शुक्र स्तंभक एवं कफज विकारों की अचूक औषधि – सिंहवाहिनी वटी

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सिंहवाहिनी वटी – शीघ्रपतन एवं नपुंसकता का अचूक इलाज 

जैसा नाम वैसा काम | सिंहवाहिनी वटी के बारे में पढने के बाद आपको पता चलेगा की यह औषधि कितनी कारगर है |   इस औषधि का सेवन करने से शरीर में सिंह(शेर) के समान पौरुष शक्ति का संचार होता है अर्थात यह औषधि सभी प्रकार की मर्दाना कमजोरियों जैसे शीघ्रपतन, धातु दुर्बलता एवं नपुंसकता को मिटाने में कारगर साबित होती है |

सिंहवाहिनी वटी

हालाँकि यह औषधि सिर्फ मर्दाना कमजोरियों के लिय ही उपयोगी नहीं है बल्कि इसके सेवन से खांसी, जुकाम, सर्दी तथा दस्त जैसे रोगों में भी अत्यंत लाभकारी है | यह औषधि आप घर पर ही तैयार कर सकते है | आइये अब जानते है कैसे आप इसे घर पर तैयार कर सकते हैं तथा कौन कौन से घटक द्रव्य इसको बनाने के लिय आवश्यक होते है |

सिंहवाहिनी वटी बनाने के घटक द्रव्य

1. कस्तुरी

2. कपूर(उड़ाया हुवा )

3. जायफल

4. जावित्री

5. केशर

6. लौंग

7. छोटी इलायची के दाने

8. अजवायन

9. माजूफल

10. रुमिमतस्गी

11. समुद्रदोष

12. मोंठ की जड़

13. शुद्ध अफ़ीम

14. अकरकरा

15. सिंगरफ

16. शहद

सिंहवाहिनी वटी बनाने की विधि

सिंहवाहिनी वटी बनाने के लिय ऊपर बताये गए औषध द्रव्यों को किसी पंसारी की दुकान से खरीद ले (कस्तूरी तथा कपूर 2 ग्राम, शहद ढाई तोले तथा बाकि द्रव्य 5 ग्राम ) | ये सभी द्रव्य मिलने के बाद अब आप आसानी से सिंहवाहिनी वटी को तैयार कर सकते हैं | सबसे पहले केसर कस्तूरी तथा कपूर को एक साथ कूट कर अच्छे से मिला ले तथा कपडे में छान कर प्रथक रख ले | अब एक चम्मच जल में खोलाकर अफीम का जल तैयार कर ले अब सभी द्रव्यों को उसी मिश्रण में अच्छे से मिला ले और अब उसमे शहद मिला कर चार से छह घंटे तक रख दे | अब यह मिश्रण तैयार है इसकी छोटी छोटी वटी बनाकर सुखाकर रख लें |

सिंहवाहिनी वटी को सेवन करने का तरीका – आप रोज सुबह शाम एक या दो वटी का सेवन कर सकते हैं | इसके लिय आप दूध या पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं |


शीघ्रपतन, धातु दुर्बलता एवं कामेच्छा की कमी के लिए अब हमारा देशी उत्पाद उपलब्ध है जिसका उपयोग इन सभी रोगों में चिकित्सकनुसार किया जा सकता है

कामसुधा


 

 

सिंहवाहिनी वटी के उपयोग से होने वाले फायदे

यह वटी शीघ्रपतन तथा धातु दुर्बलता जैसे रोगों के लिय एक चमत्कारिक औषधि है इसके नित्य सेवन से सभी प्रकार की मर्दाना कमजोरियों में लाभ मिलता है | इसके अलावा सर्दी जुकाम तथा खांसी जैसे रोगों में भी यह औषधि अत्यंत लाभकारी साबित होती है |

धन्यवाद |

 

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