anya rog, desi nuskhe, Uncategorized

जाने क्या है – अंडकोष वर्द्धि (Hydrocele) और इसका प्राकृतिक उपचार

अंडकोष वर्द्धि ( Hydrocele)

updated on – 05-06-2017
अंडकोष वर्द्धि पुरुषो का रोग है | इसमे 1 या दोनों अन्डकोशो में पानी भर जाता है | ज्यादातर यह रोग 40 की उम्र के आस – पास होता है | hydrocele में अंडकोष बढ़ जाता है या यु कहे की इनमे पानी भर जाता है | अंडकोष में वर्द्धि के कारण आदमी को दर्द होता है और उसे चलने – फिरने में दिक्कत आती है | अंग्रेजी पद्धति में इसका उपचार सर्जरी है जिसके द्वारा अंडकोष में एकत्रित पानी को निकाला जाता है | लेकिन आज हम आपको बताएँगे इसका देशी और घरेलु इलाज | लेकिन उससे पहले आइए जानते है इसके संभावित कारण –
hydrocele-andkosh vradhi ka ilaj

Hydrocele – कारण

1. आनुवंशिक कारण
2. यौन अंगो में दूषित मल का इकठ्ठा होना
3. अंडकोष पर कोई चोट लगना
4. अधिक यौन सम्बन्ध बनाना
5. वीर्य या मूत्र के वेग को रोकना
6. अधिक बजन उठाने से
7. बिना लंगोट जिम करना
8. दूषित खान – पान

Hydrocele – लक्षण

1. अंडकोष का फूलना
2. अंडकोष में तेज दर्द होना
3. अंडकोष के आगे के भाग में सुजन
4. रोगी को चलने – फिरने में परेसानी

Hydrocele / अंडकोष वर्द्धि का उपचार (इलाज)

➤अंडकोष वृद्धि में कंटकारी की जड़ का प्रयोग बेहतरीन परिणाम देता है | इसके लिए आपको बड़ी कंटकारी ( कटेरी ) के पौधे की जड़ को लेवे | कंटकारी की जड़ को सुखा कर इसका 10 ग्राम चूर्ण बना ले और इसमें 5 ग्राम कालीमिर्च का चूर्ण मिला दे | इस चूर्ण का इस्तेमाल सुबह के समय गुनगुने पानी के साथ करे | सप्ताह भर के इस्तेमाल से आपको इसका असर दिखने लगेगा |
➤सूर्य तप्त जल का इस्तेमाल भी Hydrocele ( अंडकोष वर्द्धि ) में आराम पंहुचता है | इसके लिए आपको पीतल के बर्तन या कांच की पिली बोटेल में पानी भर के सूर्य की रोशनी में गरम करना होता है | अच्छी तरह सुर्यतापित पानी का सेवन पुरे दिन कर सकते है | अंडकोष वर्द्धि में यह उचित रिजल्ट्स देता है |
➤एरंड के 5 – 7 पतों को कूट कर लुग्दी बना ले | इस लुग्दी को तील के गरम तेल में डालकर अच्छी तरह निथार ले | हल्का गरम रहने पर सूती कपडे की सहायता से अंडकोष पर बांधे | 10 दिन के प्रयोग से ही लाभ हो जायेगा |
  • आम के पत्ते 25 ग्राम, 10 ग्राम सेंध नमक, दोनों को अच्छे से पीसकर हल्का सा गर्म करके लेप करने से अण्डकोशों की वृद्धि ठीक हो जाती है
  • एरंड के पतों पर तेल लगाकर उन्हें बंधना चाहिए |
  • 10 ग्राम जीरा ले और उसमे 5 ग्राम कालीमिर्च मिला कर पिसले |इस चूर्ण में आप थोडा गरम जैतून का तेल मिलकर इसका लेप बनाले | इसे गरम – गरम ही अन्डकोशो पर लगा ले | इसका उपयोग निरंतर 7 दिनों तक करे | अवश्य लाभ मिलेगा |
  • रोगी को उपवास भी रखना चाहिए | क्यों की उपवास से भी अंडकोष में भरे जल में कमी आती है |
  • महीने भर तक रोज सुबह और शाम अनार के रस का सेवन करना चाहिए |
  • इसके अलावा रोगी को गरम पानी में नमक डालकर स्नान करना चाहिए |

कुछ आसन

अंडकोष वर्द्धि (Hydrocele) को रोकने में व्यायाम भी बहुत लाभकारी  होते है
गौमुख आसन – इसको दोनों तरफ से करना चाहिए | गरुड़ आसन भी इसमे लाभकारी होता है | कपाल भाती और प्राणायाम भी कर सकते है | और अन्य योग जो आगे की और जुकने वाले होते है वो भी इसमे फायदा पंहुचाते है |
धन्यवाद
Team – Swadeshi Upchar

About स्वदेशी उपचार

स्वदेशी उपचार आयुर्वेद को समर्पित वेब पोर्टल है | यहाँ हम आयुर्वेद से सम्बंधित शास्त्रोक्त जानकारियां आम लोगों तक पहुंचाते है | वेबसाइट में उपलब्ध प्रत्येक लेख एक्सपर्ट आयुर्वेदिक चिकित्सकों, फार्मासिस्ट (आयुर्वेदिक) एवं अन्य आयुर्वेद विशेषज्ञों द्वारा लिखा जाता है | हमारा मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद के माध्यम से सेहत से जुडी सटीक जानकारी आप लोगों तक पहुँचाना है |

One thought on “जाने क्या है – अंडकोष वर्द्धि (Hydrocele) और इसका प्राकृतिक उपचार

  1. Akhilesh Kumar says:

    जिस भाई को कटेरी चाहिए सम्पर्क करे
    9157305436

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.