इस लेख में हम बाहुशाल गुड़ के फायदे, बाहुशाल गुड़ क्या है इसके घटक द्रव्य बनाने की विधि एवं उपयोग के बारे में बतायेंगे |
बाहुशाल गुड़ क्या है इस के फायदे, घटक द्रव्य एवं बनाने की विधि / Bahushala gud benefits, ingredients and preparation
यह अवलेह प्रकरण की औषधि है जिसमें गुड़ की चाशनी का उपयोग किया जाता है | इसमें इन्द्रायण की जड़, नागरमोथा, गोखरू, वायविडंग जैसजैसे घटक द्रव्यों का उपयोग होता है | यह दवा बवासीर, गुल्म रोगों एवं प्रमेह आदि की समस्या में बहुत उपयोगी मानी जाती है | आमवात, संग्रहणी एवं बवासीर में पेट में वायु भर जाने की समस्या में यह बहुत फायदेमंद दवा है |
घटक द्रव्य :-
- इन्द्रायण की जड़
- नागरमोथा
- जमालघोटे की जड़
- गोखरू
- वायविडंग
- निशोथ
- हर्रे
- कचूर
- चित्रक, सोंठ और तेजबल
उपर बतायी गयी सभी जड़ी बूटियां चार चार तोला लें |
- सुरण (जमीकंद) – 64 तोला
- विधारा – 24 तोला
- शुद्ध भिलावा – 32 तोला
- गुड़ – 6 सेर
बाहुशाल गुड़ बनाने की विधि / Preparation of Bahushala gud
यह औषधि आप आसानी से घर पर भी बना सकते हो | इसे बनाने के लिए निम्न विधि का उपयोग होता है :-
- सबसे पहले सभी जड़ी बूटियों को जौकुट कर लें |
- अब इन्हें पानी में डाल कर अच्छे से पकाएं |
- जब पानी एक चौथाई रह जाये तो इसमें गुड़ डाल दें |
- अब इसे धीरे धीरे पकाते रहें |
- जब लड्डू बनाने लायक चाशनी हो जाये तो इसे उतार लें |
- अब इसमें चित्रक की जड़, निशोथ, जमीकंद और तेजबल आठ आठ तोला की मात्रा में |
- और कालीमिर्च, गजपीपल, इलायची, दालचीनी 24 – 24 तोले की मात्रा में महीन चूर्ण बना कर मिला दें |
- इस मिश्रण को अच्छे से मिला लें |
- इस तरह बाहुशाल गुड़ तैयार हो जाता है |
बाहुशाल गुड़ का सेवन एवं अनुपान कैसे करें / How to use bahushal gud in hindi
इसका सेवन एक – एक तोला की मात्रा में बकरी के दूध या पानी के साथ करना चाहिए |
बाहुशाल गुड़ के फायदे एवं उपयोग / Bahushala gud benefits and uses
यह औषधि उदर रोगों, लिवर, बवासीर आदि की समस्या में बहुत प्रभावी है | बाहुशाल गुड़ का उपयोग करके इन रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है | इसके सेवन से पांचो प्रकार के गुल्म रोग नष्ट हो जाते हैं | आइये जानते हैं बाहुशाल गुड़ के फायदे एवं उपयोग के बारे में :-
बवासीर रोग में बाहुशाल गुड़ के फायदे / Bahushala gud benefits in piles hindi
दोस्तों बवासीर बहुत दर्ददायी रोग है | वर्तमान समय में यह रोग बहुत बढ़ रहा है | इस रोग के उपचार के लिए आयुर्वेद में बहुत सी दवाओं का वर्णन किया गया है | बाहुशाल गुड़ बवासीर रोग में बहुत फायदेमंद है | जब बवासीर की वजह से पेट में वायु भर जाये तो उसके अनुलोमन के लिए बाहुशाल गुड़ बहुत प्रसिद्ध औषधि है | इस दवा के सेवन से बवासीर के रोगियों को बहुत राहत मिलती है |
उदर रोगों में बाहुशाल गुड़ के फायदे / Bahushala gud benefits in liver disease
बाहुशाल गुड़ उदर एवं लीवर से जुड़े विकारों में अत्यंत उपयोगी है | यह औषधि आमवात, संग्रहणी, जलोदर एवं प्रमेह प्रतिश्याय जैसे रोगों में बहुत लाभकारी सिद्ध होती है | इसका उपयोग करने से इन रोगों में तुरंत असर होता है एवं कमजोरी दूर होती है |
भूख बढ़ाने के लिए बाहुशाल गुड़ के फायदे / Bahushala gud benefits in low
पाचन सही नहीं होने पर मंदाग्नि भूख ना लगना, पेट में भारीपन जैसी समस्याएं हो जाती है | वर्तमान समय में खान पान की अनियमितता एवं दूषित खान पान के कारण यह समस्या बहुत देखने को मिलती है | इस कारणों से शरीर में थकावट और कमजोरी हो जाती है एवं चेहरा कांतिहीन नजर आने लगता है | ऐसे में बाहुशाल गुड़ बहुत फायदे करता है | इसके सेवन से जठराग्नि प्रज्वलित होती है और पाचन मजबूत होता है | निरंतर पथ्य अपथ्य के साथ सेवन करने पर शरीर में कांति और बल की वृद्धि होती है |
बाहुशाल गुड़ के नुकसान एवं सावधानियां / Side effects of Bahushala Gud
सामान्यतः इस औषधि के कोई दुष्प्रभाव नहीं है लेकिन इसका इस्तेमाल करने से पूर्व निम्न बातो का ध्यान जरुर रखें :-
- डायबिटीज और हाई बीपी की समस्या में इस दवा का सेवन ना करें |
- गर्भवती महिलाओं एवं छोटे बच्चों को इसका उपयोग चिकित्सक के निर्देशानुसार ही करना चाहिए |
- अधिक समय तक इस दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए |
- अंग्रेजी दवाओं के साथ सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरुर लें लें
धन्यवाद
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