महायोगराज गुग्गुल के फायदे, घटक द्रव्य एवं बनाने की विधि | Mahayograj Guggul Benefits, Ingredients & Method of Manufacturing in Hindi

महायोगराज गुग्गुल : गुग्गुल प्रकरण की यह दवा आयुर्वेद चिकित्सा की शास्त्रोक्त औषधि है | जब कभी भी हम शास्त्रोक्त कहते है तो उसका सीधा अर्थ यह होता है कि उस दवा के निर्माण की विधि एवं उपयोग का वर्णन आयुर्वेद के ग्रंथो में हुआ है |

अर्थात जिन दवाओं को बनाने की विधि एवं रोगों पर उपयोग की जानकारी का पूरा विवरण ग्रंथो से प्राप्त हो वही शास्त्रोक्त औषधियां होती है | महायोगराज गुग्गुल भी गुग्गुलु से बनने वाली शास्त्रोक्त दवा है |

यह त्रिदोष शामक औषधि है | वात – पित्त एवं कफ तीनों दोषों को दूर करने में उपयोगी है | गठिया रोग, आमवात, मिर्गी, जोड़ो के दर्द, शरीर में मोटापा एवं असाध्य वात रोगों में इसका प्रयोग बहुत लाभदायक होता है |

साथ ही अपने दीपन-पाचन गुणों के कारण महायोगराज गुग्गुल आमदोष का पाचन करके आमदोष का नाश करता है एवं धातुओं को पौषित करता है |

चलिए अब जानते है इसके घटक द्रव्य एवं बनाने की विधि के बारे में

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Post Contents

महायोगराज गुग्गुल के घटक द्रव्य / Ingredients of Mahayograj Guggul in Hindi

  1. सोंठ
  2. पीपल छोटी
  3. चव्य
  4. पीपलामूल
  5. चित्रकमुल की छाल
  6. हिंग
  7. इंद्रजो
  8. ग्वारपाठा
  9. वायविडंग, गजपीपल
  10. कुटकी
  11. अजवायन
  12. सरसों
  13. सफ़ेद जीरा
  14. काला जीरा
  15. रेणुका, अतिस मुर्वा
  16. वच
  17. भारंगी मूल
  18. त्रिफला
  19. शुद्ध गुग्गुलु
  20. वंग भस्म
  21. रौप्य भस्म
  22. नाग भस्म
  23. लौह भस्म
  24. अभ्रक भस्म
  25. मंडूर भस्म
  26. रस सिंदूर
  27. घी या एरंड तेल

बनाने की विधि

सबसे पहले सभी काष्ठ औषधियों का महीन चूर्ण कर लिया जाता है | महीन चूर्ण करने के लिए सबसे पहले इन्हें खरल में डालकर कुटा जाता है एवं बाद में इसे कपडछान कर लिया जाता है | इस प्रकार से सभी काष्ठ औषधियों का महीन चूर्ण प्राप्त होता है |

महायोगराज गुग्गुल

अब खरल में रस सिंदूर को डालकर इसका अच्छी तरह से मर्दन किया जाता है | साथ में सभी भस्मे एवं शुद्ध गुग्गुल को डालकर थोड़ा घी मिलाकर मर्दन करके 250 – 250 mg की गोलिया बना ली जाती है | इनको छायाँ में सुखाकर, कांच की सीसी में सहेज लिया जाता है | इस प्रकार से तैयार औषधि महायोगराज गुग्गुल कहलाती है |

महायोगराज गुग्गुल के फायदे / Mahayograj Guggul Benefits in Hindi

यह त्रिदोष्घन रसायन सभी प्रकार के वातव्याधियों, आमवात, पक्षवात, संधिवात, वातरक्त, उदावर्त, मोटापा, हृदय जकड़न, श्वांस, गर्भाशय विकार, नेत्ररोग एवं मासिक धर्म की अनियमितता आदि में सफल औषधि है | यहाँ निचे हमने इसके विभिन्न रोगों में फायदे सूचिवार बताएं है |

वात रोग में महायोगराज गुग्गुल के फायदे

सभी प्रकार के वात रोगों में यह दवा अत्यंत लाभदायक है | इसके सेवन से प्रकुपित वात ठीक होता है साथ ही वात के कारण होने वाले दर्द में भी तीव्र लाभ देती है | वात विकारों में इसका सेवन रास्ना क्वाथ या गिलोय के क्वाथ के साथ 1 – 1 गोली का सेवन सुबह शाम चिकित्सक करवाते है |

अनुपान के रूप में रास्ना क्वाथ, गिलोय क्वाथ, एरंडमूल क्वाथ, दशमूल क्वाथ यह अजवायन के क्वाथ का प्रयोग वात विकृति में करवाया जाता है |

पित्त रोग में महायोगराज गुग्गुल के फायदे

जीवनीय वर्ग की औषधियों में से किसी एक के क्वाथ के साथ अथवा वासा, चन्दन, नेत्रबाला, मुन्नका, कुटकी, खजूर या जीवक एवं ऋषभक के क्वाथ के साथ महायोगराज गुग्गुलु का सेवन करना बहुत लाभदायक है | इस प्रकार से सेवन करने से यह प्रकुपित पित्त को शांत करने का कार्य करती है एवं इसके कारन होने वाले उपद्रवों को शांत करती है |

