हमारे देश में सबसे ज्यादा कामवासना से पीड़ित व्यक्ति रहते है | यह कोई मजाक नही है है एक रिसर्च के अनुसार भारत में 100 में से 90 व्यक्ति पुरे दिन कामवासना से झुझते रहते है ये उनको भी नहीं पता होता की यह एक व्याधि का रूप ले चुकी है | क्योकि कामवासना एक घातक मनोविकार है | भारत में यह बात सत्य भी है की यंहा के जवान हो या बूढ़े सब कामवासना से पीड़ित है क्योकि जिस चीज को जितना दबाओगे उतना वह उभर कर आएगी | भारत में बच्चे को जन्म से ही ये सिखाया जाता है की सहवास या कामवासना एक पाप है , उनके मन में डर पैदा किया जाता है और उम्र भर या शादी तक उनको ब्रह्मचरिया का पालन करना है | यह एक नजरिये से देखा जाए तो ठीक भी है लेकिन जिस वासना को भगवान् ने हमारे जन्म के साथ ही हमें सौंपा है उससे व्यक्ति कब तक बच सकता है |

भारत में सहवास पर बात भी करना एक गुनाह समझा जाता है बच्चे को शुरुआत से ही सहवास से नफरत सिखाई जाती है , उन्हें बताया जाता है की यह एक पाप है और इसको करने से तुम्हे नरक की प्राप्ति होगी | अब होता क्या है कि जब बच्चा किशोरवस्था में आता है तो स्वाभाविक ही वह सहवास की तरफ झुकाव महसूस करता है और वह इसे खोजता है इन्टरनेट के माध्यम से या किसी अन्य माध्यम से लेकिन वो भी चोरी छुपे | अब शुरुआत ही उसकी चोरी से हुई तो जीवन पर्यंत वह इस मामले में चोर रहेगा एवं इसे गुनाह समझेगा | बस यंही से शुरुआत होती है कामवासना की | क्योकि जीवन भर उसने अपनी काम शक्ति को दबाये रखा तो बुढ़ापे तक वह उसे परेशान करेगी ही | जवानी में उसकी शादी हुई तो पत्नी से भी सहवास करेगा वो डर के भाव से , यह सिर्फ पुरुष की ही व्यथा नहीं है बल्कि महिलाओ की स्थिति इससे बुरी है | क्योकि पुरुष तो फिर भी कंही न कंही अपनी वासनाओ की पूर्ति करलेता है लेकिन महिलाओ को तो जन्म से ही दबाया जाता है उन्हें ढक कर रखा जाता है संस्कार सिखाये जाते है | मतलब उन्हें पूरी तरह से कुंठित कर दिया जाता है और इसका कारण है हमारे आधुनिक ऋषि मुनि अर्थात वर्तमान समय के धार्मिक गुरु |
इसमें हमारे धर्म ग्रंथो की कंही कोई खोट नहीं है लेकिन ये जो अध्यात्मिक गुरु बने बैठे है इन्होने भारत को कुंठित किया है | आप किसी भी अध्यात्मिक गुरु के पास चले जाए वो आपको इस तरह से डराएगा की आप उसकी बात पर विश्वास करने के आलावा कुछ नहीं कर पाएंगे |
इन अध्यात्मिक गुरुओ का काम ही है डराना | आप किसी भी सत्संग या मजलिस में चले जांए – यंहा मैं किसी विशेष धर्म की बात नहीं कर रहा हूँ ये सब धर्मो में आपको मिल जांएगे | कोई नरक का डर दिखायेगा तो कोई अल्लाह का वास्ता देगा , कोई दोज़ख की आग में जलाने की बाते करेगा तो कोई नरक में कोड़े बरस वायेगा | और इनका मुख्य जो बिंदु होता है वो है कामवासना | अब आपको बता दूँ ये जो कहते है की हम आपको कामवासना से दूर रहना सिखायेंगे इनकी असलियत ये होती है की ये 60 – 70 के होने के बाद भी अपनी खुद की कामवासना पर काबू नहीं कर पाते और नतीजा आप सभी के सामने नित्य अखबारों और न्यूज़ चैनल्स पर आता है | अब यंहा भी देखो इनके नुक्ते – जब इनके ये कामवासना से भरे हुए कांड जनता के सामने आ जाते है तो यंहा भी आपको डरायेंगे – इनका मुख्या काम होता है इनके भक्त इनपर आँख मूंद कर विश्वास करे अगर ये कुछ गलत करते पकडे भी जावे तो भी आप सच पर यकीं न करे बस इनको ही सच माने | इस सब में ये धर्मो का उदाहरण देंगे जैसे जीसस को भी लोगो ने सही रहते हुए फंसी देदी थी तो मैं तो छोटा सा गुरु हूँ |
अब यंहा मैं पोस्ट से भटक गया चलो लिखने को तो बहुत कुछ है लेकिन इससे कोई सार नहीं निकलेगा तो पोस्ट पर वापिस आते है की कामवासना से कैसे बचें |
कामवासना से बचने के लिए मैं सबसे पहले यही कंहुगा की आप अपनी कमवास्नाओं को दबावों मत इन्हें जानो , इन्हें सीखो और ध्यान में मन लगाओ | बच्चे को उसका बचपन पूरा जीने दो ताकि जवान होते होते उसमे किसी भी प्रकार का बचपन न बचे , जवान को जवानी एसी जीनी चाहिए की बुढा होते – होते उसमे जवानी की कोई तृप्ति न बचे और वह  शुद्ध रूप से बुढा हो |

