १२ सेर
  • सेमल क्वाथ – १२८ तोला
  • दशमूल क्वाथ – १२८ तोला
  • कस्तूरी, केशर – प्रत्येक ३ माशा
  • तगर, सफ़ेद चंदन, लौंग – प्रत्येक ४ तोला

इसके अलावा निम्न प्रक्षेप द्रव्यों का उपयोग होता है (मात्रा – प्रत्येक ६४ तोला) :-

  • दालचीनी, तेजपात
  • नागकेशर, इलायची
  • धाय के फुल

नारिकेल आसव बनाने के विधि / Narikelasav banane ki vidhi

इस आसव को बनाने के लिए निम्न विधि का उपयोग होता है :-

  • नारिकेलासव बनाने के लिए सभी जड़ी बूटियों का चूर्ण बना लें |
  • नारियल का पानी, ईख के रस, सेमल क्वाथ, दशमूल क्वाथ को मिला लें |
  • अब एक मिट्टी का घड़ा लें उसमें घी से चिकना कर लें |
  • यह सारा मिश्रण इस घड़े में डाल लें |
  • इस मिश्रण को १ महीने तक छोड़ दें |
  • एक माह बाद इसको छान कर रख लें |

केसर एवं कस्तूरी पहले ना डाल कर आसव तैयार हो जाने के बाद घोंट कर डालें |

सेवन एवं अनुपान की विधि / How to use Narikelasav ?

इसकी एक से दो तोला की मात्रा का सेवन बराबर मात्रा में जल मिलाकर दें |

नारिकेलासव के उपयोग एवं फायदे / Narikelasav uses and benefits in hindi

छोटी उम्र में अप्राकर्तिक ढंग से वीर्य नाश करने, स्वप्नदोष, धात गिरने एवं अन्य कारणों से आयी वीर्य की कमी या वीर्य में पतलापन की समस्या में यह आसव बहुत उपयोगी है | नारिकेलासव के फायदे :-

  • यह वीर्य विकारों में लाभदायक है |
  • इसके सेवन से वीर्य गाढ़ा होता है एवं वीर्य वाहिनी नाड़ी को बल मिलता है |
  • नारिकेल आसव बल एवं वीर्य बढाने वाली औषधि है |
  • शुक्र दोष के कारण आयी नामर्दी में इस आसव का सेवन करने से अच्छा लाभ देखने को मिलता है |
  • इसके सेवन से सभी दोषों का नाश होता है एवं शरीर हष्ट पुष्ट एवं बलवान बन जाता है |
  • धातुक्षीणता में यह आसव रामबाण औषधि का काम करता है |

नारिकेलासव के नुकसान / Narikelasav side effects

नारिकेल आसव एक सुरक्षित औषधि है, सामान्यतः इसका कोई दुष्प्रभाव शरीर पर देखने को नहीं मिलता है | फिर भी इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से उचित सलाह लेना चाहिए |

धन्यवाद

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