टाइमिंग कैसे बढ़ाएं – आयुर्वेद के माध्यम से जानें आसान चिकित्सा एवं दवाएं

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टाइमिंग कैसे बढ़ाएं / Timing Kaise Badhaye :- एक सामान्य पूछा जाने वाला सवाल है | अगर आप भी इसी सवाल का जवाब ढूंढ रहें है तो निश्चित रहें इस आर्टिकल में हम आपको सहवास में समय बढ़ाने के सबसे बेहतरीन उपाय, दवाएं एवं चिकित्सा के बारे में बताएँगे |

अधिकतर पुरुष सहवास में लम्बे समय तक न टिक पाने के कारण परेशान रहते है | समस्या आम है लेकिन उपचार में शर्मिंदगी एवं लज्जा का भाव इसे अधिक गंभीर समस्या बना देता है | समस्या गंभीर होने पर उपचार में समय लगता है | अत: समय रहते ही इसका इलाज किया जाना चाहिए |

आयुर्वेद चिकित्सा में टाइमिंग बढ़ाने के लिए बहुत से शास्त्रोक्त औषध योगों वर्णन प्राप्त होता है | जिनका इस्तेमाल करके एक सामान्य विकारी व्यक्ति अपनी यौन शक्ति का वर्द्धन कर सकता है |

आज इस आर्टिकल में हम आपको टाइमिंग बढ़ाने के लिए शास्त्रोक्त औषध योगों, आयुर्वेदिक दवाओं एवं आसान उपचारों के बारे में बताएँगे जो टाइमिंग बढ़ाने में असरकारक होंगे |

लेकिन किसी भी रोग का उपचार करने से पहले यह जानना आवश्यक है कि उसके कारण क्या है ?

पुरुषों में टाइमिंग की कमी होने के संभावित कारण

वर्तमान समय की दिनचर्या, खान – पान एवं भाग – दौड़ भरी जिंदगी एक स्वस्स्थ व्यक्ति को भी विकारों से भर देती है | सहवास में समय की कमी भी इन्ही कारणों से प्रभावित होती है |

यहाँ कुछ बिंदुओ का वर्णन किया है इन्हे देखें और अगर ये बिंदु आपकी समस्या के कारण है तो सबसे पहले इन्हे ठीक करने का प्रयास करें

  • मानसिक तनाव या चिंता
  • अनुचित आहार – विहार
  • पाचन शक्ति का कमजोर होना
  • कॉन्स्टिपेशन की समस्या लम्बे समय तक रहना
  • कुसंगति एवं दुर्व्यसन
  • शराब एवं नशीले पदार्थों का सेवन
  • प्रतिवर्ष वाजीकरण द्रव्यों का सेवन न करना
  • अधिक कामुक विचार एवं चंचलता
  • ब्लू फिल्म एवं कामुक द्रश्यों को देखने की आदत
  • शारीरिक श्रम की कमी

टाइमिंग बढ़ाने के लिए अपनाएं आयुर्वेद के ये आसान उपाय

सहवास में समय बढ़ाने के लिए आयुर्वेद का सहारा लेना सबसे विश्वनीय उपाय है | आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक उपचार का सहारा लेकर मनुष्य हजारों सालों से यौन शक्ति का वर्द्धन करते आया है |

वर्तमान समय में भी आयुर्वेद सहवास में समय बढ़ाने के लिए सबसे सफल एवं विश्वनीय चिकित्सा विज्ञानं है | चलिए आपको टाइमिंग कैसे बढ़ाएं के लिए कुछ आसान एवं परिणामी आयुर्वेदिक उपाय बताते है |

  1. अगर टाइमिंग बढ़ाना चाहते है तो गाय के मट्ठे के साथ नियमित 14 दिन तक गोरखमुंडी खाएं | यह उपाय सिर्फ 14 दिन करते रहने से सहवास में शीघ्रस्खलन की समस्या दूर हो जाएगी |
  2. कुलिंजन का 1.5 ग्राम चूर्ण लें | इस चूर्ण को 10 ग्राम असली शहद में मिलाकर नियमित 7 दिनों तक सेवन करें एवं ऊपर से गाय का दूध पियें | टाइमिंग बढ़ेगी |
  3. अश्वगंधा चूर्ण, मिश्री और शहद सभी को 6 – 6 ग्राम की मात्रा में लें | इसमें गाय का घी 10 मिलाकर सेवन करें | यह उपाय उत्तम वाजीकरण है |
  4. वीर्य की कमी या पतलापन है तो इमली के बीजों को दूध के साथ उबालें | जब अच्छी तरह उबाल जाये तो छिलका उतार कर अंदर की गिरी को सील पर पीसकर घृत में भुनलें तदुपरांत इसमें समान मात्रा में मिश्री मिलाकर रखलें | इसकी 6 – 6 ग्राम की मात्रा सुबह – शाम दूध करें | इससे वीर्य पुष्ट एवं गाढ़ा होता है एवं सहवास में टाइमिंग बढ़ता है |
  5. पुरुषत्व वृद्धि करने के लिए कौंच बीज का शुद्ध किया हुआ चूर्ण, तालमखाना चूर्ण और समान मात्रा में मिश्री मिलाकर दूध के साथ सेवन करने से पुरुष में असीम शक्ति का संचार होता है |
  6. बड़े गोखरू के साथ, तालमखाना एवं विदारीकंद का चूर्ण मिलाकर सेवन करें | नियमित सेवन से टाइमिंग कैसे बढ़ाएं का उचित उपाय प्राप्त होगा |
  7. सफ़ेद मूसली, अकरकरा, तालमखाना एवं गोखरू – इनसभी को बराबर मात्रा में मिलाकर महीन चूर्ण बनाकर सेवन करने से समय की बढ़ोतरी होती है |
  8. जायफल का चूर्ण 4 रति की मात्रा में ताजे जल के साथ सेवन करने से भी सहवास में समय बढ़ता है |
  9. अगर प्रवेश के साथ ही स्खलित हो जाता हो तो धतूरे के बीज, अकरकरा और लौंग सममात्रा में लेकर खूब अच्छी तरह से खरल करलें | पानी के साथ खरल करें एवं मुंग के आकर की गोलिया बना लें | यह प्रयोग शीघ्रस्खलन को ख़त्म करने वाला प्रयोग है |
  10. तुलसी के बीजों के साथ सम भाग की मात्रा में पुराना गुड़ मिलाकर डेढ़ से 3 ग्राम तक की मात्रा में सुबह – शाम सेवन करने से वाजीकरण शक्ति का संचार होता है |

