बिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी दवा हैं – ये 5 आयुर्वेदिक औषधियाँ

बिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी दवा: अगर आप खोज रहें है तो निश्चित रहिये आज आपको आयुर्वेद की एसी नुकसान रहित आयुर्वेदिक उपायों एवं दवाओं के बारे में बताएँगे जिनका कोई भी दुष्प्रभाव नहीं है । ये सबसे अच्छी दवा मानी जाती हैं जिनका प्रयोग आप अपने रोगियों के उपचार के लिए कर सकते हैं । हालाँकि यह पोस्ट वैद्य मित्रों के लिए लिखी गई है अत: जो भी आम व्यक्ति इसे पढ़ें वे कृपया इन दवाओं एवं उपायों का इस्तेमाल एक आयुर्वेदिक चिकित्सक की निगरानी में करें ।

आर्टिकल की जानकारी | Article Details

Titleबिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी दवा
Writerउपवैद्य योगेन्द्र सिंह
Referenceआयुर्वेदिक ग्रन्थ
Words 1500
Categoryपुरुष स्वास्थ्य
Webhttps://swadeshiupchar.in

अब सबसे पहले इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या हैं इसके बारे में थोडा जान लेते हैं । क्योंकि दवाओं की जानकारी से पहले स्तम्भन दोष के बारे में जानना भी आवश्यक है ।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है ? (What is Erectile Dysfunction)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन को स्तम्भन दोष के नाम से भी जाना जाता है । इस रोग में पुरुष स्त्री सहवास के समय असमर्थ महसूस करता है । व्यक्ति की स्तम्भन शक्ति क्षीण हो जाती है या खत्म हो जाती है । उसे अपने प्राइवेट पार्ट में तनाव लाने में पूर्ण या आंशिक असमर्थता देखने को मिलती है ।

दुसरे शब्दों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन एक पुरुषों की स्वास्थ्य समस्या है जिसमें पुरुष यौन संबंध बनाने के दौरान अपने लिंग को उत्तेजित नहीं कर पाते हैं, जिसके कारण संबंध बनाने में मुश्किल होती है। यह समस्या आमतौर पर यौन प्रदर्शन के समय लिंग के नसों में कमजोरी या किसी अन्य कारणों के कारण हो सकती है।

इसके लिए निम्न लिखित कारण है:

  1. मानसिक तनाव: तनाव, चिंता, या दबाव के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है।
  2. शारीरिक समस्याएँ: उम्र बढ़ने, डायबिटीज, दिल की बीमारियाँ, और अन्य शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएँ इसके कारण बन सकती हैं।
  3. अधिक धूम्रपान और शराब पीना: तम्बाकू और अधिक मात्रा में शराब पीने से इरेक्टाइल डिसफंक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
  4. धातु अधिक निकलना: शीघ्रपतन नामक स्थिति में धातु का अधिक निकलना भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण हो सकता है।
  5. दवाओं का सेवन: कुछ दवाएँ इरेक्टाइल डिसफंक्शन का संभावना बढ़ा सकती हैं।
  6. हार्मोनल चेंज: पिट्यूटरी ग्रंथि से सम्बंधित विकारों के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पैदा हो सकती है ।
  7. हाई कोलेस्ट्रॉल: अधिक कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी नपुंसकता की तरफ ले जाती है । यह भी इसका एक कारण माना जा सकता है ।
  8. चोट के कारण: रीढ़ की हड्डी में लगी चोट या पेल्विक में चोट लगने के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या होती है ।

इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण:

  • इरेक्शन में कमी या तनाव न ले पाना इसका मुख्य लक्षण है ।
  • यौन इच्छा में कमी
  • शीघ्रस्खलन हो जाना या स्खलन में परेशानी होना
  • इंटरकोर्स के दौरान सहवास में उत्तेजना बनाये रखने में परेशानी
  • उस समय अचानक से इच्छा खत्म हो जाना
  • वीर्य दोष एवं वीर्य विकार उत्पन्न होना
  • सेक्सुअली रूप से असंतुष्ट रहना

बिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी 5 दवाएं

उपरोक्त आपने इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण और लक्षणों को समझ लिया है । अब हम आपको आयुर्वेद में प्रयोग होने वाली 5 प्रमुख बिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी दवा के बारे में बताने जा रहें है । इन दवाओं का सेवन आप एक आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से इस्तेमाल कर सकते हैं

