क्या आप शीघ्रपतन या धात आदि की समस्या से पीड़ित है ?

अगर आप शीघ्रपतन, स्वप्नदोष एवं धातु दुर्बलता से पीड़ित है तो असली आयुर्वेदिक कामसुधा योग आपके लिए बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा है | कामसुधा योग यौन कमजोरियों का काल है | दवा में लगभग 21 ताकतवर देशी जड़ी-बूटियों के एक्सट्रेक्ट का इस्तेमाल किया गया है | यह पुरुषों की यौन कमजोरियों में स्थाई परिणाम देती है | साथ ही एक्सट्रेक्ट बेस्ड होने के कारण तीव्रता से प्रभाव दिखाती है | 

शीघ्रपतन, स्वप्नदोष एवं धात आदि की समस्या पुरुषों में अधिकतर देखने को मिलती है | यह विकार वैवाहिक जीवन में कलह का कारण भी बनता है | अत: समय रहते आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से इसका उपचार करवाना चाहिए | कामसुधा योग शीघ्रपतन, स्वप्नदोष एवं धात आदि की समस्या को जड़ से ख़त्म करने में समर्थ है | दवा में किसी भी प्रकार के केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया है |

यौन कमजोरियों का आयुर्वेद से उपचार

आयुर्वेद विश्व की सबसे प्राचीनतम एवं कारगर चिकित्सा पद्धति हैं | इस चिकित्सा पद्धति में दवाओं का निर्माण करने के लिए  जड़ी-बूटियों एवं खनिज द्रव्यों को शोद्धित करके उपयोग में लिया जाता  | यही कारण है कि आयुर्वेदिक औषधियां अंग्रेजी दवाओं के मुकाबले अधिक कारगर एवं सुरक्षित होती हैं |

यौन समस्याओं के लिय आयुर्वेद में वाजीकरण अध्याय है | (वाजी = घोड़ा) वाजीकरण की सहायता से घोड़े जैसी ताक़त को प्राप्त किया जा सकता है | घोडा यौन शक्ति का प्रतिक माना जाता है | वाजीकरण जड़ी बूटियों एवं द्रव्यों की सहायता से शीघ्रपतन, कामेच्छा में कमी, आंशिक एवं पूर्ण नपुंसकता, इन्द्रिय शिथिलता, धातु दुर्बलता एवं वीर्य की कमी जैसे सभी रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है |

कामसुधा योग भी आयुर्वेद के वाजीकरण सिद्धांत पर आधारित दवा है | इसीलिए इसे इतनी लोकप्रियता एवं वैद्यजनों का सम्मान मिला है | आयुर्वेद पद्धति में वाजीकरण के लिए कहा भी गया है कि 

वाजीकरणमन्वीच्छेत्सततं विषयी पुमान |
तुष्टिः पुष्टिर्पत्यं च गुणवत्तत्र संश्रीतम ||

अर्थात वाजीकरण सिद्धांत की सहायता से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, संतोष एवं संतान प्राप्ति जैसी सभी खुशियाँ प्राप्त कर सकता है | इससे व्यक्ति घोड़े जैसी कामशक्ति प्राप्त कर सकता है |

यौनकमजोरियों में कामसुधा योग ही क्यों ?

कामसुधा योग (Improved) के गुण

क्योंकि यह आयुर्वेद के वाजीकरण सिद्धांत पर आधारित दवा है | इसमें आयुर्वेद की 21 ताकतवर जड़ी – बूटियों के एक्सट्रेक्ट का अनुपातिक मिश्रण है | कामसुधा योग में पुरुष प्रजनन अंगो पर कार्य करने वाली शुक्रजनन एवं शुक्रस्तम्भन गुणों वाली जड़ी – बूटियां है | ये विकारी पुरुष के शरीर में नविन वीर्य का निर्माण करती है एवं वीर्य को गाढ़ा करके शीघ्रपतन एवं स्वप्नदोष जैसी समस्याओं का समाधान करती है | 

