अग्निमंध्य ( Indigestion ) कारण – लक्षण और घरेलु ईलाज |

अग्निमंध्य  भूख न लगने या जठराग्नि के मंद पड़ जाने को अग्निमंध्य कहते है | इस रोग में अमास्य की पचाने की शक्ति कम हो जाती है | जिससे खाया-पिया भोजन पेट में पड़ा रहता है और वह सही तरीके Read More …

पुंसवन कर्म – मन माफिक पुत्र या पुत्री की प्राप्ति

पुंसवन कर्म  ” गर्भाद भवेच्च पुन्सुते पुन्स्त्वस्य प्रतिपादनम “ अर्थात स्त्री गर्भ से पुत्र प्राप्ति हो इसलिए पुंसवन संस्कार किया जाता है | ” पुमान् सूयते अनेन इति पुन्सवनम “ अर्थात जिस कर्म के द्वारा गर्भ में ही स्त्री लिंग Read More …

आहार के 15 नियम और जीवन निरोगी (incompatible food combinations according to ayurveda)

आहार के 15 नियम आहार और भोजन के भी कुछ नियम कायदे होते है, जिनका हमे हमेशा अनुसरण करना चाहिए | आज के समय में हमे यह पता नही होता की हमारा शरीर किस प्रकृति का है ! वात-पित-कफ में Read More …

पितकफज प्रकृति – एक परिचय

पित  कफज प्रकृति  पित – कफज  प्रकृति में अगर पित प्रकृति और काफ प्रकृति दोनों के कोई दो – दो गुण मिल रहे है तो यह समायोजित प्रकृति पित – कफज प्रकृति कहलाती है | उदहारण के लिए जैसे अगर Read More …