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◄ स्वप्नदोष ►

स्वप्नदोष :- पुरुष द्वारा नींद में वासनात्मक स्वप्न देखने अथवा कामुक भावना के कारण अनायास ही वीर्य का निकलना स्वप्न दोष कहलाता है | स्वप्नदोष कोई रोग न होकर एक दैहिक क्रिया मात्र है जिसके  अन्तरगत एक पुरुष को नींद के दोरान वीर्य स्खलित हो जाता है | अगर महीने में यह 1 या 2 बार हो तो यह स्वाभाविक है और यह कहा जा सकता है की यह कोई रोग नहीं है | किन्तु अगर इससे ज्यादा बार अगर वीर्य अनायास ही निकल रहा है तो यह धातु दुर्बलता और वीर्य क्षीणता का कारण बनता है | इसके कारण व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी हो जाती है एवं व्यक्ति मानसिक तोर पर भी परेशां रहता है |

स्वप्नदोष के कारण :-
स्वप्न दोष का मूल कारण है गंदे व कमोतेजक विचार | वर्तमान समय में किशोरवस्था में ही लड़के गलत संगत में पड़कर अपने मन व आत्मा को चंचल बना लेते है एवं उनकी प्रवर्ती कामुक और हिन हो जाती है जो स्वप्न दोष का मूल कारण बनता है |
इसके अलावा स्वप्नदोष के अनेको कारण हो सकते है जैसे पेट में कब्ज रहना , नाड़ी तंत्र की दुर्बलता , अधिक मिर्च मसाले वाले पदार्थो का सेवन , अत्यधिक गरिस्ट भोजन और अत्यधिक आलस्य या विलाशिता पूर्ण जीवन व्यतीत  करने वाले व्यक्तियों को भी स्वप्नदोष की समस्या हो सकती है |
अत्यधिक चिंता , शोक , मानसिक अशांति , दिमागी कमजोरी भी स्वप्नदोष का कारण बन सकते है | इसके अलावा पोष्टिक भोजन का ना मिलना,गरिष्ट भोजन करना , अश्लील फिल्मे देखना , निरंतर स्त्री सहवास  के बारे में सोचना , कमोतेजक विचारो में डूबे रहना , अधिक हस्तमैथुन करना एवं उतेजक पदार्थो का अधिक सेवन करने से भी युवाओ में स्वप्न दोष हो सकता है |
पहचान ( लक्षण )  :- स्वप्न दोष होने के कारण शरीर में क्षीणता , चहरे पर मायूशी ,मस्तिष्क में कमजोरी , आँखे अन्दर की और धंसी हुई , कायरता , सिर में दर्द, थकावट , कब्ज , शरीर टूटना , बैठे – बैठे उन्गना , मैथुन शक्ति का कमजोर पड़ना एवं बात बात में क्रोध करना आदि लक्षण दिखाई देने लगते है |

↞ प्राकृतिक उपचार ↠

⚉मुख्या उपचार⚈
  • सूखे आंवले ( गुठली अलग किये हुए ) 500 ग्राम ले लेवे | अब इनको इमाम दस्ते में कूट छानकर चूर्ण बना ले | आंवले का चूर्ण बाजार से भी ले सकते है लेकिन घर पर तैयार किया हुआ चूर्ण बेहतर रहता है क्यों की इसमे वीर्य की भरपूरता रहती है जिसके कारण यह दुगना फायदा देता है | अब इस चूर्ण को मिश्री के साथ मिलाकर एक शीशी में भर ले – रोज रात में 5 ग्राम चूर्ण दूध के साथ सोते समय सेवन करे एवं लगातार 2 महीने तक इसका सेवन करे | निश्चित ही आपकी स्वप्नदोष की समस्या से आपको निजात मिल जावेगा |
  • गोखरू , गिलोय और सूखे आंवले – सभी को 5 – 5 ग्राम लेकर चूर्ण बना लेवे . इस चूर्ण का प्रयोग देसी गाय के घी के साथ 3 ग्राम की मात्र में करे | यह प्रयोग निरंतर 3 सप्ताह तक करे | स्वप्नदोष को जड़ से मिटा देगा |
  • शतावरी के 5 ग्राम चूर्ण को गाय के देशी घी में एक महीने तक खाए | इससे भी स्वप्नदोष की समस्या से छुटकारा मिलता है |
⚉अन्य उपचार⚉
  • नित्य सुबह आंवले का मुरब्बा खावे |
  • रोज दो केले आधा किलो दूध के साथ खावे . इससे भी स्वप्नदोष में लाभ मिलता है
  • जामुन की गुठलियों को इक्कठा करले और इनका चूर्ण बना ले | अब रोज 5 ग्राम चूर्ण का सेवन सुबह – शाम करे |
  • 5 ग्राम चोपचीनी का चूर्ण देशी घी के साथ सुबह – शाम सेवन करे |
⚉सहायक उपचार⚉
स्वप्नदोष के इलाज में प्राचीन योग विध्या भी कारगर उपाय बन सकती है | कुछ योगासन जैसे – भुजंगासन ,वज्रासन पद्मासन और सूर्य नमस्कार निरंतर करते रहने से भी स्वप्नदोष में लाभ मिलता है |
अश्विनी मुद्रा ↦ अश्विनी मुद्रा में बार – बार गुदा को ऊपर की और खींचना और छोड़ना होता है जैसे कोई पशु मल त्यागते समय अपनी गुदा को कैसे अन्दर बहार करता है उसी प्रकार आपको भी यह क्रिया करनी है | इसके अभ्याश से स्वप्नदोष के साथ साथ बवासीर , नासूर , कांच निकलने की समस्या से भी छुटकारा मिलेगा |
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1 comment

  1. Very good knowledge

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