कनक सुन्दर रस – घटक, फायदे एवं सेवन विधि

आयुर्वेद चिकित्सा में विभिन्न प्रकार की औषधियाँ है जैसे वटी, चूर्ण, आसव-अरिष्ट एवं रस आदि | इसमें रस औषधियाँ खनिज एवं जड़ी बूटियों के सहयोग से निर्मित होने वाली दवाएं है | इनका उपयोग रोग पर तीव्रता से काबू पाने के लिए किया जाता है | कनक सुन्दर रस भी एक रस प्रकरण की दवा है |

आज के इस लेख में हम आपको कनक सुन्दर रस के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे | तो चलिए जानते हैं सबसे पहले कनक सुन्दर रस क्या है ?

कनक सुंदर रस क्या है ? | What is Kanak Sundar Rasa

यह एक प्रकार का रसायन है जो अतिसार की एक प्रमुख आयुर्वेदिक दवा है। बच्चे हो या बड़े सभी उम्र के लोगों में इस रस का उपयोग अतिसार को रोकने में किया जा सकता है । यह रसायन अतिसार, संग्रहणी और ज्वर अतिसार में विशेष उपयोगी होता है ।

कई बार छोटे-छोटे बच्चों के दांत निकलते समय पतले दस्त और बुखार होने लगते हैं तथा बच्चे का स्वभाव भी चिड़चिड़ा हो जाता है और वह सारे दिन रोता रहता है ऐसी अवस्था में कनक सुंदर रस को शहद के साथ मिलाकर देने से बहुत ही फायदा होता है।

आज हम यहां आपको कनक सुंदर रस के घटक द्रव्यों, फायदे तथा सेवन विधि के बारे में विस्तार से संपूर्ण जानकारी देंगे कि यह रस अतिसार को रोकने के साथ-साथ और कौन-कौन से रोगों में लाभकारी होता है तो चलिए जानते हैं कनक सुंदर के घटक द्रव्यों के बारे में

कनक सुंदर रस के घटक द्रव्य | ingredients of Kanak Sundar Ras

  • शुद्ध गंधक
  • शुद्ध सुहागा
  • शुद्ध सिंगरफ
  • शुद्ध विष (बच्छनाग)
  • काली मिर्च
  • पीपली चूर्ण
  • शुद्ध धतूरे के बीज

इत्यादि औषध द्रव्यों को समान भाग लेकर भांग के रस में मर्दन करके छाया में सुखाकर एक_ एक गोली बना लेते हैं।

कनक सुंदर के फायदे | Benefits of Kanak Sundar Ras

कनक सुंदर रस के घटक द्रव्यों को जानने के बाद अब हम इसके फायदों के बारे में विस्तार से जानेंगे तो चलिए जानते हैं कनक सुंदर रस के फायदे

वातातिसार में (वात युक्त अतिसार) कनक सुन्दर रस के फायदे

कई बार पेट में प्रकुपित वायु भरने के कारण बार – बार दस्त होते हैं और मात्रा में थोड़े होते हैं। ऐसी दशा में अफीम मिश्रित स्तम्भक औषधियों देने से आँव रुक जाता है, किंतु कुछ दिनों के बाद फिर वह पर कुपित होकर अतिसार उत्पन्न कर देता है। अतः केवल दस्त बंद करने वाली दवा का प्रयोग न करके स्त्राव को भी जो रोक दे ऐसी दवा का प्रयोग करना चाहिए

इसके लिए कनक सुंदर बहुत उपयुक्त दवा है क्योंकि इसमें धतूरे के बीज मिले होते हैं जो स्त्राव को कम करने वाले हैं और भांग वात का शमन करने के साथ-साथ दस्त को भी कम कर देती है अतः इस कारण कनक सुंदर रस में भांग व धतूरा होने के कारण यह अतिसार रोकने की सबसे उत्तम दवा है।

अपच में (बदहजमी) फायदेमंद

कई बार गरिष्ठ भोजन कर लेने के कारण पेट फूल जाता है तथा जलन के साथ डकारे भी आती हो और पतले दस्त भी लगते हो। कई बार ऐसी स्थिति लगातार बनी रहने के कारण बुखार भी आने लगता है तो इस अवस्था में कनक सुंदर रस का प्रयोग करने से पाचक पित्त जागृत हो जाता है और सभी प्रकार के भोजन को पचा देता है और भोजन पचने के कारण दस्त भी कम हो जाते है।

अग्निमांद्य (भूख न लगना) में उपयोगी

पाचक पित्त की कमी के कारण अग्नि मंद हो जाती है और खाई हुई चीजें बिना पचे ही अमाशय में पड़ी रहती है। आमाशय निर्बल एवं शिथिल हो अपना कार्य करने में असमर्थ हो जाता है। पाचक पित्त की निर्बलता के कारण आमाशय, पिताशय और अग्नाशय कमजोर हो जाते हैं परिणाम स्वरूप बिना पचे हुए ही भोजन दस्त के रूप में बाहर आना शुरू हो जाता है।

यह दस्त पतले और बार-बार थोड़े-थोड़े होते रहते हैं साथ ही में इनमें बहुत बदबू आती है ऐसी स्थिति में कनक सुंदर रस का प्रयोग करने से तुरंत और आशा कारी लाभ मिलता है।

बुखार में उपयोगी

कई बार छोटे-छोटे बच्चों के दांत निकलते समय पतले दस्त होने लगते हैं और साथ ही में दर्द होता रहता है जिसके कारण बच्चों में बुखार हो जाती है। बच्चा पूरे दिन रोता रहता है और वह बहुत ही चिड़चिड़ा हो जाता है और कोई भी वस्तु सामने आने पर वह उसे मुंह में लेकर चबाने लगता है।

ऐसी स्थिति में यदि बच्चे को शहद के साथ कनक सुंदर रस का प्रयोग कराया जाए तो बच्चों में होने वाले दस्त और दर्द को कम कर देता है जिसके कारण बुखार भी चली जाती है और धीरे-धीरे अपने आप दांत निकलते रहते हैं और बच्चा परेशान भी नहीं होता।

सेवन की विधि एवं खुराक

इस औषधि का प्रयोग 125 mg से लेकर 250 mg तक की मात्रा में किया जाना चाहिए | अनुपान के रूप में जल, मट्ठा या सौंफ का अर्क प्रयोग में लिया जाता है | रस प्रकार की औषधि है अत: वैद्य सलाह से ही इसका उपयोग करना उचित है | यह बच्चे, युवा एवं बुजुर्ग सभी के लिए उपयोगी है | निर्देशित मात्रा में लेने पर इस औषधि के कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं हैं |

धन्यवाद |

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