सोमरोग (बेहद खतरनाक स्त्री रोग) के कारण, लक्षण एवं उपचार |

सोमरोग स्त्रियों में पायी जाने वाली एक भयंकर बीमारी है | इस रोग के कारण स्त्री का शरीर जर्जर हो जाता है | इस रोग में निरंतर सफ़ेद रंग का ठंडा दुर्गन्ध रहित पेशाब बार बार होता है | इस कारण धीरे धीरे शारीरिक शक्ति का ह्रास होता रहता है और कालांतर के बाद स्त्री अत्यंत दुर्बल एवं औज रहित हो जाती है |

सोमरोग के कारण
सोमरोग के कारण

इस रोग के कारण केवल शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक दुर्बलता भी हो जाती है | कभी कभी रोग की अधिकता होने पर मस्तिष्क सुना हो जाना, मूर्छा (बेहोशी) हो जाना एवं प्रलाप जैसी समस्या भी देखने को मिलती है |

सोमरोग के कारण, लक्षण एवं उपचार |

स्त्रियों में श्वेतप्रदर, रक्तप्रदर एवं सोमरोग अधिकतर देखने को मिलते हैं | इन रोगों में रक्त रसादि धातुओं का क्षय होता है जिसके कारण शरीर कमजोर हो जाता है व अनेकों समस्याएं उत्पन्न हो जाती है | सोमरोग में स्राव लगातार होता रहता इस कारण यह अधिक खतरनाक होता है | इसके कारण स्त्री का शरीर बहुत दुर्बल हो जाता है एवं वह अनेकों रोगों से गर्सित हो जाती है |

इस रोग के कारण / Causes in hindi

आयुर्वेदानुसार रजोविकार कफ़ एवं वात दोष में उत्पन्न विकार के कारण होते हैं | इसके अलावा निम्न कारणों से यह रोग हो सकता है :-

  • अनुचित खान पान के कारण |
  • अत्यधिक मैथुन के कारण |
  • मूत्राशय में विकार जैसे सुजन या इन्फेक्शन की वजह से |
  • अतृप्त कामवासना की वजह से |
  • मानसिक विकारों के कारण |
  • कब्ज, अपच एवं अजीर्ण आदि के कारण |

जानें क्या हैं इसके लक्षण / Symptoms In hindi

  • योनि से सफ़ेद ठंडा चिपचिपा तरल बार बार आना |
  • खुजली एवं जलन होना |
  • शारीरिक दुर्बलता होना |
  • अत्यधिक थकान होना |
  • भूख न लगना |
  • सर दर्द होना या चक्कर आना |

सोमरोग का आयुर्वेदिक उपचार एवं दवा |

आयुर्वेद प्रकृति का आशीर्वाद है | इस प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति में सभी रोगों के लिए उपचार एवं दवा की व्यवस्था है | आइये जानते हैं सोमरोग की कुछ विशिष्ट आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में :-

सोमरोग की आयुर्वेदिक दवा
सोमरोग की आयुर्वेदिक दवा

सोमनाथ रस से करें सोमरोग का इलाज :-

यह सोम रोग की प्रशिद्ध दवा है | सोमनाथ रस के सेवन से इस रोग में अतिशीघ्र लाभ मिलता है | इस रोग के कारण शरीर द्वारा धारण करने वाली धातुएं पेशाब के साथ निकलती रहती हैं जिससे शरीर दुर्बल हो जाता है | इस अवस्था में सोमनाथ रस बहुत लाभदायी होता है | मस्तिष्क सुन्न हो जाना, चक्कर आना, थकान रहना एवं दुर्बलता जैसे विकार इस रसायन के सेवन से नष्ट हो जाते हैं |

सोमरोग में इसकी एक एक गोली सुबह शाम बकरी के दूध के साथ सेवन करें |

सोमेश्वर रस है सोमरोग की प्रभावी दवा :-

स्त्रियों के लिए यह रसायन अमृत सामान उपयोगी है | सोमेश्वर रस को बनाने के लिए लगभद 30 प्रभावी जड़ी बूटियों का उपयोग किया जाता है |

  • यह रसायन स्त्रियों में होने वाले सभी प्रकार के रजोविकारों को नष्ट करने की क्षमता रखता है |
  • इसके सेवन वात एवं प्रमेह को तुरन्त नष्ट करता है |
  • यह दवा सोमरोग से उत्पन्न विकारों को नष्ट करके शरीर को बल प्रदान करती है |
  • इसके अलावा यह मुत्रविकार, मूत्राघात, उपदंश, अर्श रोग एवं कामला आदि के लिए भी अत्यंत उपयोगी है |
  • इसका सेवन काले तिल, केला या आंवला स्वरस के साथ करें |
  • अनुपान के रूप में ऊपर से बकरी का दूध पिने से अच्छा लाभ मिलता है |

सोमनाथ रस (बृहत) के सोमरोग में फायदे :-

इस रसायन के उपयोग से कठिन से कठिन सोमरोग भी ठीक हो सकता है | इसके अलावा सोमनाथ रस (बृहत) सभी प्रकार के प्रमेह रोगों में भी उपयोगी होता है | सोमरोग में धातुओं का प्रतिलोम क्षय प्रारंभ हो जाता है | जिसकी वजह से शरीर दुर्बल एवं रोग ग्रसित हो जाता है |

इस औषधि को प्रवाल भस्म, सितोप्लादी चूर्ण एवं शिलाजीत के साथ सेवन करने से सोमरोग एवं उसके कारण उत्पन्न विकार नष्ट हो जाते हैं |

धन्यवाद !

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