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मेथी (Methi) – मेथी के फायदे / Methi Ke Fayde

मेथी / Methi

परिचय
भारतीय रसोई में मेथी की अपनी एक अलग जगह है | आयुर्वेद और घरेलु चिकित्सा में मेथी के अतुलनीय गुणों के कारण एक विशिष्ट स्थान है | प्राय भारत के सभी प्रान्तों में मेथी की खेती की जाती है | इसका पौधा 1 फीट तक लम्बा हो सकता है | इसकी पतियाँ छोटी और शंकुकार या अंडाकार होती है जिनपर महीन बारीक़ रेखाए भी हो सकती है | मेथी के पुष्प पीले रंग के होते है जो आगे चलकर फलियों का रूप ले लेते है | मेथी की फली 1.5 से 3 इंच तक लम्बी होती है | फलियों में अन्दर बीज होते है जिनका उपयोग हम सभी हमारी रसोई में करते है | मेथी का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है इसकी हरी पतियों से सब्जी बनाई जाती है , मेथी के बीज का इस्तेमाल अनेक प्रकार के व्यंजनों में मसाले के रूप में भी किया जाता है | राजस्थान में मेथी के दानों से सब्जी बनाई जाती है | इसकी सुखी पतियों को भी मसाले के रूप में प्रयोग किया जाता है |
मेथी के गुण धर्म
मेथी कटु एवं तिक्त रस से युक्त होती है | मेथी गुणों में तीक्ष्ण, स्निग्ध और गुरु होती है , यह उष्ण वीर्य की होती है एवं पचने पर इसका विपाक कटु होता है | मेथी कफवात शामक गुणों से संपन्न होती है | संधिवात , मधुमेह, कफज और वातज विकार , शोथहर , रक्तशोधक , उदर कृमि, अपच और अरुचि जैसे रोगों में प्रभावशाली औषधि है |
मेथी का रासायनिक संगठन
मेथी की ताजा पतियों में 81.8 % पानी , 1.01 % फाइबर और 0.9 % वसा होता है |  लौह तत्व प्रति 100 ग्राम हरी पतियों में 16 % होता है | इसके अलावा कैल्शियम , फास्फोरस , विटामिन भी अल्प मात्रा में पाया जाता है | मेथी के दानों में कोलाइन , फास्फोरिक एसिड , एल्केलैड्स , स्थिर तेल , प्रोटीन , सेल्युलोज और कुछ मात्रा में स्टार्च , शर्करा और रंजक द्रव्य होते है |

मेथी के फायदे / Methi Ke Fayde

 
मेथी के फायदे
 

रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाने में मेथी के फायदे

मेथी में एंटीओक्सिडेंट गुण प्रचुर मात्रा में होते है | इसलिए मेथी के इस्तेमाल से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है | मेथी के हरी पतियों की सब्जी बनाकर खाने से शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है | दो चम्मच दाना मेथी को एक कप गिलास में 5 घंटे के लिए भिगोये , फिर इसे गरम करे जब पानी चौथाई रह जाए तब दो चम्मच की मात्रा में शहद मिलाकर सेवन करे | इसके सेवन से शरीर शक्तिशाली बनता है एवं शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास होता है |

दर्द एवं गैस में मेथी के फायदे

दर्द एवं गैस की शिकायत में सौ ग्राम मेथी दाना को तवे पर इस तरह सेंके की इसका आधा भाग कच्चा रहे और आधा भाग अच्छी तरह सिक्क जावे | फिर इसे दरदरा कूट ले | इसमें 25 ग्राम काला नमक मिलाये | इसकी सुबह – शाम दो चम्मच की मात्रा में फंकी ले | इससे जोड़ो का दर्द , कमर का दर्द , घुटनों का दर्द , आमवात एवं हर प्रकार के दर्द से छूटकरा मिलेगा | शरीर में बनने वाली गैस भी नहीं बनेगी और पेट भी स्वस्थ रहेगा |

गठिया रोग में मेथी के फायदे

संधिवात में मेथी एक बेहतरीन औषध है | इसका इस्तेमाल आपको गठिया में राहत प्रदान करता है | दो चम्मच मेथी दाना को एक कप पानी में उबाल ले | फिर इस पानी को सुबह – शाम पीने से गठिया रोग में राहत मिलती है |