लिंग लेप टाइमिंग बढ़ाने के लिए

सहवास में समय बढ़ाने के लिए आयुर्वेद में विभिन्न घरेलु लेप प्रयोग किये जा सकते है जो आपको टाइमिंग कैसे बढ़ाएं के लिए शीघ्र फलदायी साबित होते है |

  • अकरकरा लेप – अकरकरा का महीन चूर्ण लगभग 20 ग्राम प्रति रात्रि को धतूरे के स्वरस में घोंट कर टिकिया बना लें | इस टिकिया को शिशन के ऊपरी भाग को छोड़कर बाकी जगह लगा लें | इस प्रकार से नियमित 7 दिन तक इस लेप का प्रयोग करने से स्तम्भन शक्ति का संचार होता है एवं साथ ही नपुंसकता भी दूर होती है |
  • अश्वगंधा के महीन चूर्ण को चमेली के तेल में पीसकर लगाने से लिंग में कठोरता आती है एवं सहवास में समय बढ़ता है |
  • कपूर, अकरकरा एवं कच्चा सुहागा सभी 5 – 5 ग्राम शहद में मिलाकर रखलें | जब सम्भोग करें उससे पहले लिंग पर लेप करलें | 1 घंटे पश्चात इसे साफ़ करके लिंग को कपडे से अच्छी तरह साफ़ करके स्त्री सहवास करें | लम्बे समय तक वीर्यपात नहीं होगा |
  • चमेली का असली तेल ले आएं | इस तेल की मालिश लिंग पर रोजाना करें | स्खलन आपकी इच्छा अनुसार ही होगा |

टाइमिंग बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाएं

आयुर्वेद में बहुत से शास्त्रीय एवं पेटेंट योग है जिनका इस्तेमाल समय बढ़ाने के लिए किया जा सकता है | लेकिन इन दवाओं का प्रयोग वैद्य के दिशा – निर्देशों अनुसार करना चाहिए | आयुर्वेद की दवाएं आपकी प्रकृति, रोग की स्थिति एवं अन्य क्षमताओं के अनुसार दी जाती है |

अत: इनका प्रयोग वैद्य के निर्देशानुसार करना चाहिए | यहाँ हम आयुर्वेद चिकित्सा की शास्त्रोक्त एवं पेटेंट दवाओं की लिस्ट आपको उपलब्ध करवा रहें जो शीघ्रस्खलन दूर करके टाइमिंग बढ़ाने के लिए प्रयोग किये जाती है |

  • मकरध्वज
  • खंडकध्या लौह
  • नारसिंघ चूर्ण
  • अश्वगन्धादि चूर्ण
  • ब्रह्म रसायन
  • सालम पाक
  • ओजस टेबलेट
  • बंगसील टेबलेट
  • शिलाजीत कैप्सूल
  • केसरी जीवन
  • अमृतभल्लातक
  • वसंत कुसुमाकर रास
  • अमृतार्णव रस
  • पूर्णचंद्र रस
  • विगोरेक्स
  • सक्सोटोन कैप्सूल्स
  • कामसुधा योग
  • मास्टिना टेबलेट
  • अद्भुत तिला
  • बजरंग तिला
  • स्ट्रेनेक्स टेबलेट
  • वीटाप्लेक्स टेबलेट
  • अमिविटा फोर्ट कैप्सूल
  • कामराज कैप्सूल
  • सक्सोटोन सिरप
  • सक्सोटोन ऑइंटमेंट
  • बनोविट टेबलेट

धन्यवाद ||

Mr. Yogendra Lochib

Mr Yogendra Lochib is a experienced and qualified Ayurveda Nurse & Pharmacist. He was Graduated (2009-2013) from Dr Sarvepalli Radhakrishnan Rajasthan Ayurved University, Jodhpur.He has Good Knowledge about Ayurvedic Herbs, Medicine, Panchkarma Procedure & Naturopathy. The Author believes in sharing the knowledge of Ayurveda (As it was shared 5000 years ago orally) using online platforms, and he is doing well.

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