कफ रोगों में इसके फायदे

त्रिकुटा, गोमूत्र, नीम की छाल, पोहकरमूल, गिलोय, अजवायन और पीपलामूल क्वाथ के साथ महायोगराज गुग्गुल का सेवन करवाने से बढे हुए कफ दोष शांत होते है | कफ के कारण उत्पन्न हुए विकार भी इसके सेवन से ठीक होने लगते है |

गर्भ न ठहरने पर महायोगराज गुग्गुल के फायदे

स्त्रियों का गर्भ स्थान जब वायु एवं कफ से दूषित होकर और चर्बी की अधिकता होकर जब महिलाओं में मासिक धर्म ठीक ढंग से नहीं आता या आना बंद हो जाता है तब महिला को गर्भ नहीं ठहरता है | एसी स्थिति में स्त्री को पहले दो दिन का लंघन करवाके, लगातार एक या डेढ़ महीने तक महायोगराज गुग्गुलु का सेवन करवाने से सभी विकार ठीक होने लगते है एवं महिला के गर्भाशय का मुंह खुलने लगता है | साथ ही मासिक धर्म भी ठीक हो जाता है | परिणामस्वरुप गर्भ ठहर जाता है |

मांसपेशियों का दर्द में फायदेमंद

अगर शरीर के प्रत्येक अंग में स्नायुशूल (मांसपेशियों का दर्द) होता हो तो उसमे अगर सभी दूसरी औषधियां निष्फल हो गई हो तो महायोगराज गुग्गुल के सेवन से अत्यंत लाभ मिलता है | अगर सुजन के कारण दर्द हो तो मंजिष्ठादी क्वाथ के साथ इसका उपयोग करवाते है | इस प्रकार से वैद्य निर्देशित मात्रा एवं अनुपान में सेवन करने से तीव्रता से लाभ मिलता है |

मिर्गी रोग में लाभदायक

पागलपन या मिर्गी की समस्या में महायोगराज गुग्गुल लाभदायक है | इस प्रकार के रोग में मंस्यादी क्वाथ के साथ इसका सेवन करवाने से बहुत लाभ मिलता है | मिर्गी रोग हो या उन्माद, अप्तंत्रक हो या हिस्टीरिया सभी में इसके सेवन लाभ मिलते है | इन रोगों में वैद्य सलाह अनुसार इसका सेवन लाभदयक होता है |

दिमाग तेज करने में फायदेमंद

मष्तिष्क की निर्बलता के कारण स्मरण – शक्ति का ह्रास हो जाता है अर्थात याददास्त कमजोर हो जाती है | साथ ही मानसिक अस्थिरता, चंचलता एवं घबराहट आदि होने पर महायोगराज गुग्गुल को ब्राह्मी घृत के साथ वैद्य निर्देशित करते है | इस प्रकार से इस औषदी का सेवन करने से दिमाग तेज होता है एवं याददास्त बढती है | यह मष्तिष्क को बल देकर मानसिक चंचलता, डर एवं घबराहट को दूर करने में फायदेमंद है |

महायोगराज गुग्गुल के नुकसान / Side effects of Mahayograj Guggul in Hindi

सावधानियां

इस आयुर्वेदिक औषधि के कोई ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं है | अगर इसे वैद्य के परामर्शानुसार सेवन किया जाये तो यह स्वास्थ्य लाभ ही देती है कोई भी दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलते | ध्यान दें – इस औषधि का सेल्फ मेडिकेशन करना नुकसान दायक हो सकता है | क्योंकि गलत मात्रा एवं अनुपान आपकी अन्य समस्याओं को बढ़ा सकते है | अत: महायोगराज गुग्गुल या कोई भी अन्य आयुर्वेदिक उत्पादों का सेवन वैद्य के परामर्शानुसार ही करना चाहिए |

सवाल – जवाब / FAQ

महायोगराज गुग्गुल किन रोगों में काम आता है ?

यह गठिया रोग, आमवात, जोड़ो के दर्द, सभी प्रकार के वात के दर्द, मांसपेशियों के दर्द, मष्तिष्क विकार एवं त्रिदोष रोगों में काम आती है |

महायोगराज गुग्गुल कहाँ उपलब्ध होगी ?

यह सभी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर एवं ऑनलाइन बाज़ार में आसानी से उपलब्ध हो जाती है |

सेवन की मात्रा क्या है ?

इसका सेवन 250 mg की मात्रा में सुबह – शाम वैद्य के परामर्शानुसार बताये गए अनुपान के साथ करना चाहिए |

महायोगराज गुग्गुलु के क्या नुकसान है ?

इसके कोई ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं है |

क्या स्वयं के द्वारा रोग में सेवन की जा सकती है ?

कोई भी आयुर्वेदिक औषधि बिना वैद्य परामर्श सेवन नहीं करनी चाहिए | भले ही ये नुकसान रहित हो लेकिन आपके रोग एवं रोग की स्थिति को वैद्य ही भलीभांति समझ सकते है |

महायोगराज गुग्गुल का मूल्य क्या है ?

अलग – अलग फार्मेसियों का मूल्य भी अलग – अलग है | Baidyanath Mahayograj guggul का Price Rs. 225 है जो 40 टेबलेट्स के लिए है |

धन्यवाद |

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