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स्वस्थ दिनचर्या और स्वस्थ आहार – विहार = सम्पुर्ण निरोगी शरीर

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स्वस्थ दिनचर्या और स्वस्थ आहार – विहार

वर्तमान समय में  प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रोग से पीड़ित है , चाहे वो रोग गंभीर हो या अल्प कालिक छोटा रोग | इन सभी प्रकार के रोगों की शुरुआत हमारी छोटी – छोटी गलतियों से होती है , जिन्हें हम कभी स्वीकार नहीं करते और हम उन रोगों के लिए किसी अन्य कारण को उचित ठहराते है | उदहारण के लिए किसी को नजला जुकाम हो गया तो वह व्यक्ति मौसम को उसका सबसे बड़ा कारण बतलायेगा, जबकि सही कारण कुछ और ही होता है जिसे वह जानकर भी नहीं जानना चाहता |

इस लिए स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है की हम स्वस्थ दिन चर्या को अपनाये | इस लेख में आपको स्वस्थ दिनचर्या और आहार विहार के नियमो का सम्पुर्ण उल्लेख मिलेगा

स्वस्थ दिनचर्या के सामान्य नियम

➤  प्रतिदिन हमें ब्रहम मुर्हत या सूर्य निकलने से पहले उठ जाना चाहिए तथा सबसे पहले अपने धर्म के अनुसार अपने इष्ट देव को याद करना चाहिए | क्योंकि परमात्मा की भक्ति हमे शक्ति व शांति प्रदान करती है और हमे दिनभर की बुराइयों से बचाती है |
➤  इसके पश्चात हमें तांबे के बर्तन में रखा हुआ जल ऋतू अनुसार पीना चाहिए , जो कि  गर्मियों में ठंडा और सर्दियों में गुनगुना हो | क्योंकि पानी के सेवन से मल आसानी से आएगा, कब्ज टूटेगी एवं पेट के कीड़े भी मर जायेंगे
➤  मल्लादी नित्यकर्म से निपटने के पश्चात कुछ समय योग और अगर योग संभव ना हो तो कम से कम टहलना चाहिए जिससे कि शरीर खुल जावे व पूरे दिन शरीर व मन प्रसन रहे |प्रसन मन से किये गए कार्य जल्दी फलित होते है |सफलता की राह आसान होती है |
➤  अब  दांतों की सफाई पर ध्यान दे, इसके साथ जीभ की सफाई – नाक व आँख की सफाई करे |  आँखों पर ठन्डे पानी का प्रयोग करे जिससे की आँखों को शीतलता मिले | आँखों को धोने से ज्योति बढाती है व आँखों के रोग नहीं होते |
➤ नहाने के लिए हमेशा शुद्ध जल का ही प्रयोग करे एवं नहाने से पहले तिल्ली या सरसों के तेल से कम से कम 5 मिनट्स तक स्नेहन ( मालिश ) करे | इससे त्वचा मुलायम व चमकदार बनती है एवं त्वचा से संभंधित छोटे छोटे रोग नहीं होते . अगर तेल को लौंग या अदरक का रस मिला कर पक्का लिया जावे तो यह तेल तवचा के लिए एक ओषधि बन जावेगी |
➤  नहाने के पश्चात अल्पाहार या फलाहार का सेवन करे |
➤  दोपहर के भोजन के पश्चात 1 घंटा आराम व शाम के भोजन के पश्चात थोडा टहलना जरूरी है| भोजन के बाद कभी भी दौड़ना व नहाना नहीं चाहिए |
➤  रात्रि में सोने से पहले परमात्मा का शुक्रिया जरूर करे एवं बिलकुल निश्चिंत होकर नींद ले , क्योंकि गहरी नींद में बुरे सपने नहीं आते और सुबह शरीर व मन बिलकुल हल्का होगा |
➤  नशीले पदार्थ जैसे शराब , भंग , अफीम , गांजा , चरस आदि का प्रयोग कभी भी न करे | यदि किसी नशे की आदत हो तो उसे यथाशीघ्र छोड़ने का प्रयाश करे , क्योंकि शुरआत में भले ही नशा आपको कुछ स्फुर्ती दे लेकिन कुछ समय पश्चात यही नशा आपकी जिन्दगी को नरक बना सकता है | क्योंकि नशे से शरीर खोखला व मन दूषित हो जाता है एवं मनुष्य की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है |
अगर व्यक्ति इन नियमो का पालन करता ह तो वह कभी रोग गर्सित नहीं होगा  एवं वह अपने स्वस्थ्य को और भी मजबूत बना सकता है
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