शतावरी है एक चमत्कारिक औषधि – प्रजनन रोगों और पौरुष शक्ति में असरदार

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शतावरी के स्वास्थ्य लाभ 

शतावरी भारत में सर्वत्र पाई जाने वाली कांटे युक्त लता है | यह ज्यादातर जंगलो में अपने आप ही उगती है | लेकिन औषधि प्रयोग में इसकी अधिक मांग होने के कारण अब इसकी व्यावसायिक खेती भी की जाती है, एक अनुमान के अनुसार भारत में विभिन्न औषधियो के निर्माण के लिए 500 टन शतावरी की जड़ की खपत होती है | आज से 2000 हजार साल पहले ऋषियों के द्वारा भी शतावरी की खेती की जाती थी, वे इसका उपयोग विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में करते थे | औषधि उपयोग में शतावरी की जड़ का इस्तेमाल होता है |

संक्षिप्त औषध गुण परिचय 

गुण धर्म  
शतावरी का रस – मधुर और तिक्त,  गुण में यह – गुरु और स्निग्ध 
शतावरी शीत वीर्य और विपाक में मधुर गुण धर्म की होती है |

प्रायोगिक अंग – मूल ( जड़ )

चूर्ण की सेवन मात्रा – 1-3 ग्राम |

विशिष्ट योग – शतावरी चूर्ण , शतावरी घृत, शातावृयाधि गुग्गुल एवं नारायण तेल आदि में |

शतावरी के स्वस्थ्य लाभ – Health benefits of shatavari 

शतावरी का उपयोग प्रसव रोगों में अधिक किया जाता है | स्त्री रोग जैसे प्रसव के बाद स्तनों में दूध की कमी, गर्भपात और बांझपन में शतावरी का उपयोग किया जाता है | इसके अलावा यह पौरुष शक्ति को बढ़ाने में कारगर है | जोड़ो का दर्द एवं मिर्गी जैसे रोगों में भी इसका उपयोग किया जाता है |

स्त्रियों में दूध की कमी – जिन स्त्रियों में प्रसव के पश्चात दूध नहीं उतरता या दूध कम आता है उन्हें शतावरी का उपयोग करना चाहिए | शतावरी चूर्ण का 3 से 5 ग्राम की मात्रा में दूध के साथ सेवन करे |

रोगप्रतिरोधक – शतावरी इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करती है | जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उन्हें शतावरी का सेवन करना चाहिए |
माइग्रेन – जिन को माइग्रेन की समस्या रहती हो वे शतावरी की ताजा जड़ को हल्का कूट ले और इसका रस निकाल ले अब इस रस के बराबर तील का तेल ले और दोनों को मिला कर पक्का ले | जब तेल में से शन-शन की आवाज आना बंद हो जाए तो इसे चूल्हे से उतार कर ठंडा कर ले और इस तेल की मालिश करे | जल्द ही माइग्रेन से छुटकारा मिलेगा |
स्वपनदोष और शीघ्रपतन – स्वप्न दोष और शीघ्रपतन से आदमी की काम इच्छा कमजोर हो जाती है इसलिए जिन्हें ये शिकायत रहती है वे शतावरी चूर्ण का 5 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम गाय के दूध के साथ सेवन करे | महीने भर में स्वप्नदोष और शीघ्रपतन से छुटकारा मिल जावेगा |
प्रदर रोग – जिन महिलाओ को प्रदर रोग की बीमारी है उन्हें 5 से 10 ग्राम शतावरी चूर्ण का इस्तेमाल गाय के घी के साथ करना चाहिए या घी की जगह वे गाय का दूध भी ले सकती है |
मर्दाना ताकत – जो व्यक्ति मर्दाना कमजोरी से गुजर रहे है और हर प्रकार का उपाय कर चुके है उन्हें मैं शतावरी पाक की सलाह दूंगा  | शतावरी पाक आप बाजार से खरीद ले क्योकि इसे घर में बनाना भी इतना ही मंहगा और कठिन है | इसका इस्तेमाल आप सर्दियों में 10 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम करे और ऊपर से गरम दूध पी ले | एक अहिने के उपयोग से आपमें पहले जैसी यौन शक्ति आ जावेगी |

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ज्वर – अगर व्यक्ति वातज ज्वर से परेशान है तो शतावरी की जड़ और गिलोय के रस का सेवन करे | आप शतावरी और गिलोय के क्वाथ को मिलकर भी उपयोग में ले सकते है | इससे जल्दी ही वातज ज्वर में लाभ मिलता है |
health benefits of shatavari – शतावरी के स्वास्थ्य लाभ 

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