योनी धूपन (Yoni Dhupana) क्या है ?

महिलाओं में मासिक धर्म के समय एवं प्रसव के बाद स्त्रियों को योनी में संक्रमण होने का खतरा बना रहता है | इसके अलावा सूखापन हो जाना या खुजली जैसी समस्या हो जाना भी आम है | ऐसे में स्त्रियों को को अपने को स्वस्थ एवं साफ रखना बहुत आवश्यक होता है | आयुर्वेद में शरीर के रख रखाव के लिए बहुत से तरीके बताये है | इन्हीं में से एक है योनी धूपन (Yoni Dhoopan)

योनी धूपन
योनी धूपन

योनी धूपन क्या है एवं इसके क्या क्या फायदे हैं ?

आयुर्वेद में वर्णित उपचार शैली अत्यंत प्रभावी एवं प्राकृतिक होती है | धूपन संस्कार राक शाविधि के अंतर्गत आता है जिसमें हानिकारक जीवाणुओं से बचने के लिए धूपन (Fumigation) का उपयोग किया जाता है | योनी धूपन महिलाओं के लिए अत्यंत उपयोग थैरपी है | इसका उपयोग करके योनी का सूखापन, संक्रमण एवं खाज खुजली की समस्या से बचा जा सकता है | प्रसव के बाद तो इसका उपयोग करना बहुत गुणकारी होता है एवं स्त्री को पुनः स्वस्थ होने में मदद करता है |

आइये जानते हैं इसके लिए जरुरी घटक द्रव्यों के बारे में

योनी धूपन के लिए निम्न द्रव्यों की आवश्यकता होती है :-

  • हिंग, ब्राह्मी
  • दूब, जटामांसी
  • वच, जौ
  • शर्शप, अतसी
  • हिंग, गुग्गुलु
  • चोर पुष्पी, अशोक
  • कुटकी, चन्दन

योनी धूपन कैसे किया जाता है ?

ऊपर बताई गयी जड़ी बूटियां जीवाणु नाशक गुणों वाली एवं सुगंध बढाने वाली हैं | इनका उपयोग करके प्रसव के बाद एवं योनी संक्रमण से बचने के लिए बहुत फायदेमंद रहता है | संक्रमण के अलावा आपके रख रखाव के लिए भी यह फायदेमंद होती है | इसके लिए निम्न तरीका अपनाएं :-

  • अच्छे से नहा के शरीर को पोंछ लें |
  • ऊपर बतायी गयी जड़ी बूटियों को आवश्यकता अनुसार लें |
  • अब एक मिटटी के बर्तन में अंगारे लें लें |
  • ध्यान रखें ज्यादा गर्म अंगारे न हों |
  • एक स्टूल या कुर्सी लें जो जालीदार हो |
  • अब इन जड़ीबूटियों को अंगारों पर जला लें |
  • जब हल्का हल्का धुंवा उठने लगे तो स्टूल पर बैठ कर योनी पर धुप लें |
  • ध्यान रखें योनी तक धुप अच्छे से पहुँच रही हो |
  • १० से १५ मिनट तक धूप ले |

योनी धूपन (Yoni Dhoopana) के फायदे एवं उपयोग |

इसके निम्न फायदे हैं :-

  • संक्रमण से छुटकारा मिलता है |
  • सूखापन दूर करती हैं |
  • खुजली की समस्या को दूर करती है |
  • सूजन की समस्या में फायदा होगा |
  • रक्त संचार बढ़ाती है |
  • प्रसव के बाद की पीड़ा को कम करती है |
  • मासिक धर्म से होने वाले दर्द से छुटकारा दिलाती है |

क्या क्या सावधानियां रखें ?

इसको अपनाने से पहले अच्छे से नहाना जरुरी है | ध्यान रखें अंगारे बहुत ज्यादा गर्म न हों | जड़ी बूटियों से उठने वाले धुंए को योनी पर लगने दें | योनी धूपन को अपनाने से पहले इसके बारे में अच्छे से पता कर लें |

धन्यवाद !

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