यह पुरुषों के लिए यौनशक्तिवर्धक विश्वनीय आयुर्वेदिक औषधि है | बाजार में आयुर्वेद के नाम पर बड़े – बड़े वादे करने वाले उत्पादों से कहीं बेहतरीन है | चिकित्सक के परामर्शानुसार लेने से शीघ्रपतन, यौनेच्छा की कमी एवं स्वप्नदोष जैसी यौन समस्याओं से तुरंत एवं स्थाई समाधान मिलता है | 

एक्सट्रेक्ट फॉर्म का क्या मतलब है ?

एक्सट्रेक्ट फॉर्म आयुर्वेद की नविन तकनीक है | इसमें औषध जड़ी – बूटियों के सार भाग को लेकर दवाओं का निर्माण किया जाता है | उदहारण के लिए अगर एक जड़ी – बूटी जैसे दुधि है उसका एक्सट्रेक्ट (सार तत्व) निकलना है तो 10 किलो दुधि में से सिर्फ 1 किलो एक्सट्रेक्ट निकलता है | बाकी 9 किलो के लगभग काष्ठ रहता है | अत: इसी कारण से यह दवा इतनी प्रभावी बनती है | 

क्योंकि इसमें कुल 21 जड़ी – बूटियों का एक्सट्रेक्ट निकाल कर डाला गया है | इसकी 1gm मात्रा पाउडर फॉर्म की दवा की 10gm मात्रा के बराबर है | 

कैसे सेवन करें ?

एक्सट्रेक्ट बेस्ड कामसुधा योग का सेवन नियमित सुबह  शाम 1 – 1 कैप. की मात्रा में गुनगुने दूध के साथ  किया जाना चाहिए | सेवन करते समय अधिक तेलिय एवं मिर्च मसाले युक्त भोजन से परहेज रखें | फ़ास्ट फ़ूड आदि बाजारू खाद्य पदार्थों से भी बचना चाहिए | 

सामान्य सवाल - जवाब

Most frequent questions and answers

कामसुधा योग किसे लेना चाहिए ?

जिन्हें अपनी शारीरिक क्षमता बढानी हो उन्हें इसका सेवन करना चाहिए | शीघ्रपतन, धातु दुर्बलता, काम-दोष, स्वप्नदोष से पीड़ितों के लिए उपयोगी असली आयुर्वेदिक दवा है |

यह उत्पाद कितने दिन में असर करना शुरू करती है ?

सामान्यत: कोई भी आयुर्वेद उत्पाद आपकी प्रकृति एवं रोग के आधार पर अपना असर करती है | अगर रोग अधिक है तो उसे ठीक होने में समय भी अधिक लगता है | अमूमन कामसुधा योग 15 दिन में अपना असर दिखाना शुरू कर देती है |

कामसुधा योग मेरे लिए कितना उपयोगी है ?

यह  आयुर्वेद के वाजीकरण सिद्धांत पर तैयार की गई है अत: इसका सेवन करना काफी फायदेमंद है | यह आपके शरीर में धातुओं का शोधन करके शरीर को पुष्ट करती है | खाया – पीया सब लगता है |

सेवन करते समय क्या परहेज रखें ?

कामसुधा का सेवन करते समय खट्टी, चटपटी, फ़ास्ट फ़ूड, नशे एवं तेलिय पदार्थों का सेवन बंद कर देना चाहिये | अगर नियमानुसार लिया जाए तो परिणाम भी जल्दी प्राप्त होते है |

यह उत्पाद किस-किस रोग में असरकारक है ?

शीघ्रपतन, धातु विकार, कामेच्छा की कमी, स्वप्नदोष एवं शारीरिक कमजोरी में असरकारक है |

इसको कैसे सेवन करना है ?​

कामसुधा योग का सेवन 1 – 1 कैप. की मात्रा में एक गिलास गुनगुने दूध के साथ किया जाना चाहिए | 

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