कामवासना को रोकने के कुछ कारगर उपाय

1. कामवासना को बढ़ावा न दे – कामातुर चीजो को पाने की लालसा न रखे | अश्लील साहित्य , पोर्नोग्राफी और कामुक चीजो को देखने से बचे | इन चीजो पर मन को कंट्रोल करना सीखे  | आप सुबह – शाम ध्यान में बैठे यह आपके मन को शान्त करेगा और एकाग्रता बढ़ाएगा जिसके कारण आप अपनी भावनाओं पर काबू पा सकते है |
 
2.शराब और ड्रग्स से दुरी बना ले – अगर आप शराब का सेवन करते है तो कामवासना पर काबू पाना आपके लिए कठिन हो जायेगा | क्योकि नशा आपके सोचने समझने की शक्ति को क्षीण कर देता है और आप बहक जाते है | इसलिए ड्रग्स और शराब से दुरी बनाए , यह आपके स्वस्थ्य के  लिए भी अच्छा होगा और मन पर भी कंट्रोल रहेगा |
3.अपनी भावनाओं को समझे – दुनिया के सभी धर्म ग्रंथो में काम वासना को स्वाभाविक बताया गया है | अत: आप कामवासना के आने से अपने आप को शर्मिंदा न महसूस करे | इन वासनाओ को समझे और इन्हें रोकने के यत्न करे | क्योकि अगर आप कामवासना को गलत समझ बैठे तो आप मानसिक रूप से बीमार हो जायेंगे और फिर कभी इनसे बाहर नहीं निकल पाओगे | इसलिए कामवासनाओं को दबाएँ नहीं बल्कि उपाय करो |
4. अपना ध्यान कंही और लगाये – जब आपको ऐसे विचार आये और कोई उपाय ना सूझे तो अपने ध्यान को किसी अन्य जगह लगा ले जैसे किसी गाने के बारे में या किसी मूवी के  किसी सीन को  याद  करने लग आवे | किसी गाने को जोर जोर से गाने लगे उसे याद कर कर के गाये शब्दों  पर ध्यान रखे | इस प्रकार आप धीरे – धीरे उस कामवासना वाले विचार को भूल जावोगे |
5. लिस्ट बनावे और उनसे दूर रहे – आप अपने उन कामो या चीजों की लिस्ट बनाले  जिनसे आप कामवासना महसूस करते है | जैसे पोर्नोग्राफी , अश्लील साहित्य , न्यूड इमेजेज , कामुक स्त्री या अन्य जो भी आपको कामवासना के पास ले जाता है उसे लिख ले या याद कर ले और इन चीजो के पास बिलकुल न जाने का संकल्प ले ले |
6.अपने को बिजी बनाए – यह तरीका भी पूरी तरह से कारगर है अगर आप अपने आप को पूरी तरह से किसी काम में बिजी रखते है तो चांस ही नहीं है की आपमें कामुक विचार आयेंगे  |  इसके लिए आप किसी सोशल वर्क ग्रुप से जुड़ सकते है जिसमे आप अपने खली समय में समाज सेवा भी कर सके और कामवासना से भी बच सके |
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धन्यवाद |
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