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पुंसवन कर्म – मन माफिक पुत्र या पुत्री की प्राप्ति

पुंसवन कर्म  ” गर्भाद भवेच्च पुन्सुते पुन्स्त्वस्य प्रतिपादनम “ अर्थात स्त्री गर्भ से पुत्र प्राप्ति हो इसलिए पुंसवन संस्कार किया जाता है | ” पुमान् सूयते अनेन इति पुन्सवनम “ अर्थात जिस कर्म के...