जिनको नजले ( जुकाम ) की शिकायत बार – बार रहती है उनको ये नुस्खे अपनी डायरी में लिखलेने चाहिए

नजला ( जुकाम )

दुनिया में एसा कोई इन्सान नहीं है जिसे जुकाम की शिकायत न हुई हो | नजला – जुकाम हमेशा परेशान करने वाला रोग है | ज्यादातर मौसम के बदलते समय यह रोग ज्यादा होता है अर्थात  दो ऋतुओ के मिलन काल में अधिक होता है | जिन लोगो की रोगप्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है वे इसके जल्दी शिकार होते है | लेकिन फिर भी यह रोग किसी को भी हो सकता है | दूषित वातावरण – धुल धुए के फैलने के कारण और बर्फीले स्थान पर यह रोग बिना किसी कारण हो जाता है

आयुर्वेद में जुकाम को  5 प्रकार का माना है –

वातजन्य – इस प्रकार के नजले में नाक से पतला स्राव निकलता है , गला – तालू – होठ सुख जाते है , सिरदर्द और आवाज बैठ जाती है और नाक में सुई चुभने जैसी पीड़ा होती है |

कफजन्य -नाक से गाढ़ा स्राव निकलता है , आँखों में सुजन , नाक के भीतर खुजली होती है , खांसी और अरुच हो जाती है |

पितजन्य – पितजन्य जुकाम में नाक से धुंवा निकले की अनुभूति होती है – नाक से गरम और पिला कफ निकलता है और बार बार प्यास लगती है |

त्रिदोषज – इस प्रकार के नजले में तीनो के मिले जुले लक्षण दिखाई पड़ते है |

रक्त्जन्य – इस में रोगी के नाक से घहरा लालिमा लिए कफ निकलता है , आंखे लाल होजाती है , रोगी के मुंह से बदबू आती है , सिने में दर्द होता है और रोगी घुटन महसूस करता है |

 

अगर आप भी नजले – जुकाम से परेसान है तो निम्नलिखित नुस्खे अपनाए

  • अदरक के छोटे – छोटे टुकडो को देशी घी में भुनले | फिर उसे दिन में चार – पञ्च बार कुचलकर खा जावे | इससे जुकाम बह जावेगा और रोगी को आराम मिलेगा |
  • सुहागे को तवे पर फुला कर चूर्ण बनाले | नजला जुकाम होने पर गरम पानी के साथ दिन में दो बार ले दो दिन में ही जुकाम से छुटकारा मिलजवेगा |
  • अगर नाक से पानी आ रहा हो तो कलौंजी का चूर्ण बना कर पोटली में बांध ले और इसे सूंघते रहे पानी बहना रुक जावेगा |
  • तुलसी की 5 पतिया , 2 लौंग , एक छोटी गांठ अदरक और 4 कालीमिर्च के दानो को लेकर इन्हें दरदरा पिस कर एक गिलास पानी में डाल कर काढ़ा बना ले | इस काढ़े में थोडा सा गुड़ मिलकर गरमा-गरम पिजावे |
  • अगर नजले के साथ – साथ खांसी की शिकायत भी हो तो अदरक के रस के  साथ शहद मिलकर चाटे |
  • चिरायता, सोंठ, अदुसे की जड़, और छोटी कटेरी की जड़ – सब को 5-5 ग्राम की मात्रा में लेकर – 250 ग्राम पानी में डालकर काढ़ा बना ले | इस काढ़े का सेवन रात को सोतेसमय करे | 2 दिन में ही जुकाम से मुक्ति मिल जावेगी |
  • 3 ग्राम मुलहठी का चूर्ण शहद के साथ चाटे | जुकाम छू मंत्र हो जावेगा |
  • बाजार से किसी आयुर्वेदिक स्टोर से षड़बिंदु तेल ले आवे और इसकी 4- 4 बुँदे नाक में डाले | लाभ मिलेगा |
  • मुली के बीजो का चूर्ण शहद के साथ चाटे |
  • अगर नाक बंद हो गई हो तो नाक के बहार और नथुनों के भीतर सरसों का तेल थोड़ी – थोड़ी देर बाद लगाए | नाक खुल जाएगी |

*नजले – जुकाम में ठंडी वस्तुओ से परहेज करे |

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धन्यवाद
 Swadeshi Upchar
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