वातहर चूर्ण बनाने की विधि

वात – हर चूर्ण 

विधि – अजमोदा , देवदारु , वाय-बिडंग , सेंधा नमक, पिपरामुल , पीपल , सौंफ और कालीमिर्च सभी 10-10 ग्राम एवं बड़ी हरेड, सोंठ और विधारा 50-50 की मात्रा में लेकर – इन सभी का महीन पीसकर चूर्ण बना ले | वातहर चूर्ण तैयार है |
मात्रा – वातहर चूर्ण 3-3-3 ग्राम की मात्रा में सुबह – दोपहर – शाम को लीजिये |
लाभ – यह शरीर में स्थित वात दोष को सम स्थिति में लाती है जिससे वात के कारण होने वाले दर्द से छुटकारा मिलता है |

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