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रास्नादि गुग्गुल के 10 चिकित्सकीय उपयोग | 10 clinical uses of Rasnadi guggul

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रास्नादि गुग्गुल : यह एक शास्त्रोक्त औषधि है इसका उपयोग साइटिका, आमवात, गठिया , संधिवात अथार्त जोड़ो के दर्द  में किया जाता है यह कर्णरोग, शिरोरोग, नाडी व्रण और भगन्दर में तुरंत आराम देती है |

यह गुग्गुलु के प्रयोग से बनने वाली औषधि है | अर्थात इसमें मुख्य घटक द्रव्य गुग्गुल होता है | गुगल के बारे में तो शायद आप जानते ही होंगे | वही गुगल जो धुप, पूजन आदि करने के काम आता है | यह वही गुगल है इसे औषध उपयोग में लेने से पहले शुद्ध कर लिया जाता है |

आज हम आप को रास्नादि गुग्गुल के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध करवाएंगे जैसे इसके स्वास्थ्य लाभ, रासनादी गुग्गुल के घटक द्रव, बनाने की विधि  एव सेवन का तरीका आदि |

तो चलिए सबसे पहले आपको अवगत करवाते है | रास्नादि गुग्गुल के घटक द्रव्यों से अर्थात इसमें कौन – कौन सी जड़ी – बूटियां पड़ती है |

रास्नादि गुग्गुल के घटक द्रव्य | Ingredients of Rasnadi Guggul in Hindi

क्रमांक घटक का नाम मात्रा
01.रास्ना 10 ग्राम
02.गिलोय 10 ग्राम
03.एरंड मूल 10 ग्राम
04.सोंठ 10 ग्राम
05. देवदारु 10 ग्राम
06.गुग्गुल 50 ग्राम
07.घी आवश्यकता अनुसार
रास्नादी गुग्गुल

रास्नादी गुग्गुल कैसे बनता है : अर्थात इसे बनाने की विधि के बारे में आपको संक्षिप्त विवरण उपलब्ध करवाते है | इस दवा को बनाने के लिए सबसे पहले हम 1 से लेकर 5 नम्बर तक की सारी जडी-बुटीयों को सामान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लेते है | इस चूर्ण को हम पतले कपडे कि सहायता से छान लेते है | अब हम इस में शुद्ध किया हुआ गुग्गुल ऊपर बताई गई मात्रा के अनुसार मिला लेते है | इस के बाद में हम आवश्यकताअनुसार घी डालकर अच्छी तरीके से मिला कर इस की 250 से 500 mg की वटी अर्थात गोलिया बना लेते है | इस प्रकार से रास्नादि गुग्गुलु का निर्माण होता है |

रास्नादि गुग्गुल को बनाने की विधि बहुत ही आसान है | भले ही यह आसान प्रतीत होती हो लेकिन किसी भी आयुर्वेदिक दवा का निर्माण निपुण वैद्य या फार्मासिस्ट की निगरानी में होना अतिआवश्यक होता है |

रास्नादि गुग्गुल के 10 चिकित्सकीय उपयोग | Clinical uses of Rasnadi Guggul in Hindi

  1. सिरदर्द (Headache)
  2. माइग्रेन (Migraine)
  3. आर्थराइटिस (Arthritis)
  4. गाउट (Gout)
  5. ओस्टो आर्थराइटिस (OsteoArthritis)
  6. आफरा (Abdominal Gais)
  7. आँतों की गैस (Intestinal Gais)
  8. कर्ण विकार (Hearing wishal sound)
  9. पेटदर्द (Abdominal Pain)
  10. भगंदर (Piles and Fistula)

इनके अलावा भी यह दवा विभिन्न रोगों में चिकित्सकीय उपयोग में ली जाती है | जैसे आमवात, साइनस की समस्या, साइटिका, शरीर में बढ़ी हुई वात की स्थिति एवं कमरदर्द आदि में |

रास्नादि गुग्गुल के फायदे | Benefits of Rasnadi Guggul

  1. साइटिका रोग में रस्नादि गुग्गुल फायेदेमंद होती है |
  2. आमवात रोग में भी इस का उपयोग किया जाता है |
  3. गठिया रोग के इलाज में भी चिकित्सक इस का सेवेन करने की सलाह देते है |
  4. संधिवात एवम जोड़ो में दर्द के लिए भी फायेदेमंद है क्यूकी सोठ और एरण्डमूल जडीबुटी दर्द निवारण में काम में ली जाती है |
  5. गुगल जड़ी – बूटी बढ़ी हुई वात को शांत करके दर्द निवारण का कार्य करती है अत: सभी प्रकार के दर्द में यह दवा फायदेमंद है |
  6. रास्ना जड़ी – बूटी भी वात को खत्म करती है अत: सभी प्रकार की वात व्याधियों में यह फायदेमंद है |
  7. हल्की विरेचक के रूप में भी कार्य करती है | कब्ज की समस्या में भी इसके सेवन से आराम मिलता है |
  8. यह पाचन को सुधारती है | अत: पाचन विकारों में भी इसका उपयोग करना चाहिए |
  9. सिरदर्द की समस्या में रास्नादि गुग्गुल फायदेमंद है | साथ ही माइग्रेन में भी यह फायदेमंद है |
  10. यह गैस को ख़त्म करती है | इसमें पड़ने वाली औषधीय जड़ी – बूटी, देवदारु, रास्ना एवं एरंड की जड़ शरीर में बनी हुई अतिरिक्त गैस को ख़त्म करने का कार्य करती है | अत: आँतों की गैस एवं पेट के आफरे में इसका उपयोग किया जाता है |
  11. रास्नादि गुग्गुल में गिलोय भी होती है | गिलोय इम्युनिटी वर्द्धन का कार्य करती है | अत: इस दवा के सेवन से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता भी बनी रहती है |
  12. जोड़ो में होने वाले दर्द में इस दवा का सेवन आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा सुझाया जाता है |

सेवन की विधि एवं नुकसान की जानकारी | Doses & Side Effects

इस का सेवेन चिकित्सक की परामस से किया जाना चाहिए | इस के सेवेन के लिए आमतोर पर 250 से 500 mg की टेबलेट लेने की सलाह दी जाती है | इस का सेवेन बच्चे और बुजर्ग भी कर सकते है |

वैसे इस औषधि के कोई ज्ञात दुष्प्रभाव नहीं है | लेकिन किसी भी आयुर्वेदिक औषधि का सेवन बैगर वैद्य सलाह से नहीं करना चाहिए | अधिक मात्रा एवं गलत अनुपान के साथ सेवन करने से जी मचलाना एवं घबराहट जैसे दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते है |

सामान्य सवाल – जवाब | FAQ

रास्नादि गुग्गुल के लाभ क्या है ?

यह समस्त वात विकारों, जोड़ों के दर्द, साइटिका, पेटदर्द, सिरदर्द, गैस, भगंदर एवं घुटनों के दर्द आदि में लाभदायक है |

रास्नादि गुग्गुल आयुर्वेद में कहाँ वर्णित है ?

आयुर्वेदिक ग्रन्थ योग रत्नाकार में इसका वर्णन मिलता है |

रास्नादि गुग्गुल की प्राइस क्या है ?

यह निर्भर करता है आप कौन सी कम्पनी की रास्नादि गुग्गुल ले रहें है | जैसे रास्नादि गुग्गुल पतंजलि का मूल्य लगभग 110 रूपए के पास है |

कहाँ उपलब्ध होती है ?

इसे आप ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यम से आसानी से प्राप्त कर सकते है | यह बिना डॉ के पर्चे के मिलने वाली दवा है |

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