शीघ्र स्खलन का आयुर्वेदिक उपाय – मालकांगनी योग

शीघ्र स्खलन (शीघ्र पतन) क्या है ? / What is Premature Ejaculation in Hindi ?

शीघ्र स्खलन या शीघ्रपतन कोई रोग नहीं है | सहवास के समय स्त्री और पुरुष दोनों की एक चरम सीमा होती है जहाँ पहुँचने के बाद दोनों स्खलित हो जाते है | लेकिन शारीरिक और मानसिक वजहों से जब पुरुष द्वारा स्त्री के चरम सीमा तक पहुँचने से पहले ही स्खलन कर दिया जाए तो यह शीघ्रपतन या शीघ्र स्खलन कहलाता है | यह रोग पुरुषों को अधिक होता है , लेकिन एसा नहीं है की यह सिर्फ पुरुषों का ही रोग है | दर:शल शीघ्रपतन से स्त्री और पुरुष दोनों ग्रषित हो सकते है | लेकिन अधिकतर देखने में यही आता है की इस समस्या से पुरुष ही अधिक पीड़ित होते है |

शीघ्र स्खलन

आखिर पुरुष क्यों होते है इसके शिकार ?

पुरुष और स्त्री दोनों की मानसिक संवेदनाएं कुछ – कुछ भिन्न होती है | जहाँ स्त्री अधिक महत्वकांक्षी नहीं होती लेकिन पुरुष हमेशां अधिक महत्वकांक्षी होता है | स्त्रियों और पुरुषों की कमोतेजक भावनाएं भी भिन्न होती है | स्त्रियाँ अधिक संयमी और नियंत्रित स्वाभाव की होती है वहीँ पुरुष अधिक चंचल और तीव्र कामुक विचारों के होते है | पुरुष अपनी चंचलता और तीव्र आक्रमण कारी कमोतेजना के कारण जल्दी ही स्खलित हो जाते है |

साथ ही इन्टरनेट पर आसानी से उपलब्ध कामुक सामग्री, नशीले पदार्थों का सेवन, गलत आहार – विहार, व्यस्तता के कारण थकान भरी जिन्दगी और बदलते वातावरण ने इस समस्या को और अधिक प्रभावी बना दिया है |

क्या है शीघ्र स्खलन के कारण ?

शीघ्र स्खलन के बहुत से कारण हो सकते है जैसे –

  • अपौष्टिक भोजन
  • नशे का सेवन |
  • अधिक तनाव और चिंता करना |
  • अधिक कामुक विचारों से ग्रष्त होना |
  • जननागों की विकृति |
  • कोई शारीरिक चोट |
  • दवाइयों के साइड इफेक्ट्स |
  • धातु विकार |
  • शारीरिक कमजोरी |
  • हार्मोन्स की गड़बड़ी |
  • नए नए साथी के साथ सहवास |
  • अश्लील साहित्य का आदि होना |
  • हस्तमैथुन करना |

शीघ्र स्खलन (शीघ्रपतन) के इलाज

शीघ्र स्खलन के इलाज के लिए हम आज आपको एक एसा योग बताने जा रहे है जो वैध श्री अवतार सिंह का बताया हुआ है | यह योग मालकांगनी , भृंगराज, दूध और शहद के मिलाने से बनता है | अगर इस योग को सही तरीके से निर्माण करके और उचित निर्देशानुसार लिया जाए तो निश्चित ही शीघ्र स्खलन और नपुंसकता जैसी समस्या से छुटकारा मिलता है |

इस योग को बनाने के लिए निम्न सामग्री ले

  1. मालकांगनी – 1 किलो |
  2. भृंगराज का ताजा रस – 1.25 KG
  3. गाय का दूध – 2.5 KG
  4. जल  – 2.5 KG |
  5. शहद – 2.5 KG |

शीघ्र स्खलन के लिए योग बनाने की विधि – एक मिटटी के पात्र में मालकांगनी को रख कर ऊपर से कपडे से छना भृंगराज का रस डाल दें | रातभर भीगने दें | प्रात: काल उस पात्र में से मालकांगनी को निकालकर रस को फेंक दें | फिर दूध और जल के साथ मालकांगनी को आग पर चढ़ा दें | जल और दूध के सुख जाने पर उसे उतार लें | अब मालकांगनी के दाने और उसपर लगे हुए खोये को पत्थर पर महीन पीसले | पीसे हुए मालकांगनी की लुग्दी में शहद मिलाकर बरतन में ढँक कर रख ले | शीघ्रपतन और नपुंसकता के लिए आपका योग तैयार है |

सेवन मात्रा – 3 ग्राम से 6 ग्राम तक सेवन करे | इसका सेवन सुबह – शाम करे | पहले सप्ताह में केवल प्रात: काल ही सेवन करना चाहिए | फिर दुसरे सप्ताह में दोनों समय अर्थात सुबह और शाम सेवन शुरू कर दे | लगभग 40 दिनों तक सेवन करने का विधान है |

मालकांगनी योग के गुण 

यह योग पुरुषों के वाजीकरण के लिए उत्तम है | शीघ्रपतन को जड़ से खत्म करने की शक्ति इस योग में है | साथ ही नपुंसकता, बुढ़ापा, वात – प्रकोप, अंगो का दर्द, धातु दुर्बलता आदि में रामबाण इलाज करता है |

नपुंसकता एवं शीघ्रस्खलन जैसी समस्या होने पर व्यक्ति कई बार बेबुनियादी कंपनियों के उत्पाद सेवन करने लगते है | जिनसे उनको फायदा कम नुकसान ज्यादा होता है |

अत: अगर इन समस्याओं के लिए आप कोई उत्पाद लेने की सोच रहे है तो डाबर कंपनी की ” Dabur Shilajit Gold & Kesar Capsules” का इस्तेमाल चिकित्सक की देख रेख में कर सकते है |


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शीघ्र स्खलन और नपुंसकता में कौंच का सेवन भी अति फलदायी होता है | इसलिए शीघ्रपतन में कौंच के योग के लिए कृपया इस पोस्ट को पढ़ें – मर्दाना ताकत में रामबाण कौंच 

 

धन्यवाद |

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