बालों को काला करने में फायदेमंद है मेथी

पीसी हुई दाना मेथी 50 ग्राम  और  मेथी के पते 50 ग्राम – इनको तील के 100 ग्राम तेल में डालकर 4 दिन तक रखे | चार दिन पश्चात तेल को छान ले | इस तेल को बालों पर हलके हाथ से लगाये | निरंतर प्रयोग से बाल काले और चमकदार बनते है |

त्वचा को सुन्दर बनाती है मेथी

मेथी में एंटीओक्सिडेंट और एंटीइन्फ्लेमेंट्री गुण होने के कारण यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है | यह त्वचा के रूखेपन , झाइयों , फोड़े – फुंसियो में काफी फायदा पहुंचती है | दाग धब्बो की समस्या में मेथी के पतों को पीस ले और इसमें गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर पेस्ट को लगाये , जल्द ही दाग धब्बो से छुटकारा मिलेगा |
मेथी के बीजो को बारीक़ पीस ले , अब इसमें कच्चा दूध मिलाये | दूध की मात्रा इतनी ही रखे की इसका पेस्ट अच्छी तरह बन जावे | इस पेस्ट का चेहरे पर लेप करे और आधा घंटे तक लगा रहने दे | जब चेहरा अच्छी तरह सुख जावे , तब चेहरे को ठन्डे पानी से धोले | इस प्रयोग से चेहरे की रुक्षता मिटती है , झाइयों  और कील मुंहासो से भी छुटकारा मिलता है |

मधुमेह में मेथी के फायदे

मधुमेह में मेथी का इस्तेमाल काफी फायदेमंद है | मेथी में पाए जाने वाले तत्व ब्लड में शुगर लेवल को कम करने का काम करते है | मधुमेह के रोगी को अगर नियमित तौर पर मेथी का इस्तेमाल करवाया जावे तो उसकी शुगर कंट्रोल में रहती है | इसका इस्तेमाल यकृत की कार्य प्रणाली में सुधार कर के इन्सुलिन बनने की मात्रा को ठीक करता है | इसलिए मधुमेह के रोगी को मेथी का इस्तेमाल लाभ देता है |
⇨रात्रि के समय मेथी के 5 ग्राम दरदरे कूटे बीजो को एक गिलास पानी में भिगो दे | सुबह मेथी को निकाल कर अच्छी तरह पीस कर उसी पानी के साथ इस्तेमाल के लिए दे | इस प्रयोग को नियमित करने से मधुमेह के रोगी की रक्त शर्करा संतुलित रहती है |
⇨मधुमेह के रोगी को मेथी के चूर्ण का इस्तेमाल 10 ग्राम की मात्रा में दिन में तीन बार इस्तेमाल करना चाहिए | यह आपके शुगर लेवल को बैलेंस रखेगा |
⇨मेथी का वीर्य उष्ण होता है इसलिए यह गरम प्रकृति की होती है  | अत: जिन मधुमेह रोगियों की प्रकृति गरम है या अल्सर जैसे रोग से भी गर्षित है , वे मेथी के साथ सौंफ का प्रयोग करे | क्योकि सौंफ के प्रयोग से शरीर में गरमी नहीं होगी | इसके लिए रात्रि में दो चम्मच मेथी दाना के साथ 1 चम्मच सौंफ को एक गिलास पानी में भिगो दे | सुबह इस पानी को छान कर इस्तेमाल कर सकते है |
⇨रात्रि में सोते समय एक चम्मच मेथी और सामान मात्रा में आंवले को पीस कर – 1 ग्राम की मात्रा में सेवन करे | नियमित प्रयोग से मधुमेह ठीक हो सकता है |
⇨मेथी के हरे पतों की सब्जी बना कर इस्तेमाल करने से भी मधुमेह कंट्रोल में रहता है |

स्तनों में दूध बढाती है मेथी

सूतिका महिलाओं को नियमित रूप से मेथी के हरे पतों की सब्जी का सेवन करना चाहिए | क्योकि यह  आपके स्तनों में दूध को बढ़ाती है |
20 ग्राम मेथी के चूर्ण को 250 ml दूध में उबाले जब दूध एक चौथाई बचे तब इसमे मिश्री मिला कर सेवन करने से स्तनों में दूध की कमी दूर होती है |

पेट दर्द और दस्त में मेथी के फायदे

मेथी , हरेड , जीरा और अजवायन – सभी 50 ग्राम , 250 ग्राम सौंफ और 40 ग्राम काला नमक – इन सभी पीसकर चूर्ण बना ले | दो चम्मच की मात्रा में पानी के साथ फंकी लेने से पेट दर्द और दस्त में राहत मिलती है |
धन्यवाद |
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