गर्मियों के सीजन में तरबूज है सेहत की खान – पढ़े और शेयर भी करे

तरबूज प्रकृति द्वारा प्रदत एक ग्रीष्म कालीन ठंडी तासीर का फल है | भारत में यह लगबग हर प्रान्त में होता है | तरबूज को भारत में अलग – अलग नाम से जाना जाता है जैसे – मतिरा , कालिंद, पानिफल , हद्वाना ( हरियाणा के कुछ क्षेत्रो में ) | गर्मी की ऋतू में तरबूज का सेवन अच्छा रहता है क्योकि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है और यह ठंडी तासीर का होता है |

तरबूज के 100 ग्राम गुदे में 98.5% पानी , 3.3% कार्बोह्य्द्रेड , 0.2% प्रोटीन , 0.2% वसा , 0.2% फाइबर एवं इसके आलावा फास्फोरस, कैल्शियम , लोह तत्व, विटामिन, थायमिन, रिबोफ्लेविन आदि पोषक तत्व मौजूद होते है | आयुर्वेद अनुसार तरबूज त्रिदोष नासक , शरीर को शीतलता देने वाला और मष्तिष्क एवं हृदय को तंदुरुस्त रखने वाला होता है | गर्मियों के समय हमें अत्यधिक पसीना आता है जिसके कारन शरीर के उपयोगी लवण बाहर निकल जाते है एवं प्यास भी अधिक लगती है इसलिए गर्मियों में तरबूज के सेवन से प्यास तो मिटती ही है इसके साथ- साथ हमे पोष्टिक लवणों की पूर्ति भी तरबूज के सेवन से मिल जाती है |

आईये जानते है तरबूज के सेवन से होने वाले फायदों के बारो में

  • तरबूज एक प्राकृतिक वियाग्रा की तरह काम करता है | भारतीय और अमेरिकी वज्ञानिको ने दावा किया है की तरबूज के सेवन से हमे वियाग्रा के सामान यौन शक्ति मिलती है | इसलिए जिन्हें सहवास में रूचि न रहती हो या उम्र ढलने के कारण यौन शक्ति क्षीण पड़ गई हो उन्हें इस ऋतू में भरपूर तरीके से तरबूज का सेवन करना चाहिए | यौन शक्ति बढ़ने के लिए आप तरबूज के बीजो का भी उपयोग कर सकते है | तरबूज के बीजो को अगर भुन कर खाया जावे तो ये बेहतर यौन्वर्धक औषधि साबित होते है |
  • तरबूज मधुमेह ओर मोटापे को भी ठीक करता है | टेक्सास शहर के फ्रूट एंड वेजिटेबल इम्प्रूवमेंट सेण्टर के वज्ञानिक डॉ. भीमू पाटिल के अनुसार “जितना हम तरबूज़ के बारे में शोध करते जाते हैं, उतना ही और अधिक जान पाते हैं। यह फल गुणो की खान है और शरीर के लिए वरदान स्वरूप है। तरबूज़ में सिट्रुलिन नामक न्यूट्रिन होता है जो शरीर में जाने के बाद अर्जीनाइन में बदल जाता है। अर्जीनाइन एक एम्यूनो इसिड होता है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाता है और खून का परिभ्रमण सुदृढ रखता है।”
  • खाना खाने के उपरांत अगर तरबूज के रस का सेवन किया जावे तो इससे भोजन शीघ्र पचता है |
  • तरबूज के सेवन करने से गर्मियों में लगने वाली लू से बचा जा सकता है |
  • तरबूज मोटापे को रोकता है एवं मधुमेह के कारणों का भी निवारण करता है |
  • गर्मी के कारण होने वाले सिरदर्द में एक गिलास तरबूज के रस का सेवन करने से तुरंत सिरदर्द से छुटकारा मिलता है |
  • अगर गर्मियों में सुखी खांसी हो जावे तो इसके लिए आप तरबूज खा सकते है | सुखी खांसी चली जावेगी |
  • खट्टी डकारे आती हो तो तरबूज की ठंडी फांक पर काला नमक और कालीमिर्च का पाउडर डालकर खाए तुरंत लाभ मिलेगा |
  • तरबूज में विटामिन A , B, C एवं लोह तत्व प्रचुर मात्र में होता है जिसके कारन शारीर में स्थित खून साफ़ होता है |
  • नियमित तरबूज के सेवन से चर्म रोगों में भी लाभ मिलता है |
  • अगर गर्भवती महिला को तरबूज के बीजो की गिरी को सोंफ और मिश्री मिला कर खिलाया जावे तो गर्भस्थ शिशु के विकास में फायदा होता है अर्थात शिशु का विकास अच्छी तरह से होता है |

कुछ सावधानिया 

तरबूज का सेवन करते समय कुछ छोटी – छोटी सावधानिया बरतनी चाहिए | क्योकि अगर सावधानिया नहीं बरती जाए तो स्वास्थ्य लाभ के वजाय हानिया भी हो सकती है |

 

  • कभी भी सड़ा हुआ , बासी या बाजार में कटा हुआ तरबूज नहीं खरीदना चाहिए |
  • आजकल बाजार में कचे तरबूज में लाल रंग और शक्कर से मिश्रित सुई लगा कर बेचा जाता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है | इसलिए बाजार से तरबूज खरीदते समय ध्यान से देख कर ही तरबूज को खरीदे | अगर आपको तरबूज में कंही पर महीन सुई का निशान या गोंद जैसा प्रतीत हो तो उसे न ख़रीदे |
  • दमे के मरीजो को तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिय |
  • तरबूज का सेवन हमेशा ठंडा करके ही करे , गरम तरबूज कभी भी न खाए |
  • तरबूज के सेवन के बाद कभी भी दूध और दही का सेवन ना करे इससे हैजे की सिकायत हो सकती है |
  • भोजन के बाद सेवन करे तो तरबूज पर हमेशा काला नमक या सेंध नमक छिड़कर ही उपयोग में लावे |
  • खली पेट तरबूज का सेवन नहीं करना चाहिए |

धन्यवाद |

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