धातु रोग से छुटकारा दिलाने वाली 5 पतंजलि आयुर्वेदिक दवा |

धातु रोग की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि के बारे में जानने से पहले धातु क्या होती है या यहाँ पर धातु किसे बोला जा रहा है यह जान लेना बहुत जरुरी है | “धातु” इस शब्द का आयुर्वेद में बहुत महत्व है | आम तौर पर जानकारी के अभाव में धातु को metal समझ लिया जाता है लेकिन आयुर्वेद में इसका अलग मतलब होता है | आयुर्वेद के अनुसार हमारे शरीर का निर्माण सात धातुओं के योग से होता है इन्हें सप्तधातु कहते हैं |

शरीर के निर्माण के लिए सात धातुएं :-

  • रस
  • रक्त
  • मांस
  • मेद
  • अस्थि
  • मज्जा
  • शुक्र

हम जो भी खान पान करते हैं उसी का पाचन होने के बाद इन धातुओं का निर्माण होता है | जैसे भोजन के पाचन से रस, रस से रक्त, रक्त से मांस पेशियाँ, अस्थि मज्जा और सबसे अंत में शुक्र धातु का निर्माण होता है | शुक्र धातु को सबसे शक्तिशाली एवं महत्वपूर्ण धातु माना गया है |

शुक्र धातु का सीधा संबंध प्रजनन या संतानोत्पति से है | विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण, संभोग की इच्छा, यौन संबंध एवं प्रजनन सब इसी धातु के कारण संभव हो पाता है | धातु रोग में शुक्र धातु का क्षय होने लगता है जिसका सीधा सीधा प्रभाव व्यक्ति की यौन क्षमता पर पड़ता है |

धातु रोग की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि ( 5 विशवसनीय दवाएं)

शुक्र धातु हमारे शरीर की सबसे शक्तिशाली एवं महत्वपूर्ण धातु है | धातु रोग में इसका क्षय होने लगता है | इसमें मल मूत्र आदि के साथ धात गिरना या स्वप्नदोष जैसी समस्या शामिल हैं | यह रोग अधिकतर युवाओं में देखने को मिलता है | इसके कारण अत्यधिक हस्तमैथुन की आदत, पाचन की समस्या, मूत्र एवं प्रजनन अंगो से जुडी समस्या, शरीर में उष्णता, बवासीर, अश्लील विचार करना आदि हो सकते हैं |

धातु रोग की आयुर्वेदिक दवा पतंजलि

यह रोग होने से धातु का क्षय होता है एवं अधिक समय तक यह रोग रहने से शरीर धीरे धीरे जर्जर होने लगता है | इस रोग के कारण यौन कमजोरी तो आती ही है साथ में शरीर भी अत्यंत कमजोर हो जाता है | इसलिए पतंजलि की आयुर्वेद दवा अपना कर समय पर धातु रोग का उपचार करना अत्यंत आवश्यक है |

इस लेख में हम पतंजलि आयुर्वेद की उन 5 विश्वसनीय दवाओं के बारे में बात करेंगे जिनका उपयोग आप धातु रोग होने की अवस्था में कर सकते हैं |

पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल से धातु रोग का इलाज करें

अश्वगंधा अपने खास गुणों के कारण आयुर्वेद जगत में बहुत उपयोगी माना जाता है | अपने इन्ही गुणों के कारण धात गिरना, स्ट्रेस, थकान, कमजोरी आदि समस्याओं में इसका उपयोग किया जाता है | पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल उत्तम श्रेणी के अश्वगंधा एक्सट्रेक्ट का उपयोग करके बनाया जाता है |

धातु रोग में पतंजलि अश्वगंधा कैप्सूल का उपयोग चिकित्सक की सलाह से कर सकते हैं | इसका एक एक कैप्सूल सुबह शाम गाय के दूध या शहद के साथ सेवन किया जा सकता है | इसका उपयोग करते समय अधिक मसाले वाले खान पान एवं खटाई से परहेज करना चाहिए |

पतंजलि दिव्य यौवन चूर्ण है धातु रोग की दवा

दिव्य यौवन चूर्ण पतंजलि की पेटेंट आयुर्वेदिक दवा है | इसमें अश्वगंधा, सफ़ेद बहमन एवं वंग भस्म का योग है | यौन समस्याओं में इस दवा का उपयोग अत्यंत गुणकारी है | धातु रोग को ठीक करने के लिए पतंजलि की इस आयुर्वेदिक दवा का उपयोग किया जा सकता है | इसके अलावा यौवन चूर्ण का उपयोग नपुंसकता, थकान आदि समस्याओं के लिए भी किया जाता है |

पतंजलि मकरध्वज का उपयोग कर धातु रोग को ख़त्म करें

मकरध्वज आयुर्वेद की शास्त्रोक्त औषधि है | इसका उपयोग शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए किया जाता है | यह लिबिडो बढाने के लिए बहुत उपयोगी है | इसके सेवन से सभी तरह की कमजोरियां दूर होती हैं | धात गिरने से आई कमजोरी को दूर करने के लिए इसका उपयोग बहुत गुणकारी है | धातु रोग में इसका सेवन करना चाहिए | यह शारीरिक और यौन दोनों तरह की कमजोरियां दूर करता है |

दिव्य चन्द्रप्रभा वटी का धातु रोग में उपयोग

चन्द्रप्रभा वटी आयुर्वेद की शास्त्रोक्त औषधि है जिसका उपयोग मूत्र विकारो में किया जाता है | मूत्र संस्थान के रोगों की यह सबसे प्रभावशाली दवा है | धातु गिरने की समस्या एवं शीघ्रपतन जैसे रोगों में इसका उपयोग बहुत प्रभावी रहता है | यह वटी इम्युनिटी बढाने में भी उपयोगी है | पेशाब से होने वाली जलन आदि समस्याओं में इसका उपयोग किया जाता है |

यौवन अमृत वटी

पतंजलि की यह आयुर्वेदिक दवा यौन रोगों के लिए बहुत गुणकारी है | कामेच्छा की कमी, थकान, नपुंसकता एवं धातु रोग में इसका उपयोग अत्यंत गुणकारी है | इसका सेवन करने से वीर्य गाढ़ा होता है एवं प्रजनन अंग को मजबूती मिलती है जिससे धात गिरने की समस्या एवं शीघ्रपतन आदि में बहुत लाभ मिलता है |

धन्यवाद ||

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