Category: स्वास्थ्य

काली खांसी के उपाय 0

काली / कुकर खांसी – कारण , लक्षण और काली खांसी के उपाय |

कुकर / काली खांसी (Pertussis) / Whooping cough कुकर खांसी को साधारण भाषा में कुत्ता खांसी या काली खांसी भी कहते है | यह ज्यादातर बसंत या शरद ऋतू में अधिकतया होती है |...

ताड़ासन 0

ताड़ासन (Tadasana Yoga) योग – कैसे करे, इसके लाभ और सावधानियां |

ताड़ासन / Tadasana Yoga in Hindi शरीर की लम्बाई बढ़ाने और मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए इस आसन का प्रयोग किया जाता है | ताड़ासन का संधि विच्छेद करने पर यह – ताड़...

च्यवनप्राश 0

शास्त्रोक्त विधि से बनाये च्यवनप्राश – बढाए रोगप्रतिरोधक क्षमता |

च्यवनप्राश / Chywanprash च्यवनप्राश आयुर्वेद की सबसे अधिक बिकने वाली औषधि है | रोगप्रतिरोधक क्षमता बढाने , रसायन व वाजीकरण के लिए इस औषध योग का सेवन पुरातन समय से ही होता आया है...

गलगंड 0

गलगंड रोग / Hyper Thyroidism – कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज

गलगंड (Goiter) / Thyroid Treatment निभद्ध: श्वयथुर्यश्य मुष्कवल्लभते गले | महान वा यदि वा हृश्वों गलगंड तमादी शेत || इस श्लोक के अर्थो में जिसके गले में बड़ा या छोटा सूजन युक्त , अंडकोष...

पेप्टिक अल्सर 0

पेप्टिक अल्सर क्या है ? – कारण , लक्षण और आयुर्वेदिक उपचार

पेप्टिक अल्सर / Peptic Ulcers in Hindi अल्सर का शाब्दिक अर्थ होता है घाव | पेप्टिक अल्सर एक पारिभाषिक शब्द है जिसके अंतर्गत गैस्ट्रिक अल्सर और ड्यूडिनल अल्सर दोनों आते है | इसमें से...

भ्रामरी प्राणायाम 0

भ्रामरी प्राणायाम कैसे करे ? – इसकी विधि, लाभ एवं सावधानियां |

भ्रामरी प्राणायाम / Bhramri Pranayama भ्रामरी शब्द भ्रमर से बना है जिसका अर्थ होता है “भौंरा”| भ्रामरी प्राणायाम करते समय साधक भौंरे के समान आवाज करता है , इसलिए इसे भ्रामरी प्राणायाम कहा जाता...

भस्त्रिका प्राणायाम 0

भस्त्रिका प्राणायाम – करने की विधि , लाभ और सावधानियां

भस्त्रिका प्राणायाम / Bhastrika Pranayam in Hindi इस भस्त्रिका का अर्थ होता है “धौंकनी” | जिस प्रकार लुहार की धौंकनी निरंतर तीव्र गति से हवा फेंकती रहती है और लोहा गरम होता रहता है...

सूर्यभेदी प्राणायाम 0

सूर्यभेदी प्राणायाम – इसकी विधि , लाभ एवं सावधानियां |

सूर्यभेदी / सूर्यभेदन  प्राणायाम सुर्यभेदी प्राणायाम की विशेषता होती है की इसमें पूरक क्रिया नाक के दांये छिद्र से की जाती है | नाक के दांये छिद्र को सूर्य स्वर और बांये को चन्द्र...

प्राणायाम 0

प्राणायाम – क्या है ? इसके प्रकार , लाभ, अवस्थाएँ एवं सावधानियां |

प्राणायाम / Pranayama अष्टांग योग में प्राणायाम का एक विशेष स्थान है | अष्टांग योग के चतुर्पद में “प्राणस्य आयाम: इति प्राणायाम:” लिखा है , इसका अर्थ है की प्राण का विस्तार ही प्राणायाम...

हिचकी रोकने के उपाय 0

हिचकी / Hiccough – हिचकी रोकने के उपाय, कारण व आयुर्वेदिक दवा

हिचकी (हिक्का) रोग / Hiccough – रोकने के उपाय हिक इति कृत्वा कायति शब्दायते इति हिक्का | अर्थात शरीर के द्वारा ( उदान , प्राणवायु, यकृत , प्लीहा और आंतो के द्वारा ) “हिक्क”...