Category: swas rog

पिप्पली 0

पिप्पली – परिचय, गुणधर्म, फायदे एवं औषधीय उपयोग |

पिप्पली (Piper Longum) पिप्पली दो प्रकार की होती है | छोटी पिप्पल और बड़ी पिप्पली | हमारे देश में प्राय: छोटी पिप्पल ही पाई जाती है | बड़ी पीपल अधिकतर इंडोनेशिया, मलेशिया, जावा, सुमात्रा...

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टीबी / TB(Tuberculosis) – टीबी के लक्षण, उपचार और खानपान

टीबी क्या है / What is tuberculosis in Hindi टीबी एक संक्रामक रोग है जो “मायकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस (Mycobacterium Tuberculosis)” जीवाणु के संक्रमण के कारण होता है | इसे कई नामों से जाना जाता है...

तालीशपत्र , तलिशादी चूर्ण 0

तालीशपत्र – परिचय, गुण एवं श्वास रोगों में तलिशादी चूर्ण के फायदे |

तालीशपत्र / Talishpatra In Hindi (Albies webiana Lindle) Talishpatra in hindi – तालीशपत्र एक आयुर्वेदिक हर्बल प्लांट (पौधा) है | इसके पतों का आयुर्वेद में बहुत सी औषधियां बनाने में प्रयोग किया जाता है...

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ब्रोंकाइटिस / Bronchitis के लक्षण, कारण, प्रकार और आयुर्वेदिक इलाज |

ब्रोंकाइटिस / Bronchitis in Hindi ब्रोन्कियल ट्यूब्स में होने वाली सुजन को ब्रोंकाइटिस कहा जाता है | ब्रोंकियल ट्यूब्स (Bronchial Tubes) एक प्रकार की नालियां होती है जो फेफड़ों (Lungs) तक हवा को पहुँचाने...

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बच्चों में होने वाले निमोनिया के कारण , लक्षण, प्रकार और आयुर्वेदिक उपचार

निमोनिया (Pneumonia) / बच्चों का श्वसनक ज्वर  आयुर्वेद में निमोनिया को श्वसनक ज्वर या फुफ्फुसीय ज्वर कहा जाता है | बालकों में श्वसन संस्थान की होने वाली व्याधियों में निमोनिया सबसे प्रमुख व्याधि है...

सिंहासन योग 0

सिंहासन योग कैसे करते है एवं इसके फायदे या लाभ

सिंहासन योग इस आसन को सिंह के सामान आकृति वाला होने के कारण सिंहासन या अंग्रेजी में “Lion Pose” कहा जाता है | सिंहासन का शाब्दिक अर्थ निकालने पर यह दो शब्दों से मिलकर...

सितोपलादि चूर्ण 0

सितोपलादि चूर्ण – बनाने की विधि, सेवन मात्रा और इसके फायदे |

सितोपलादि चूर्ण आयुर्वेद में श्वसन तंत्र से सम्बंधित समस्याओं जैसे – अस्थमा, जुकाम, खांसी, कफज बुखार आदि में इसका प्रचुरता से उपयोग किया जाता है | पाचन सम्बन्धी रोगों में भी यह काफी फायदेमंद...

काली खांसी के उपाय 0

काली / कुकर खांसी – कारण , लक्षण और काली खांसी के उपाय |

कुकर / काली खांसी (Pertussis) / Whooping cough कुकर खांसी को साधारण भाषा में कुत्ता खांसी या काली खांसी भी कहते है | यह ज्यादातर बसंत या शरद ऋतू में अधिकतया होती है |...

च्यवनप्राश 0

शास्त्रोक्त विधि से बनाये च्यवनप्राश – बढाए रोगप्रतिरोधक क्षमता |

च्यवनप्राश / Chywanprash च्यवनप्राश आयुर्वेद की सबसे अधिक बिकने वाली औषधि है | रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाने , रसायन व वाजीकरण के लिए इस औषध योग का सेवन पुरातन समय से ही होता आया है...

भस्त्रिका प्राणायाम 0

भस्त्रिका प्राणायाम – करने की विधि , लाभ और सावधानियां

भस्त्रिका प्राणायाम / Bhastrika Pranayam in Hindi इस भस्त्रिका का अर्थ होता है “धौंकनी” | जिस प्रकार लुहार की धौंकनी निरंतर तीव्र गति से हवा फेंकती रहती है और लोहा गरम होता रहता है...