Ayurvedic Medicine, bhasma, खनिज

जहर मोहरा पिष्टी के फायदे एवं बनाने की विधि जानें

जहर मोहरा पिष्टी :- एक यूनानी क्लासिकल फार्मूलेशन है जिसका निर्माण जहर मोहरा नामक पत्थर से किया जाता है | यह दवा खनिज द्रव्यों से निर्माण होने वाली यूनानी औषधियों की श्रेणी में आती है | यूनानी हकीमों के अलावा आयुर्वेदिक चिकित्सक भी जहर मोहरा पिष्टी का प्रयोग प्रचुरता से करते है |

इस दवा का मुख्य घटक एक हरित (हरापन) लिए हुए पीले एवं सफ़ेद रंग का पत्थर होता है | इस पत्थर को Serpentine Stone या जहर मोहरा पत्थर कहा जाता है | इस पत्थर में मग्नेशियम सिलिकेट, आयरन, जस्ता आदि रहते है |

जहर मोहरा पिष्टी को सुजन, भ्रम, हृदय विकार, अतिसार, अधिक मासिक स्राव, बुखार एवं पाचन की समस्याओं में उचित अनुपान के साथ प्रयोग करवाया जाता है | यह हृदय को बल प्रदान करने, विष को हरने वाली, रोगाणुरोधी गुणों से युक्त दवा है |

जहर मोहरा पिष्टी

जहर मोहरा का मुख्य घटक

इसका मुख्य घटक जहर मोहरा पत्थर होता है जो मग्नेशियम सिलिकेट का बना होता है | आयुर्वेद चिकित्सा के अनुसार यह सीधा ही सेवन उपयोगी नहीं है | औषध उपयोग में लेने से पहले इसका शोधन करना आवश्यक होता है |

शुद्ध करने का तरीका

जहर मोहरा से पिष्टी निर्माण करने से पहले इसको शोद्धित करना आवश्यक होता है | इसे शुद्ध करने के लिए सबसे पहले जहर मोहरा पत्थर को लाल होने तक तप्त (गर्म) किया जाता है | जब यह अच्छी तरह तप्त हो जाता है तो गाय के दूध या त्रिफला क्वाथ में डालकर इसे बुझाया जाता है |

इस बुझाने की परक्रिया को 21 बार अपनाया जाता है | तब जाकर जहर मोहरा शुद्ध प्राप्त होता है | इस शोद्धित जहर मोहरा से ही पिष्टी का निर्माण किया जाता है |

जहर मोहरा पिष्टी बनाने की विधि

पिष्टी बनाने के लिए सबसे पहले शोद्धित जहर मोहरा पत्थर को शुद्ध जल से प्रक्षालित (धोंलें) करें एवं इसे खरल में डालकर महीन चूर्ण बना लें |

अब इस चूर्ण को सूती वस्त्र से छान कर इक्कठा करलें |

तत्पश्चात इस चूर्ण में गुलाब जल की भावना देकर खरल में मर्दन करें | इसे महीन होने तक मर्दन करें | जब महीन हो जाए तो इसे छाया में सुखाकर चूर्ण रूप में बना लें |

इस प्रकार से जहर मोहरा पिष्टी का निर्माण होता है | इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें |

चिकित्सकीय उपयोग

  • अतिसार में उपयोगी
  • सुजन
  • भ्रम
  • हृदय विकार एवं दुर्बलता
  • अतिसार (दस्त)
  • बच्चों में अतिसार
  • त्रिदोष संतुलन
  • वमन या छर्दी
  • पाचन विकार
  • विष

जहर मोहरा पिष्टी के फायदे

  1. यह बल्य औषधि है | अत: शरीर को ताकत प्रदान करती है |
  2. हृदय रोगों में उचित अनुपान के साथ देने से हृदय को बल मिलता है एवं विकार दूर होते है |
  3. पाचन को सुधारने में फायदे मंद है |
  4. सुजन को दूर करती है |
  5. शीतल गुणों के कारण दिमाग को शांति प्रदान करती है |
  6. त्रिदोष अर्थात वात – पित्त एवं कफ को संतुलित करती है |
  7. सांप एवं बिच्छु के विष में लाभदायक है |
  8. महिलाओं में होने वाले अत्यधिक मासिक धर्म की समस्या में आयुर्वेदिक चिकित्सको द्वारा अन्य औषधियों के साथ योग स्वरुप सेवन करवाई जाती है |
  9. अतिसार अर्थात अत्यधिक दस्त की समस्या में सभी उम्र के रोगियों के लिए फायदेमंद है |
  10. बार – बार वमन अर्थात उल्टी के रोग में उपयोगी है |

जहर मोहरा पिष्टी की सेवन मात्रा

इसका सेवन 120mg से 250mg की मात्रा में दिन में दो बार सेवन किया जा सकता है | इसका सेवन शहद या आयुर्वेदिक चिकित्सक द्वारा बताये गए अन्य अनुपान के साथ किया जाना चाहिए |

अन्य जानकारी

बाजार में विभिन्न आयुर्वेदिक फार्मेसी इसका निर्माण करती है | इसे आप Ayurvedic Medical Store या Online के माध्यम से खरीद सकते है | विभिन्न फार्मेसी की वर्तमान प्राइस निचे उपलब्ध करवाई है |

  • Patanjali JaharMohra Pishti Price (5gm) – Rs 19
  • Baidyanath Jaharmohra khatai Pishti (5gm) – Rs 52
  • Dhanvantari Pharmacy’s (10gm) – Rs 60

धन्यवाद ||

Mr. Yogendra Lochib

About Mr. Yogendra Lochib

Mr Yogendra Lochib is a experienced and qualified Ayurveda Nurse & Pharmacist. He was Graduated (2009-2013) from Dr Sarvepalli Radhakrishnan Rajasthan Ayurved University, Jodhpur.He has Good Knowledge about Ayurvedic Herbs, Medicine, Panchkarma Procedure & Naturopathy. The Author believes in sharing the knowledge of Ayurveda (As it was shared 5000 years ago orally) using online platforms, and he is doing well.

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