भ्रामरी प्राणायाम कैसे करे ? – इसकी विधि, लाभ एवं सावधानियां |

भ्रामरी प्राणायाम

भ्रामरी प्राणायाम / Bhramri Pranayama भ्रामरी शब्द भ्रमर से बना है जिसका अर्थ होता है “भौंरा”| भ्रामरी प्राणायाम करते समय साधक भौंरे के समान आवाज करता है , इसलिए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता है | मन को प्रसन्न करने Read More …

भस्त्रिका प्राणायाम – करने की विधि , लाभ और सावधानियां

भस्त्रिका प्राणायाम

भस्त्रिका प्राणायाम / Bhastrika Pranayam in Hindi इस भस्त्रिका का अर्थ होता है “धौंकनी” | जिस प्रकार लुहार की धौंकनी निरंतर तीव्र गति से हवा फेंकती रहती है और लोहा गरम होता रहता है उसी प्रकार से भस्त्रिका प्राणायाम में Read More …

शीतली प्राणायाम की विधि – लाभ एवं सावधानियां |

शीतली प्राणायाम

शीतली प्राणायाम इस प्राणायाम से शरीर का तापमान कम किया जा सकता है | यहाँ प्रयोग किया गया “शीतली” शब्द का अर्थ होता है – ठंडा करना | अर्थात शीतली प्राणायाम से शरीर की उष्णता को कम किया जा सकता Read More …

सूर्यभेदी प्राणायाम – इसकी विधि , लाभ एवं सावधानियां |

सूर्यभेदी प्राणायाम

सूर्यभेदी / सूर्यभेदन  प्राणायाम सुर्यभेदी प्राणायाम की विशेषता होती है की इसमें पूरक क्रिया नाक के दांये छिद्र से की जाती है | नाक के दांये छिद्र को सूर्य स्वर और बांये को चन्द्र स्वर कहते है | दांये छिद्र Read More …

प्राणायाम – क्या है ? इसके प्रकार , लाभ, अवस्थाएँ एवं सावधानियां |

प्राणायाम

प्राणायाम / Pranayama अष्टांग योग में प्राणायाम का एक विशेष स्थान है | अष्टांग योग के चतुर्पद में “प्राणस्य आयाम: इति प्राणायाम:” लिखा है , इसका अर्थ है की प्राण का विस्तार ही प्राणायाम कहलाता है | नित्य रूप से Read More …

शीर्षासन / Shirshasana – विधि , फायदे एवं सावधानियां |

शीर्षासन

शीर्षासन / Shirshasana योगासनों में सबसे अधिक उपयोगी और फायदेमंद आसन है शीर्षासन | इसीलिए इस आसन को आसनों का राजा भी कहा जाता है | भले ही यह करने में थोडा कठिन हो लेकिन दो – चार बार के Read More …

पेट की चर्बी कम करने वाले 7 योगासन – पेट कम करने के लिए योगासन

पेट कम करने के लिए योगासन

पेट कम करने के लिए योगासन वर्तमान समय की बदली हुई जीवन शैली और शारीरिक श्रम की कमी के कारण मोटापा एक बड़ी समस्या बन कर उभरा है | पेट कम करने के लिए योगासन |आज कल के खान – Read More …

पश्चिमोत्तानासन – कैसे करे ? इसकी विधि, लाभ और सावधानियां |

पश्चिमोत्तानासन

पश्चिमोत्तानासन  पश्चिमोत्तानासन दो शब्दों से मिलकर बना है – पश्चिम + उत्तान | यहाँ पश्चिम से तात्पर्य है पीछे की और उत्तान का अर्थ होता है – शरीर को तानना | अत: इसका शाब्दिक अर्थ हुआ – शरीर को पीछे Read More …

मुर्गासन / मुर्गा-आसनात्मक क्रिया – विधि , लाभ और सावधानियां |

मुर्गासन

पहले स्कुलों में विद्यार्थियों को मुर्गा बनाया जाता था और आज भी यह क्रिया बहुत सी स्कुलों मे विद्यार्थियों को दण्ड देने के लिए अपनाई जाती है। जी हाँ यह वही मुर्गा बनने का आसन है जो आप भी कभी Read More …

धनुरासन – करने की विधि, लाभ और सावधानियां

धनुरासन

धनुरासन धनुरासन का अर्थ होता है धनुष के समान। धनुर और आसन शब्दों के मिलने से धनुरासन बनता है। यहां धनुर का अर्थ है धनुष। इस आसन में साधक की आकृति धनुष के समान बनती है इसलिए इसे धनु रासन Read More …