सबसे पहली है मन्मथाभ्र रस

जिन लोगों में शुक्र क्षय या वीर्य की कमी के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या हुई है उनको मन्मथाभ्र रस के सेवन से अति उत्तम परिणाम मिलते हैं । रोगी को सुबह – शाम एक एक वटी अन्य औषधियों के योग के साथ सेवन करवाना चाहिए । यह एकल रूप से भी परिणामी औषधि है । इसमें जायफल, लौंग, अभ्रक भस्म, लौह भस्म एवं अन्य औषधियाँ उपलब्ध होती है । जो शीघ्र स्खलन, नपुंसकता एवं इरेक्शन की कमी में बहुत उपयोगी साबित होती है ।

दूसरी है स्वर्ण सिंदूर

स्वर्ण सिंदूर भी आयुर्वेद चिकित्सा की प्रशिद्ध क्लासिकल औषधि है । जिसे नपुंसकता के उपचार में लाभदायक माना जाता है । इसमें स्वर्ण, पारद, गंधक आदि के योग से इसका निर्माण किया जाता है । यह सामान्य कमजोरी, शीघ्रपतन एवं इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी औषधि माना जाता है ।

इसे एक – एक गोली सुबह – शाम दूध के साथ प्रयोग करने से अत्यंत लाभ मिलता है । यह पुरुषों में धातु क्षीणता को कम करने का कार्य करती है । पुरुषों में धातुओं का वर्द्धन करके उन्हें आंशिक नपुंसकता में लाभ मिलता है ।

तीसरी है – पुष्पधन्वा रस

पुष्पधन्वा रस भी क्लासिकल औषधि है जो भैषज्य रत्नावली में वर्णित है । यह आयुर्वेदिक दवा भी बिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी दवा मानी जाती है । इसमें सिंदूर, नाग भस्म ,वंग भस्म, अभ्रक भस्म, मुलेठी ,सेमल मूसली, पान इत्यादि घटक के रूप में उपस्थित है ।

इस आयुर्वेदिक दवा का उपयोग धातु दुर्बलता के कारण आई इरेक्टाइल डिसफंक्शन, शीघ्र स्खलन और वीर्य की कमी में उपयोग करना फायदेमंद माना जाता है । अगर रोगी को दूध के साथ सुबह – शाम अन्य औषधीय योग के साथ इसका सेवन करवाया जाये तो परिणाम अच्छे मिलते है ।

चौथी है – शिवा गुटिका

शिवा गुटिका को सबसे पावरफुल आयुर्वेदिक दवा माना जाता है । ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव ने अपने पुत्र गणेश को प्रमेह रोग से निजात दिलाने के लिए इसकी विधि बताई थी । शिवा गुटिका में लगभग 50 से अधिक आयुर्वेदिक घटक द्रव्य उपस्थित है जो इसे बेहतरीन दवा बनाते है । सबसे अच्छी बात यह है कि इस अति गुणकारी दवा के कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं है ।

इसे नियमित रूप से दूध के साथ प्रयोग करने से शरीर में असीम बल का वर्द्धन करती है । मधुमेह, प्रमेह के कारण हुए इरेक्टाइल डिसफंक्शन रोग में यह अत्यंत लाभदायक साबित होती है । शिवा गुटिका के बारे में कहा गया है कि यह सभी रोगों का खत्म करती है । इसे इरेक्टाइल डिसफंक्शन में नियमित इस्तेमाल से आसानी से रोग पर काबू पाया जा सकता है ।

पांचवी है – वाजीकरण घृत

वाजीकरण घृत या घी भी आयुर्वेद की क्लासिकल दवा है । इसे नुकसान रहित इरेक्टाइल डिसफंक्शन की दवा माना जाता है । यह पुरुषों में आई वीर्य की कमी को दूर करने के लिए प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाता है । वीर्य कमी के कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या उत्पन्न हो जाती है । एसे में वाजीकरण घृत का सेवन करने से नपुंसकता में आराम मिलता है ।

वाजीकरण घृत को 3 से 5 ग्राम की मात्रा में सेवन सुबह – शाम किया जाना चाहिए । इसका इस्तेमाल करने से नपुंसकता में आराम मिलता है । इसे नियमित रूप से वैद्य सलाह से इस्तेमाल किया जाना चाहिए ।

सारांश (Conclusion)

यहाँ हमने बिना साइड इफेक्ट के इरेक्टाइल डिसफंक्शन की सबसे अच्छी दवा जो आयुर्वेद में प्रचलित है उनके बारे में आपको अवगत करवाया है । इन दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले आपको आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना चाहिए । ये दवाएं हालाँकि पूर्णत: नुकसान रहित है । इनको इस्तेमाल करने से नपुंसकता, शीघ्र स्खलन एवं इरेक्टाइल डिसफंक्शन में आराम मिलता है । आप इन दवाओं का इस्तेमाल आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेकर आसानी से किया जा सकता है ।

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