मासिक धर्म का रुक – रुक के आना – अनियमित माहवारी

अनियमित मासिक धर्म

क्या आप भी अनियमित माहवारी की समस्या से गुजर रही है ? अगर हाँ तो आज इस लेखमें महिलाओं के अनियमित मासिक धर्म या मासिक धर्म के रुक – रुक के आने की समस्या के बारे में जानेंगे | अगर आप इस वेबसाइट पर पहली बार आये है तो स्वदेशी उपचार को Follow करे और post पसंद आये तो Facebook , twitter पर share जरूर करे ताकि हम आपको एसे ही अन्य रोगों के घरेलु उपचार की जानकारी देने में समर्थ हो |

अनियमित मासिक धर्म :- मासिक धर्म महिलाओ में होने वाली स्वाभाविक प्रक्रिया है | अगर इस प्रक्रिया में कुछ गड़बड़ होती है तो यह महिला के सम्पूर्ण शरीर को प्रभावित करता है | अगर मासिक धर्म सुचारू रूप से नहीं चल रहा है तो यह महिला के प्रजनन क्रिया पर भी अपना असर छोड़ता है | इसलिय अनियमित मासिक धर्म को हलके में लेना एक बहुत बड़ी गलती साबित हो सकती है |

अनियमित मासिक धर्म के कारण :-

अनियमित मासिक धर्म  का कोई एक निश्चित कारण न होकर विभिन्न कारण हो सकते है क्यों की अनियमित मासिक धर्म की समस्या को किसी एक कारण से परिभाषित नहीं कर सकते | आइये जानते है कि किन कारणों से महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म की समस्या आ सकती है |

आलस्य :- अगर कोई महिला बहुत ज्यादा आलसी है तो उसे माहवारी में समस्या आ सकती है | क्यों की सबसे ज्यादा अनियमित माहवारी की समस्या आलसी महिलाओ में होती है | इसलिए हमेशा Active रहे व कोई न कोई घर का काम अवश्य करती रहे |

Endometriosis:- किसी अज्ञात कारण से महिलाओ में यह रोग हो जाता है जिससे मासिक धर्म में अनियमितता उत्पन्न हो जाती है | इसमें जन्नेंद्रिये में पीड़ा होती है एवं जल्दी – जल्दी या रुक -रुक के मासिक स्राव होता है |

अन्य कारण :-

  • अगर महिला PCOS अर्थात पोलिसिस्टिक ओवेरी सिंड्रोम से पीड़ित है तो अनियमित मासिक धर्म की दिक्कत आती है | अनियमित माहवारी में PCOS सबसे अधिक एवं प्रमुख कारण माना जाता है | इसकी जांच के लिए आपको चिकित्सक से मिलना चाहिए |
  • लम्बे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करने से भी मासिक धर्म में रूकावट आ सकती है |
  • अन्य कारणों में खून की कमी होना भी इसका एक कारण माना जाता है |
  • अधिक गरिष्ठ या फ़ास्टफ़ूड का इस्तेमाल करना |
  • माहवारी के समय ठंडी चीजों का उपयोग
  • खान – पान में अचानक से बदलाव करना
  • ठण्ड लग जाना , ठन्डे पानी में देर तक भीगना
  • किसी आकस्मिक शोक के कारण
  • अत्यधिक व अनर्थक क्रोध के कारण
  • मानसिक परेशानी व दुःख के कारण भी मासिक स्राव में समस्या अर्थात अनियमितता हो सकती है |

लक्षण

पेट के निचले हिस्से में दर्द, वमन, कब्ज, दस्त, भूख न लगना, स्तनों में दर्द, गर्भवती महिलाओं में अचानक से दूध की कमी, गर्भास्य में दर्द, ह्रदय की धड़कन में तेजी, साँस में परेशानी, अत्यधिक थकावट, कान में तरह – तरह की आवाजे आना, शरीर में जगह – जगह सुजन और नींद की कमी | अगर ये लक्षण किसी युवती या महिला में माहवारी के समय के दौरान दिखाई दे तो उसे अनियमित माहवारी की समस्या हो सकती है |

मुख्य उपचार


 

मासिक धर्म के रुक रुक के आने की समस्या में आयुर्वेदिक अशोकारिष्ट एवं रज:परिवर्तिनी वटी का इस्तेमाल किया जा सकता है | अशोकारिष्ट को 20 ml की मात्रा में बराबर पानी मिलाकर सुबह एवं शाम सेवन करने से जल्द ही आराम मिलने लगता है | अगर लम्बे समय से इस समस्या से गुजर रहीं है तो रज:परिवर्तिनी वटी की दो दो गोली सुबह – शाम सेवन करने से भी समस्या से छुटकारा मिलता है |

  • सर्वप्रथम 50 ग्राम सोंठ , 30 ग्राम गुड़, 5 ग्राम वायविडंग एवं 5 ग्राम जौ को लेकर सबको मोटा – मोटा कूट ले | अब 200 ml पानी ले कर ये कूटे हुए सारे पदार्थ इसमे डाल कर पकावे – जब पानी आधा ( 100 ml ) रह जावे तब इस काढ़े का उपयोग निरंतर करे | निश्चित ही आपक रुका हुआ मासिक धर्म फिर से शुरू हो जावेगा |
  • बरगद की जट्टा , कलोंजी और मेथी – इन सब को समान ( 5 – 5 gram) मात्रा में लेकर हल्का या मोटा – मोटा कूट ले | अब आधा किलो पानी में इन सब को डाल कर तेज आंच पर पकावे – जब पानी आधा ( 250 ml ) रह जावे तो इसे उतार कर इसमें शक्कर मिला कर पि जावे | इससे आपकी अनियमित मासिक धर्म की समस्या ख़त्म हो जावेगी |

 

अन्य घरेलु उपचार 

  • ग्वारपाठे का रस दो चम्मच की मात्रा में नियमित खाली पेट लगभग तीन सप्ताह तक  सेवन करे  |
  • 5 ग्राम तुलसी कि जड़ के चूरन का सेवन शहद के साथ करे |
  • पपीते को कच्चा खाने से भी इस रोग में लाभ मिलता है अगर कच्चा पपीता नहीं खा सकते तो कच्चे पपीते की सब्जी बना कर भी इसका लाभ प्राप्त कर सकते है |
  • 3 ग्राम कलि मिर्च का चूर्ण शहद के साथ उपयोग करे – इससे भी रुका हुआ मासिक धर्म फिर से शुरू हो जावेगा |
  • 10 ग्राम तिल , 2 ग्राम कालीमिर्च व 2 नग छोटी पिप्पल को थोड़ी सी शक्कर के साथ लेने से मासिक धर्म खुल कर आता है |
  • आयुर्वेद में वर्णित रज:परिवर्तनी वटी के साथ नियमित अशोकारिष्ट का प्रयोग करने से मासिक धर्म के रुक रुक के आने की समस्या में चमत्कारिक लाभ मिलता है | इन दोनों औषधियों को आप किसी भी आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर से खरीद सकती है |
  • अगर समस्या अधिक है अर्थात मासिक स्राव बहुत ही कम मात्रा में हो रहा है तो एक बार अपने चिकित्सक से परामर्श जरुर ले | आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में इस रोग का उपचार सहज उपलब्ध है |

धन्यवाद

Content Protection by DMCA.com

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.